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कानपुर नगर निगम कार्यकारिणी सदस्यों का चुनाव में भाजपा-सपा पार्षद भिड़े, गालीगलौज और मारपीट

Published: Sat, 26 Sep 2026 02:50 PM (IST)

कानपुर नगर निगम कार्यकारिणी के छह रिक्त सदस्यों के चुनाव के दौरान निष्कासित पार्षद पवन गुप्ता के पहुंचने पर हंगामा ...और पढ़ें

HighLights

  1. कानपुर नगर निगम कार्यकारिणी सदस्यों का चुनाव शुरू हुआ

  2. निष्कासित पार्षद पवन गुप्ता के पहुंचने पर हंगामा

  3. कांग्रेस ने टेंडर घोटाले पर चर्चा की मांग की

जागरण संवाददाता, कानपुर। लापता सड़कों, गड्ढों, खोदी सड़क, जलभराव, बंद लाइटों और फैली गंदगी से शहर जूझ रहा है। वहीं, नगर निगम सदन की शनिवार को हुई बैठक में जनता की समस्याओं को उठाने और अफसरों को घेरने की जगह सपा व भाजपा के पार्षद अपने वार्ड के सीमांकन को लेकर भिड़ गए और गालीगलौज करते हुए मारपीट की। सदन की गरिमा को तार-तार कर दिया। टेंडर घोटाले और मंगल भवन, हाट मिक्स प्लांट समेत अन्य कमेटियों को भंग किए जाने को लेकर महापौर के साथ पार्षदों ने भी नगर आयुक्त से जवाब मांगा।

26 दिसंबर 2025 के बाद शनिवार को नगर निगम सदन कार्यकारिणी के छह सदस्यों के चुनाव को लेकर बुलाया गया था। भाजपा पार्षद दल के नेता नवीन पंडित ने सदन शुरू होते ही कहा कि पहले जलभराव, टूटी सड़कों के साथ ही पिछले दिनों टेंडर अनियमितता पर नगर निगम आई पुलिस के बाद पूरे कानपुर की छवि खराब हुई। पार्षदों पर कमीशन लेने का आरोप लगा है।

साथ ही बिना कार्यकारिणी व सदन की स्वीकृति के समितियों को खत्म किया गया है यह गलत है। इस पर पक्ष-विपक्ष चर्चा करना चाहता है। इसपर महापौर ने कहा कि यह बात सही है पहले चर्चा हो जाए, सदस्यों का चुनाव बाद में हो जाएगा। पार्षद विकास जायसवाल व आलोक पांडेय ने कहा कि जब एजेंडे में नहीं है तो क्यों होना चाहिए। इस पर सभी पार्षदों ने कहा कि उनको जनता के सामने जवाब देना है। पहले चर्चा होगी।

कांग्रेस पार्षद दल के नेता सुहेल अहमद ने कहा कि टेंडर घोटाले के आरोपों के बाद जनता पार्षदों को चोर समझ रही है। 594 करोड़ रुपये के टेंडर में कितना घोटाला हुआ है। 33 हजार करोड़ रुपये तक का घोटाला लिख दिया गया है। कहा कि नगर आयुक्त बताएं कि कितनी लूट हुई है। अफसर ही टेंडर कराने की शर्तें तय करते है।

पहले कहते है कि प्लांट वाले ही ठेकेदार टेंडर डाल सकेंगे बाद में जिनके पास नहीं है वह भी डाल सकते है। 15 प्रतिशत बिलो तक टेंडर डाल सकते है इसके बाद जितने भी बिलो पर टेंडर डाल सकते है। रजत बाजपेयी ने कहा कि केवल पार्षद और ठेकेदार की दोषी हैं अफसर सब दूध के धुले हैं। आदर्श गुप्ता, अमित जायसवाल, कौशल मिश्रा, शालू कनौजिया, राशिद महमूद ने कहा कि इसको साफ साफ बताया जाए। नगर आयुक्त ने कहा कि मामले में जांच चल रही है, इसकी रिपोर्ट दूंगा।

