कानपुर: कागजों में बह रही थी 'दूध की नदियां', मासूमों की थाली खाली; 5 प्रधानाध्यापकों पर गिरी गाज
कानपुर के चौबेपुर ब्लॉक के विद्यालयों में मध्याह्न भोजन के तहत दूध वितरण में अनियमितता सामने आई है। एक प्रधानाध्यापक को निलंबित किया गया है, जबकि चार ...और पढ़ें

तस्वीर का इस्तेमाल प्रतीकात्मक प्रस्तुतीकरण के लिए किया गया है। जागरण
HighLights
चौबेपुर ब्लॉक के स्कूलों में दूध वितरण में अनियमितता।
एक प्रधानाध्यापक निलंबित, चार अन्य पर भी कार्रवाई।
रजिस्टर में दर्ज होता था दूध, बच्चों को नहीं मिलता था।
जागरण संवाददाता, कानपुर। चौबेपुर ब्लाक के विद्यालयों में मध्याह्न भोजन (मिड-डे मील) में दूध वितरण में अनियमितता सामने आई है। एक विद्यालय में बच्चों को दूध देने के बजाय केवल रजिस्टर में इसकी मात्रा प्रतिदिन दर्ज की जा रही थी, इस पर प्रधानाध्यापक को निलंबित किया गया है।
चार और विद्यालयों में कम मात्रा में दूध दिए जाने पर दो प्रधानाध्यापकों को प्रतिकूल प्रविष्टि, एक की वेतनवृद्धि रोकने के साथ एक को कठोर चेतावनी दी गई है। प्राथमिक कक्षाओं यानी एक से पांच तक में प्रत्येक बच्चे को 150 मिलीलीटर और उच्च प्राथमिक यानी छह से आठ तक के बच्चों को 200 मिलीलीटर दूध दिए जाने का प्रविधान है।
बीएसए हरिओम सिंह ने बताया कि प्रथमदृष्टया जांच में प्रधानाध्यापकों की लापरवाही पाई गई। बीएसए ने बताया कि आगे भी औचक निरीक्षण कर मध्याह्न भोजन की जांच कराएंगे। वहीं, एक प्रधानाध्यापक का आरोप है कि मध्याह्न भोजन के लिए प्रति छात्र कम पैसे मिलते हैं।
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प्राथमिक कक्षाओं के लिए प्रति छात्र 6.78 रुपये और उच्च प्राथमिक में 10.17 रुपये प्रति छात्र कन्वर्जन राशि निर्धारित है। इसमें ही सप्ताह में एक बार बुधवार को तहरी व दूध देना होता है। दूध की दर वर्तमान में 72 से 80 रुपये प्रतिलीटर के बीच है।