कानपुर में 400 करोड़ से विकसित होगा एसपीईआइजेड, हजारों युवाओं की निखरेगी प्रतिभा
कानपुर में 400 करोड़ रुपये की लागत से सरदार वल्लभभाई पटेल रोजगार एवं औद्योगिक क्षेत्र (एसपीईआइजेड) विकसित किया जाएगा। यह परियोजना प्रतिवर्ष 25 हजार यु ...और पढ़ें

तस्वीर का इस्तेमाल प्रतीकात्मक प्रस्तुतीकरण के लिए किया गया है। जागरण
HighLights
कानपुर में 400 करोड़ का एसपीईआइजेड होगा विकसित।
प्रतिवर्ष 25 हजार युवाओं को मिलेगा आधुनिक तकनीक प्रशिक्षण।
टाटा, महिंद्रा जैसी कंपनियां देंगी कौशल विकास प्रशिक्षण।
जागरण संवाददाता, कानपुर। सरदार वल्लभभाई पटेल रोजगार एवं औद्योगिक क्षेत्र (एसपीईआइजेड) परियोजना में जिले को बड़ी प्राथमिकता मिलने जा रही है। शहर में चकेरी, कल्याणपुर और ट्रांसगंगा सिटी में एसपीईआइजेड के लिए 50 से 100 एकड़ भूमि चिह्नित की गई है। इस केंद्र के विकसित होने से उद्योग, कौशल विकास और रोजगार को नई गति मिलने की उम्मीद है।
परियोजना के तहत प्रतिवर्ष 25 हजार युवाओं को आधुनिक तकनीक का प्रशिक्षण देकर सीधे रोजगार से जोड़ा जाएगा। इसके लिए देश की दो बड़ी कंपनियों से अनुबंध भी कर लिया गया है। योजना विकसित करने के लिए 400 करोड़ रुपये का बजट आरक्षित किया गया है।
उद्योग निदेशक एवं मंडलायुक्त के.विजयेन्द्र पांडियन ने बताया कि सरदार वल्लभभाई पटेल की वर्ष 2031 में 150 वीं जयंती पर केंद्र और राज्य सरकार युवाओं को सौगात देने की दिशा में काम कर रही है। उद्योग विभाग ने जिले में एसपीईआइजेड विकसित करने के लिए चकेरी के एरो सिटी, कल्याणपुर में आइआइटी कानपुर के पीछे तथा ट्रांसगंगा सिटी में भूमि चिह्नित की है।
परियोजना के तहत अत्याधुनिक कौशल विकास पर विशेष जोर रहेगा। युवाओं को ईवी इक्विपमेंट मैन्युफैक्चरिंग, थ्री-डी प्रिंटिंग, रोबोटिक्स, आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस, एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग और अन्य उभरती औद्योगिक तकनीकों का प्रशिक्षण दिया जाएगा। उद्योगों की आवश्यकता के अनुरूप पाठ्यक्रम तैयार किए जाएंगे, जिससे प्रशिक्षण पूरा करने के बाद युवाओं को सीधे रोजगार मिल सके।
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सरकार की योजना के अनुसार टाटा और महिंद्रा जैसी प्रमुख औद्योगिक कंपनियां यहां अपने प्रशिक्षण केंद्र स्थापित करेंगी। इन कंपनियों के विशेषज्ञ युवाओं को उद्योग आधारित प्रशिक्षण देंगे। इससे प्रशिक्षण और रोजगार के बीच का अंतर कम होगा और स्थानीय उद्योगों को प्रशिक्षित मानव संसाधन उपलब्ध हो सकेगा।
परियोजना के अंतर्गत 25 स्किलिंग सेंटर, 40 औद्योगिक शेड, छात्रावास तथा अन्य आधारभूत सुविधाओं का निर्माण होगा। उद्योगों की आवश्यकता के अनुसार अलग-अलग कामर्शियल और औद्योगिक जोन विकसित किए जाएंगे, जहां संबंधित क्षेत्र की इकाइयों को भूमि और प्लग एंड प्ले सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।
कानपुर को कानपुर-प्रयागराज औद्योगिक जोन का प्रमुख केंद्र बनाया गया है। यहां स्किल डेवलपमेंट सेंटर, रोजगार सहायता केंद्र, उद्यमिता सहायता केंद्र, डिजिटल साक्षरता, विदेशी भाषा प्रशिक्षण और औद्योगिक पार्क जैसी सुविधाएं एक ही परिसर में उपलब्ध होंगी।
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