महापौर प्रमिला पांडेय ने कहा कि समितियां किस आधार पर निरस्त की है, इसपर नगर आयुक्त ने कहा कि किस समिति की बात हो रही है। पार्षद नवीन पंडित ने कहा कि हाट मिक्स प्लांट, मंगल भवन की समिति कैसे खत्म हुई। इसपर नगर आयुक्त ने कहा कि यह सदन सिर्फ चुनाव को लेकर है, क्योंकि एजेंडे में शामिल नहीं है इसलिए अभी नहीं उनके पास कोई तथ्य नहीं हैं, जल्द रिपोर्ट बनाकर प्रस्तुत करेंगे।

लगातार पूछे जाने के बाद नगर आयुक्त ने कहा कि मंगल भवन की कमेटी में छह लोग थे। सीएसआर फंड से मंगल भवन बना है। अभी कई तथ्य नहीं है। अगली बार सदन में रिपोर्ट रखेंगे। गोविंद शुक्ला ने कहा कि ने कहा कि बृजेन्द्र स्वरूप पार्क बेनाझाबर में स्काउट भवन के संचालक पर भी कार्रवाई करें। नगर आयुक्त ने कहा कि उसकी भी जांच होगी।

इस दौरान चार सदन से निष्कासित पार्षद पवन गुप्ता सदन में पहुंचे। उन्होंने कार्यकारिणी चुनाव में मत देने की अनुमति मांगी। इस पर महापौर ने कहा कि ऐसा नहीं हो सकता है और बाहर कर दिया। इस दौरान पार्षद आलोक पांडेय ने कहा कि भाजपा के कौशल मंडल के मंत्री को महापौर कार्यालय में चोरी के आरोप में बैठा दिया यह गलत है। इसको लेकर बागी पार्षद आलोक पांडेय, विकास जायसवाल, लक्ष्मी कोरी और हरिस्वरूप तिवारी सदन पटल में आ गए। विरोध शुरू कर दिया।

मांगों को लेकर हंगामा शुरू कर दिया। लक्ष्मी कोरी ने विकास कार्यों में भेदभाव का आरोप लगाया तो भाजपा पार्षद विद्या वर्मा, वंदना शर्मा की उनसे तीखी नोकझोंक हुई। महिला पार्षदों ने कहा कि सदन होने दे। इसको लेकर तीखी झड़प हुई। जनता उनको घेर रही है। नाराज महापौर ने कहा कि सबको बाहर कर देंगे। जिसको बोलने को पार्षद दल के नेता कहेंगे वहीं अब बोलेगा।

सपा पार्षद रजत बाजपेयी ने आरोप लगाया कि भाजपा पार्षद विकास जायसवाल ने उनकी सीमा में बरातशाला और पार्षद कार्यालय बना रखा है। उन्होंने नगर आयुक्त को पत्र लिखकर कहा कि उनके वार्ड की परिसीमन कर सीमा तय दी जाए। इस पर भाजपा पार्षद ने कहा कि सदन में पार्टी को बदनाम किया जा रहा है। एक तरह इनकी पार्टी के विधायक ने अनुमति ली है वह उनके वार्ड में है। ऐसे में पार्टी का विधायक का कागज दूसरा और पार्षद का दूसरा है।

इस पर सपा पार्षद ने शासन की रिपोर्ट का हवाला देते हुए जवाब दिया। भाजपा पार्षद ने सपा के विधायक व मुखिया पर अभद्र टिप्पणी कर दी। विवाद बढ़ने पर आरोप-प्रत्यारोप लगाने लगे और सदन में ही दोनों मारपीट करने लगे। अन्य पार्षदों ने मामला शांत कराया। महापौर ने स्थिति संभालते हुए कहा, "यह सदन है, दंगल नहीं, बाहर जाकर लड़ो"।

