Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    LPG Crisis के बीच सिस्टम की अव्यवस्था...गैस सिलिंडर के लिए PNG उपभोक्ता भी लाइन में

    Updated: Sun, 29 Mar 2026 05:18 AM (IST)

    कानपुर में एलपीजी संकट गहरा गया है, जिसका मुख्य कारण सिस्टम की अव्यवस्था और पीएनजी उपभोक्ताओं का भी एलपीजी सिलिंडर के लिए लाइन में लगना है। 1.25 लाख स ...और पढ़ें

    ये फोटो एआई जनरेटेड है।

    ये फोटो एआई जनरेटेड है।

    HighLights

    1. कानपुर में 1.25 लाख पीएनजी धारक भी ले रहे एलपीजी।

    2. सिस्टम की अव्यवस्था और सत्यापन की कमी से बढ़ा संकट।

    3. जिलापूर्ति अधिकारी ने दोहरे कनेक्शन रद्द करने के निर्देश दिए।

    जागरण संवाददाता, कानपुर। एशिया में संकट के बीच एलपीजी की कुछ किल्लत है और बहुत कुछ सिस्टम की अव्यवस्था ने पैदा कर दी है। एक लाख से अधिक वह उपभोक्ता भी दोहरा लाभ लेने के लिए गैस वितरण एजेंसी पर लाइन में खड़े हैं, जिनके पास पीएनजी कनेक्शन के साथ ही एलपीजी की भी सुविधा है।

    इन लोगों के पास एक बल्कि किसी के पास तो दो या इससे अधिक संख्या में एलपीजी सिलिंडर हैं। हालांकि, ये उपभोक्ता किल्लत के पहले पीएनजी कनेक्शन लेने के बाद दोबारा एलपीजी सिलिंडर रीफिल कराने का गैस वितरण एजेंसी नहीं पहुंचे, पर अब वह लोग भी एलपीजी सिलिंडर रीफिल कराने को लाइन में लगे हैं।

    गैस वितरण एजेंसी संचालकों का कहना है कि एलपीजी और पीएनजी, दोनों के कनेक्शनधारकों के सत्यापन का कार्य जिलापूर्ति अधिकारी का है, जबकि गैस वितरण एजेंसी संचालकों का काम उपभोक्ता को एलपीजी उपलब्ध कराना है। एजेंसी संचालकों का कहना है कि एलपीजी के कौन-कौन उपभोक्ता पीएनजी का लाभ ले रहे हैं, इसकी पहचान के लिए उनके पास नामों की कोई सूची नहीं है।

    इस दौरान एजेंसी के सामने लाइन में खड़े लोगों में 10-15 प्रतिशत वह भी हैं, जो केवाईसी के अभाव में गैस सिलिंडर की बुकिंग नहीं करा पा रहे हैं। वैसे नियम है कि जो उपभोक्ता एक वर्ष तक एलपीजी सिलिंडर की दोबारा बुकिंग नहीं कराएगा, उसका कनेक्शन स्वत: डी-एक्टिवेट हो जाएगा लेकिन गैस की सप्लाई देने वाली कंपनियों के साफ्टवेयर में खामी होने से ऐसा भी संभव नहीं हो पा रहा है। एजेंसी संचालक बताते हैं कि गैस सिलिंडर के लिए मारामारी है तो वह उपभोक्ता भी आ रहे हैं जिन्होंने पिछले कई वर्षों से एलपीजी लेने को बुकिंग ही नहीं की है और उनके कनेक्शन अभी तक सक्रिय हैं।

    खबरें और भी

    एलपीजी किल्लत का माहौल सिस्टम की अव्यवस्था

    कानपुर गैस वितरक संघ के अध्यक्ष मनीष कुमार का कहना है कि सेंट्रल यूपी गैस लिमिटेड (सीयूजीएल) के अधिकारियों ने एलपीजी उपभोक्ताओं को पीएनजी कनेक्शन दे रखे हैं जबकि, पीएनजी कनेक्शन उसी शर्त में देने चाहिए थे, जब उपभोक्ता एलपीजी कनेक्शन सरेंडर कर देता और प्रमाण के तौर पर उसकी कोई रसीद उपलब्ध कराता। सीयूजीएल अधिकारियों ने ऐसा कुछ नहीं किया और कंपनी हित में एलपीजी उपभोक्ताओं को भी पीएनजी की सुविधा दे रहे हैं।

    उपभोक्ता पीएनजी सुविधा भी ले रहा है और एलपीजी सिलिंडर रीफिल कराने को वितरण एजेंसियों पर लाइन में खड़ा है। ऐसे में एलपीजी की किल्लत का माहौल बनना स्वाभाविक है। उन्होंने कहा कि दोहरा लाभ लेने वाले उपभोक्ताओं का सत्यापन कर उनके एलपीजी कनेक्शन निरस्त कर सिलिंडर जमा कराने का काम जिलापूर्ति अधिकारी का है। उन्होंने बताया कि उनकी चकेरी में एजेंसी है। सलेमपुर ड्योढ़ीघाट में एलपीजी के 350 उपभोक्ता हैं। इन्हें पीएनजी कनेक्शन दिए गए हैं और उनके पास एलपीजी का भी कनेक्शन है।

