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    कानपुर में जूता फैक्ट्री में भीषण आग, संकरी गलियों में फंसे दमकल वाहन

    Updated: Wed, 22 Apr 2026 03:46 PM (IST)

    कानपुर के जाजमऊ स्थित एचएस इंटरनेशनल जूता फैक्ट्री में मंगलवार रात भीषण आग लग गई, जिससे करीब चार करोड़ रुपये का नुकसान हुआ। संकरी गलियों के कारण दमकल ...और पढ़ें

    जूता फैक्ट्री में लगी आग देखते आसपास के लोग। जागरण

    जूता फैक्ट्री में लगी आग देखते आसपास के लोग। जागरण

    HighLights

    1. कानपुर की जूता फैक्ट्री में मंगलवार रात भीषण आग।

    2. आग से फैक्ट्री मालिक को चार करोड़ का नुकसान।

    3. संकरी गलियों के कारण दमकल को आग बुझाने में दिक्कत।

    जागरण संवाददाता, कानपुर। जाजमऊ के वाजिदपुर स्थित जूता फैक्ट्री (एचएस इंटरनेशनल) में मंगलवार रात भीषण आग लग गई। गार्ड शोर मचाते हुए बाहर भागे और पुलिस के साथ ही फायर ब्रिगेड को सूचना दी। इसके बाद आग पर काबू पाने के लिए जाजमऊ, किदवई नगर, लाटूश रोड, फजलगंज और मीरपुर फायर स्टेशन से सात गाड़ियां पहुंचीं लेकिन संकरी गलियों में फंस गई।

    हौज पाइप की लंबाई बढ़ाकर आग पर काबू पाने का प्रयास किया गया। करीब चार घंटे की मशक्कत के बाद दमकल कर्मियों ने आग बुझाई। फैक्ट्री मालिक ने चार करोड़ रुपये के नुकसान का अनुमान जताया है। प्रारंभिक जांच में शार्ट सर्किट से आग लगने की बात सामने आई है।

    जाजमऊ के जेके कालोनी स्थित एमराल्ड गुलिस्तां निवासी नौशाद अहमद की वाजिदपुर में एचएस इंटरनेशनल के नाम से जूता फैक्ट्री है। फैक्ट्री में करीब 500 कर्मचारी काम करते हैं। तीन मंजिला भवन में संचालित फैक्ट्री में निचले तल पर जूता कटिंग का काम होता है। प्रथम तल पर जूते की सोलिंग, फिनिशिंग और पैकिंग की जाती है। इसके ऊपर लैब और स्प्रे डिपार्टमेंट है।

    मंगलवार देर रात फैक्ट्री में भीषण आग लग गई। सबसे बड़ा नुकसान एक हफ्ते पहले लगाए गए अपर फिनिशिंग प्लांट को हुआ है, जिसकी अनुमानित लागत दो करोड़ रुपये से अधिक बताई जा रही है। टेनरी में आग लगने की जानकारी पर जाजमऊ, मीरपुर, किदवई नगर, फजलगंज और पनकी से सात दमकल वाहन मौके पर पहुंचे। संकरी गलियों में फंसने पर वाहन फैक्ट्री तक नहीं पहुंच सके। इस पर पाइप की लंबाई बढ़ाकर पानी की बौछार की गई। करीब चार घंटे बाद आग पर काबू पाया जा सका।

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    जाजमऊ फायर स्टेशन अफसर राहुल नंदन के अनुसार, घटना में कोई जनहानि नहीं हुई है। घटना के दौरान मौजूद लोगों ने बताया कि कंपनी में करीब सात बजे छुट्टी होती है, सभी को निकलने में आधे घंटे का समय लगता है, यह आगजनी करीब आठ बजे के बाद हुई है। अगर यह पहले लगती तो बड़ा हादसा हो सकता था।