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बुंदेलखंड कनेक्टिविटी को नई रफ्तार: 112 किमी लंबा होगा कानपुर-कबरई हाईवे, इन 3 जिलों के 93 गांवों में होगा भूमि अधिग्रहण

Published: Fri, 06 Feb 2026 08:33 PM (GMT+05:30)

केंद्र सरकार ने कानपुर-कबरई हाईवे के लिए ₹5700 करोड़ का बजट मंजूर किया है। यह 112 किमी लंबा और 60 ...और पढ़ें

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HighLights

  1. निजी कंपनी बनाएगी कानपुर-कबरई हाईवे, 20 साल तक करेगी रखरखाव

  2. 10 फरवरी को टेंडर, मंत्रालय ने बजट स्वीकृति पत्र किया जारी

  3. निजी कंपनी बीओटी मॉडल पर 20 साल तक करेगी रखरखाव।

जागरण संवाददाता, कानपुर। बुंदेलखंड क्षेत्र को तेज रफ्तार कनेक्टिविटी देने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए केंद्र सरकार ने कानपुर-महोबा-कबरई हाईवे निर्माण के लिए 5700 करोड़ का बजट स्वीकृति का आदेश जारी कर दिया। 112 किमी लंबा यह हाईवे पूरी तरह एलीवेटेड फोरलेन होगा, जिससे यातायात सुगम होने के साथ ही दुर्घटनाओं में भी कमी आने की उम्मीद है।

10 फरवरी को परियोजना का टेंडर खोला जाएगा, जिसके बाद चयनित निजी कंपनी को निर्माण के साथ-साथ 20 वर्षों तक संचालन और रखरखाव की जिम्मेदारी सौंपी जाएगी। इसी कंपनी को पुराने हमीरपुर और नौबस्ता रोड की भी जिम्मेदारी सौंपने का निर्णय लिया गया है।

यह हाईवे बीओटी (बिल्ड-आपरेट-ट्रांसफर) माडल पर तैयार होगा, जिसमें पूर्ण रूप से निजी कंपनी की भागीदारी होगी। इस माडल के तहत निजी कंपनी सड़क का निर्माण कर उसे निर्धारित अवधि तक संचालित करेगी, जिसके बाद परियोजना सरकार को हस्तांतरित कर दी जाएगी। परियोजना के निर्माण की निगरानी की जिम्मेदारी राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआइ) के पास रहेगी।

हाईवे के निर्माण के लिए तीन जिलों के कुल 93 गांवों में भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया पूरी की जा रही है। इसमें कानपुर नगर और कानपुर देहात के 49 गांव, हमीरपुर के 35 और महोबा–कबरई क्षेत्र के नौ गांव शामिल हैं। भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया को लेकर प्रशासनिक स्तर पर चिह्नांकन की प्रक्रिया जारी है। यह हाईवे कानपुर, कानपुर देहात, हमीरपुर और महोबा से होते हुए छतरपुर-भोपाल-मुंबई आर्थिक कारिडोर से जुड़ेगा। इससे बुंदेलखंड क्षेत्र को देश के प्रमुख औद्योगिक और व्यापारिक केंद्रों से सीधी कनेक्टिविटी मिलेगी।

मौजूदा समय में नौबस्ता-हमीरपुर टू-लेन हाईवे पर अधिक ट्रैफिक लोड होने से आएदिन जाम की स्थिति रहती है। हादसों की संख्या भी लगातार बढ़ रही है। इसको देखते हुए ग्रीन हाईवे का निर्माण करने वाली कंपनी को नौबस्ता-हमीरपुर हाईवे की जिम्मेदारी सौंपने का निर्णय एनएचएआइ ने किया है। नौबस्ता से गल्ला मंडी तक चौड़ीकरण का कार्य भी हाईवे का निर्माण करने वाली कंपनी से ही कराने का निर्णय लिया गया है।

यह होगी खासियत

यह हाईवे 60 मीटर चौड़ा फोरलेन होगा। पूरे मार्ग पर आधुनिक एलीवेटेड डिजाइन के अनुरूप निर्माण किया जाएगा, ताकि भारी वाहनों और तेज रफ्तार यातायात को बिना किसी बाधा के संचालित किया जा सके। महोबा, घाटमपुर और हमीरपुर जनपद में हाईवे पर चढ़ने और उतरने के लिए रैंप बनाए जाएंगे, जिससे आसपास के कस्बों और गांवों का संपर्क सुलभ होगा। इस हाईवे को बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे से भी जोड़ा जाएगा, जिससे दिल्ली और बुंदेलखंड के शहरों को कनेक्टविटी बेहतर होगी।

 

कानपुर-कबरई हाईवे निर्माण के लिए केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्रालय ने बजट स्वीकृति का आदेश जारी कर दिया है। 10 फरवरी को हाईवे निर्माण के लिए टेंडर प्रक्रिया को पूरा किया जाएगा। टेंडर प्रक्रिया पूरी होने के बाद 30 माह में हाईवे निर्माण का कार्य पूरा करना होगा।
पंकज यादव, परियोजना निदेशक, एनएचएआइ, कानपुर इकाई