कानपुर में अनोखी पहल! धूप में भटकते जनगणना कर्मियों के लिए दरवाजे पर चिपकाई SE ID, ये अनूठी पहल इंटरनेट मीडिया पर वायरल
कानपुर के आरटीआई एक्टिविस्ट अर्पण सक्सेना ने भीषण गर्मी में जनगणना कर्मियों की मदद के लिए अपनी सेल्फ एन्यूमरेशन आईडी (एसई आईडी) घर के दरवाजे पर चस्पा ...और पढ़ें

श्याम नगर स्थित देवविद्या अपार्टमेंट के बाहर सेल्फ एन्यूमरेशन आईडी का चस्पा पोस्टर। सौ.स्वयं
HighLights
आरटीआई एक्टिविस्ट ने दरवाजे पर चस्पा की एसई आईडी
भीषण गर्मी में जनगणना कर्मियों को मिली बड़ी राहत
कानपुर में यह पहल बनी चर्चा का विषय, प्रेरणादायक
जागरण संवाददाता, कानपुर। जेठ की झुलसाती धूप में जब लोग घरों से निकलने से बच रहे हैं, तब जनगणना कर्मी घर-घर जाकर देश के सबसे बड़े सांख्यिकीय अभियान को पूरा करने में जुटे हैं। ऐसे कठिन समय में श्याम नगर बी ब्लाक निवासी व्यापारी और आरटीआई एक्टिविस्ट अर्पण सक्सेना की छोटी-सी पहल संवेदनशीलता की बड़ी मिसाल बन गई।
उन्होंने अपनी सेल्फ एन्यूमरेशन आईडी घर के बाहर चस्पा कर दी, ताकि जनगणना कर्मियों को बार-बार इंतजार न करना पड़े। इस पहल ने न सिर्फ कर्मियों का समय बचाया, बल्कि यह संदेश भी दिया कि सरकारी अभियानों की सफलता केवल कर्मचारियों नहीं, जागरूक नागरिकों की भागीदारी से भी तय होती है।
देवविद्या अपार्टमेंट निवासी अर्पण सक्सेना ने अभियान के मदद के लिए अनूठा तरीका अपनाया। उन्होंने अपनी एसई आईडी कागज में लिखकर दरवाजे पर चस्पा कर दी, ताकि गणना कर्मियों को कोई परेशानी न हो। उन्होंने बताया कि इस भीषण गर्मी में जनगणना कर्मी लगातार फील्ड में काम कर रहे हैं।
कई बार उन्हें एक ही घर पर काफी देर तक इंतजार करना पड़ता है या लोगों को आईडी खोजने में समय लग जाता है। ऐसे में उन्होंने सोचा कि यदि आईडी पहले से ही दरवाजे पर लिखी हो तो कर्मियों का समय बचेगा और वे कम समय में अधिक घरों का काम आसानी से पूरा कर सकेंगे। उनकी यह पहल अब इलाके में चर्चा का विषय बन गई है। वह आसपास के लोगों को भी इस अभियान में सहयोग की अपील करते हुए लोगों से एसई आईडी दरवाजे पर चस्पा करने की अपील कर रहे हैं।
यह होती है सेल्फ एन्यूमरेशन आईडी
घर-घर गणना अभियान 22 मई से शुरू हो गया है। पहले चरण में 55 हजार लोगों ने मोबाइल और कंप्यूटर के माध्यम से स्व-गणना की थी। इसके बाद उन्हें ‘एच’ अक्षर से शुरू होने वाली 11 अंकों की विशिष्ट पहचान संख्या यानी एसई आईडी जारी की गई। यही आईडी जनगणना कर्मियों के लिए यह प्रमाण होती है कि संबंधित परिवार अपनी जानकारी पहले ही आनलाइन दर्ज कराने का प्रमाण होती है। गणना कर्मिकों को यह मिलने पर किसी से ज्यादा जानकारी लेने की आवश्यकता नहीं होती है।