फर्रुखाबाद में गंगा में आई बाढ़ में डूबकर बुजुर्ग की मौत, भैंस चराने गए थे खेत
फर्रुखाबाद में गंगा नदी में आई बाढ़ का प्रकोप लगातार बढ़ रहा है, जिसके चलते एक 70 वर्षीय बुजुर्ग महेश यादव की डूबने से मौत हो गई। वे भैंस चराने खेत गए ...और पढ़ें

गांव समैचीपुर चितार में पानी भरने से सुरक्षित स्थान पर जाने को बैलगाड़ी में सामान रखते ग्रामीण। जागरण
HighLights
फर्रुखाबाद में गंगा बाढ़ से बुजुर्ग की डूबकर मौत
महेश यादव भैंस चराने गए थे, शव बूढ़ी गंगा में मिला
बाढ़ का प्रकोप बढ़ा, पुलिस ने शव पोस्टमार्टम को भेजा
जागरण संवाददाता, फर्रुखाबाद। फर्रुखाबाद में बाढ़ का प्रकोप लगातार बढ़ता जा रहा है। गंगा में आई बाढ़ की वजह से पहले मकान गिरने शुरू हुए और अब डूबने से बुजुर्ग की मौत की घटना सामने आई। थाना कंपिल के गांव अर्जुन नगला निवासी 70 वर्षीय महेश यादव रविवार दोपहर भैंस चराने खेत गए थे। वह शाम को घर नहीं पहुंचे। इससे स्वजन उनकी तलाश करने लगे, लेकिन उनका पता नहीं चला।
सूखी बूढ़ी गंगा में इस समय गंगा में आई बाढ़ का पानी भरा है। सोमवार सुबह कुछ ग्रामीणों को बूढ़ी गंगा में भरे पानी में शव उतराता दिखाई दिया। उन्होंने बाहर निकाला तो वह शव महेश यादव का था। घटना की जानकारी मिलने पर स्वजन रोने बिलखने लगे। पुलिस ने मौके पर जाकर जांच की और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
10 सेमी जलस्तर और बढ़ गया
इधर, गंगा का जलस्तर 10 सेंटीमीटर बढ़कर समुद्र तल से 136.95 मीटर पर पहुंच गया है। जो खतरे के निशान 137.10 मीटर से 15 सेंटीमीटर दूर रह गया है। केंद्रीय जल आयोग के मुताबिक नरौरा बांध से गंगा में 153173 क्यूसेक, बिजनौर बैराज से 97717 क्यूसेक, हरिद्वार बैराज से 94616 क्यूसेक पानी पास किया जा रहा है। जिससे गंगा के जलस्तर में और वृद्धि होगी। इससे 36 तटवर्ती गांव बाढ़ से प्रभावित हैं। ग्रामीण नाव से आवागमन कर रहे हैं। रामगंगा का जलस्तर गेज के नीचे है। खोह, हरेली, रामनगर से रामगंगा में 2991 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है।