कानपुर किडनी कांड: आयुष और पारुल को उच्च इलाज के लिए लखनऊ रेफर, होगी बेहतर देखभाल
कानपुर के अवैध किडनी ट्रांसप्लांट मामले में डोनर आयुष और प्राप्तकर्ता पारुल तोमर को जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज से लखनऊ के डॉ. राम मनोहर लोहिया संस्थान रेफर ...और पढ़ें
HighLights
अवैध किडनी ट्रांसप्लांट के मरीज लखनऊ रेफर।
जीएसवीएम में अप्रूवल न होने से उच्च चिकित्सा हेतु।
विशेष टीम, एम्बुलेंस, पुलिस सुरक्षा में भेजा गया।
जागरण संवाददाता कानपुर। अवैध किडनी ट्रांसप्लांट के डोनर आयुष और किडनी लेने वाली पारुल तोमर को जीएसवीएम मेडिकल कालेज के सुपर स्पेशियलिटी ब्लाक से उच्च चिकित्सा के लिए लखनऊ के डा. राम मनोहर लोहिया संस्थान में रेफर किया गया।
सुपर स्पेशियलिटी ब्लाक में ट्रांसप्लांट अप्रूवल नहीं होने के चलते आयुष और पारुल को यहां से उच्च संस्थान भेजा जा रहा है। एडवांस लाइफ सपोर्ट एम्बुलेंस में एनेस्थीसिया नेफ्रोलॉजी यूरोलॉजी और मेडिसिन के एक डॉक्टर की विशेष टीम भी साथ भेजी गई है। जो आपात स्थितियों में किडनी डोनर और रिसीवर के स्वास्थ्य का ख्याल रखेगी।
जीएसवीएम मेडिकल कालेज के प्राचार्य प्रो. संजय काला ने बताया कि डॉ राम मनोहर लोहिया संस्थान में किडनी डोनर और रिसीवर का बेहतर इलाज किया जा सकेगा। क्योंकि ट्रांसप्लांट के बाद सात दिनों तक किसी भी समय इन मरीजों उच्च चिकित्सा और ट्रांसप्लांट के विशेषज्ञ की जरूरत पड़ सकती है। उन्होंने बताया कि एडवांस लाइफ सपोर्ट एंबुलेंस में वेंटिलेटर सहित उच्च चिकित्सा के सभी उपकरण लगे हुए हैं। जो रेफर करने के दौरान होने वाली गंभीरता में उपयोगी साबित होंगे।

सेफ कॉरिडोर में रेफर, ट्रांसप्लांट के मरीजों का इलाज अब उच्च संस्थान में ट्रांसप्लांट के विशेषज्ञों की देखरेख में होगा। जागरण
सेफ कॉरिडोर बनाया गया, भेजी गई जरूर की दवा
डॉ राम मनोहर लोहिया संस्थान में रेफर करने के दौरान आयुष और पारुल को सुपर स्पेशलिस्ट ब्लॉक से सेफ कॉरिडोर बनाकर भेजा गया। इस दौरान विशेषण डॉक्टरों की टीम और जरूरी दवा भेजी गई। पुलिस की एक टीम भी उनके साथ मौजूद रही। एम्बुलेंस गंगा बैराज से होते हुए रवाना की गई।
यह था मामला
29 मार्च को रात 11 बजे मुजफ्फरनगर की पारुल का किडनी ट्रांसप्लांट आहूजा अस्पताल में किया गया। अवैध ट्रांसप्लांट के कुछ ही घंटे के बाद किडनी देने वाले आयुष और किडनी लेने वाली पारुल तोमर को कल्याणपुर के प्रिया और मेडलाइफ अस्पताल में शिफ्ट कर दिया गया। जहां उनकी हालत बिगड़ने पर 30 मार्च की रात मेडिकल कॉलेज के सुपर स्पेशलिस्ट ब्लॉक के आईसीयू में आयुष और पारुल को शिफ्ट किया गया।