    बिना सूची कैसे करें पहचान

    गैस वितरक संघ के अध्यक्ष का कहना है कि जो उपभोक्ता पीएनजी सुविधा ले रहे हैं, उन्हें एलपीजी सिलिंडर न देने के निर्देश मिले हैं। सवाल ये है कि इनकी पहचान एजेंसी संचालक कैसे करें, क्योंकि पीएनजी उपभोक्ताओं की कोई सूची तो उन्हें दी नहीं गई है।

    कंपनियों के साफ्टेवयर भी दे रहे धोखा

    गुरुदेव चौराहे पर रेलवे क्रासिंग-11 के सामने सत्य साईं गैस सर्विस पर लाइन में खड़ी सुनीता, शशि, सुमित, उस्मान ने बताया कि उन्होंने कंपनी के नंबर पर फोन कर गैस बुक कराई है लेकिन डीएसी नंबर नहीं आया है। एजेंसी संचालक अनिल मित्तल और कानपुर गैस वितरक संघ के अध्यक्ष मनीष ने बताया कि बीच-बीच में सर्वर दिक्कत कर रहा है। बुकिंग न होने की स्थिति में भी उपभोक्ता जानकारी पाने को लाइन में खड़ा है। एजेंसी संचालक ऐसे में उपभोक्ताओं की संख्या 10-20 प्रतिशत बता रहे हैं।

    सीयूजीएल मैनेजर को नहीं पता एलपीजी उपभोक्ताओं की संख्या

    सीयूजीएल के मैनेजर मुही खान का कहना है कि शहर में 2700 किमी दायरे में पीएनजी लाइन डाले जाने के बाद उपभोक्ताओं की संख्या बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है। इधर, कुछ दिनों में ही 700 नए आवेदन प्राप्त हुए हैं। उन्होंने बताया कि जितने भी मुहल्लों में पीएनजी सुविधा है, उन क्षेत्रों में एलपीजी के उपभोक्ताओं की संख्या या विवरण के बारे में उन्हें कोई जानकारी नहीं है। फिर भी जिन लोगों के पास पीएनजी कनेक्शन हैं, उन्हें नोटिस देकर अगले तीन महीने में एलपीजी के सिलिंडर वापस कर सूचना वाट्सएप पर भेजने को कहा गया है।

    50 हजार दे सकते कनेक्शन, पर नहीं मिल रहे लेने वाले

    आइजीएल (ग्रामीण क्षेत्रों में पीएनजी आपूर्ति करने वाली कंपनी) के मुख्य महाप्रबंधक अमित धर ने बताया कि उन्होंने रूमा से कौशांबी बार्डर तक 60 से अधिक गांव-कस्बों में 750 किमी में पीएनजी लाइन डाल रखी है। जिसमें 7500 परिवार कनेक्शन लिए हैं। क्षमता के हिसाब में 50 हजार और लोगों को पीएनजी सप्लाई के लिए कनेक्शन दे सकते हैं, पर उपभोक्ता तैयार नहीं हो रहे हैं। कनेक्शन बांटने को उपभोक्ताओं से संपर्क कर रहे हैं।

    एलपीजी के 11.55 लाख उपभोक्ता हैं जिले में

    विभिन्न पेट्रोलियम कंपनियों की जिले में 90 गैस वितरण एजेंसी हैं, जहां 11,49,865 लोग घरेलू गैस सिलिंडर के उपभोक्ता हैं। इसके अलावा 11,774 लोग कमर्शियल गैस सिलिंडर ले रखे हैं। इस तरह एलपीजी के कुल 11,55,849 लोगों ने कनेक्शन ले रखे हैं। इनमें सक्रिय कनेक्शनों की संख्या 11,44,075 है।

     

    दो मार्च को सिलिंडर बुक कराया था। 25 दिन बाद रसीद लेने आए तो एजेंसी वाले बता रहे हैं कि गैस आपके घर पहुंच गई है लेकिन घर पर नहीं पहुंची।
    - आदर्श कुमार, बारासिरोही

     

    20 दिन से खाना चूल्हे पर बना रहे हैं। तीन मार्च को गैस बुक कराई थी, सिलिंडर घर नहीं पहुंचा है। चार दिन से एजेंसी जाकर लाइन में लग रहे हैं।
    - आशा, कल्याणपुर

     

    1.25 लाख परिवार पीएनजी धारक हैं, इनमें अधिकांश के पास एलपीजी का भी कनेक्शन है। दोहरा लाभ लेने वाले इन उपभोक्ताओं से एलपीजी सिलिंडर वापस लेने का काम कंपनियों का है। कंपनियों के अधिकारियों से बात की जाएगी।
    - राकेश कुमार, जिलापूर्ति अधिकारी