इसके बाद भाजपा पार्षद विकास सदन से बाहर चले गए। इसी बीच बागी पार्षद लक्ष्मी कोरी ने कहा कि दो साल से नलकूप लगाने के लिए पत्र दिया है लेकिन कार्य आज तक नहीं हुआ है। उनके वार्ड में 15वें वित्त आयोग से एक भी काम नहीं हुआ है। महापौर ने कहा कि पांच करोड़ रुपये के कार्य हुए हैं। 70 लाख रुपये के कार्य होने जा रहे है। बागी पार्षद हरी स्वरूप तिवारी ने कहा कि उनके वार्ड में कार्य नहीं हो रहे है। 15वें वित्त आयोग से बजट दिया जाए। महापौर ने कहा कि जहां पर जरूरत है वहां पर बजट दिया जा रहा है।

एक साल गुजर जाने के बाद भी नहीं मिले सफाई कर्मचारी

पार्षदों ने कहा कि एक साल गुजर गया है लेकिन पांच-पांच सफाई कर्मचारी नहीं मिले है। यहीं हाल लाइटों का है, 25-25 लाइटें भी नहीं दी गई। जनता उनको घेर रही है। महापौर ने नगर आयुक्त से कहा कि तय कर ले कि कब देना है।


बिना कार्यकारिणी व सदन में रखे तय की गई कूड़ा उठान के लिए नई कंपनी

पार्षदों ने नगर निगम की ओर से कूड़ा उठान को रखी जा रही प्राइवेट कंपनी के बारे में जानकारी मांगी। पार्षदों ने कहा कि नई कंपनी कह रही है कि केवल सड़क से कूड़ा उठाएंगे। इस पर नगर आयुक्त ने कहा कि कंपनी तीन माह में पूरा कार्य संभालेगी। कोई आउटसोर्स कर्मचारी नहीं हटाया जाएगा। जहां पर बीट खाली है वहां पर तैनाती की जाएगी। पार्षदों ने कहा कि दो साल से हाथ कूड़ा गाड़ी नहीं है। गलियों से गंदगी नहीं उठ पा रही है। नगर आयुक्त की ओर से कमेटियां तो बनाई जाती हैं, लेकिन धरातल पर उसका असर दिखाई नहीं देता। महापौर ने कहा कि बिना कार्यकारिणी व सदन को बताए स्वीकृति दे दी गई।

नाला सफाई का मार्च में दिया था निर्देश

महापौर ने कहा कि शहर में नाला सफाई को लेकर मार्च माह में ही निर्देश दिए थे। चार माह में पहले सफाई कराई होती तो यह स्थिति नहीं होती। सही से नाला सफाई तक नहीं की गई, जिसके कारण जलभराव हुआ है। नगर आयुक्त ने कहा कि नाला सफाई के लिए टेंडर हुए और दो-दो बार नाले साफ हुए है और सिल्ट भी उठाई गई है। अगली सदन में रिपोर्ट रखी जाएगी।

यह भी बोले

पार्षद विवेक शर्मा ने पीरोड में सीवर समस्या के लिए पाइप डालने, आरती त्रिपाठी ने पार्कों से कब्जे खाली कराने और लाइट लगाने, नीरज बाजपेयी ने मेट्रो की वजह से सर्वोदय नगर में जलभराव होने, अवधेश त्रिपाठी ने सीएम ग्रिड और सीवर की समस्या, गिरीश बाजपेयी ने 40 दुकान किदवई नगर में अतिक्रमण, महेंद्र पांडेय ने विष्णुपुरी जल निगम की टूटी लाइन का मामला रखा। नामित पार्षदों ने लाइट दिलाने और कहा कि अवर अभियंता नहीं सुनते है। साथ ही उनका भी कोटा तय हो। वहीं पार्षद अनुप्रिया दुबे अपने बच्चे के साथ सदन पहुंची।

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