8 साल बाद कानपुर आए अभिनेता विवेक ओबराय, हनुमान अंश मूवी की सफलता पर कही बड़ी बात, बोले- दर्शक ही भगवान
अभिनेता विवेक ओबेरॉय ने कानपुर में एक ज्वैलरी शोरूम के उद्घाटन पर कहा कि दर्शक ही भगवान हैं और 'हनुमान ...और पढ़ें

प्रशंसकों हाथ उठाकर अभिवादन स्वीकार करते अभिनेता विवेक ओबराय। जागरण
HighLights
विवेक ओबेरॉय ने कानपुर में नए ज्वैलरी शोरूम का उद्घाटन किया
'हनुमान अंश' की सफलता पर दर्शकों को भगवान बताया
कानपुर के विकास और मशहूर खान-पान की प्रशंसा की
जागरण संवाददाता, कानपुर। बालीवुड का भगवान इसका दर्शक ही है। वह मिर्जापुर जैसी वेबसीरीज और फिल्में भी पसंद करता है और हनुमान अंश जैसी छोटे बजट की फिल्म पर भी अपना प्यार लुटाता है। यह बात अभिनेता विवेक ओबेराय ने सोमवार को बिरहाना रोड स्थित ज्वैलर्स के नए शोरूम के उद्घाटन अवसर पर मीडिया से बातचीत में कही।
उन्होंने शहर से अपने रिश्तों की याद ताजा करते हुए बताया कि पहली फिल्म 'कंपनी' के प्रमोशन के दिनों में लखनऊ-कानपुर उनके लिए हमेशा एक ट्विन-सिटी टूर जैसा रहा है। लगभग सात - आठ साल बाद अब आया हूं तो शहर को तेजी से विकास और प्रगति की राह पर आगे बढ़ते देखकर अच्छा लग रहा है।
शहर के मशहूर खान-पान का जिक्र करते हुए उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा, 'कानपुर आना मतलब कैलोरी बढ़ाना।' उन्होंने अपने पुराने दौरे का एक किस्सा साझा करते हुए बताया कि एक बार वे यहां चाट खाने गए थे, जहां प्रशंसकों और मीडिया के बीच घिर गए तो गेट बंद करना पड़ा था और उन्होंने सबसे घिरे रहकर चाट का पूरा लुत्फ उठाया था।
पर्दे पर नायक, खलनायक और ग्रे किरदारों को निभाने के सवाल पर विवेक ने कहा कि एक कलाकार को हर रंग में अपनी कला दिखानी चाहिए। केवल एक दिशा में बंधकर काम करना अभिनेता और दर्शक दोनों के लिए बोरिंग हो जाता है। उन्होंने कहा, 'मेरे हिसाब से किरदार सिर्फ दो तरह के होते हैं दिलचस्प या बोरिंग। अगर किरदार दिलचस्प है और दर्शकों का मनोरंजन कर रहा है, तो उसका रंग मायने नहीं रखता।'
एक अभिनेता या उद्यमी (बिजनेसमैन) होने की प्राथमिकता पर उन्होंने कहा कि इस इंडस्ट्री ने उन्हें पहचान और बहुत कुछ दिया है, जिसके वे हमेशा शुक्रगुजार रहेंगे। आज वे सिनेमा केवल अपने पैशन और क्रिएटिविटी की संतुष्टि के लिए करते हैं, क्योंकि उनका बिजनेस उन्हें यह आजादी देता है।
