Kanpur-Jhansi Sixlane: 5200 करोड़ की सौगात! कानपुर से झांसी का 3 घंटे में पूरा होगा सफर, दौड़ेगी विकास की रफ्तार
कानपुर-झांसी राष्ट्रीय राजमार्ग (NH-27) को 5200 करोड़ रुपये की लागत से सिक्स लेन में अपग्रेड किया जाएगा, जिससे यात्रा का समय चार घंटे से घटकर तीन घंटे ...और पढ़ें

HighLights
तीन घंटे में पूरा होगा कानपुर-झांसी सफर, सिक्स लेन अलाइमेंट मंत्रालय ने किया स्वीकृत
कालपी में नया ओवरब्रिज के साथ ही 221 किमी लंबे हाईवे के 22 कटों पर बनेंगे अंडरपास
5200 करोड़ रुपये का बजट एनएचएआइ करेगा खर्च, आठ लेन विस्तार की भी रहेगी गुंजाइश
जागरण संवाददाता, कानपुर। कानपुर-झांसी राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच-27) को सिक्स लेन में तब्दील करने की दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति हुई है। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआइ) ने परियोजना का अलाइमेंट स्वीकृत कर दिया है और आगामी 10 जून तक विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार होने की संभावना है।
करीब 5200 करोड़ रुपये की लागत से प्रस्तावित इस परियोजना के पूरा होने के बाद कानपुर से झांसी तक का सफर अधिक सुगम और तेज होगा। अनुमान है कि दोनों शहरों के बीच की दूरी तय करने में अभी लगभग चार घंटे से अधिक समय लगता है, वहीं सिक्स लेन बनने के बाद अधिकतम तीन घंटे में यह दूरी तय की जा सकेगी।
एनएचएआइ के अधिकारियों के अनुसार, झांसी से कानपुर तक लगभग 221 किलोमीटर लंबे इस हाईवे को फोर लेन से सिक्स लेन किया जाएगा। परियोजना के तहत कालपी में नया ओवरब्रिज बनाया जाएगा, जबकि इस हाईवे पर मौजूद 22 कटों को सुरक्षित बनाने के लिए अंडरपास का निर्माण कराया जाएगा। इससे दुर्घटनाओं में कमी आने के साथ स्थानीय लोगों की आवाजाही भी आसान होगी।
परियोजना के लिए सर्वेक्षण और भौतिक परीक्षण का कार्य लगभग अंतिम चरण में है। झांसी से उरई के बीच विभिन्न स्थानों से मिट्टी के नमूने एकत्र कर उनकी गुणवत्ता की जांच की गई है। कंसलटेंसी एजेंसियों ने कई स्थानों पर भौतिक परीक्षण भी पूरे कर लिए हैं।
एनएचएआई ने इस परियोजना को दो चरणों में विभाजित किया है। पहले चरण में झांसी से उरई के बीच 135 किलोमीटर लंबे हिस्से के लिए लासा (ली एसोसिएट साउथ एशिया) कंसलटेंसी फर्म को डीपीआर तैयार कर रही है। वहीं उरई से बारा तक 62.8 किलोमीटर लंबे हिस्से के लिए दूसरी कंसलटेंसी एजेंसी सर्वेक्षण और डीपीआर निर्माण का कार्य कर रही है। विशेष बात यह है कि सड़क को फिलहाल छह लेन के रूप में विकसित किया जाएगा, लेकिन इसके सभी प्रमुख स्ट्रक्चर, पुल और अन्य निर्माण आठ लेन की क्षमता को ध्यान में रखकर बनाए जाएंगे। इससे भविष्य में यातायात बढ़ने पर बिना बड़े पुनर्निर्माण के दो अतिरिक्त लेन जोड़ी जा सकेंगी।
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अभी 21.5 मीटर चौड़ा
मौजूदा समय में यह राष्ट्रीय राजमार्ग 21.5 मीटर चौड़ा है, जबकि सिक्स लेन सड़क के लिए लगभग 32.5 मीटर चौड़ाई की आवश्यकता होती है। एनएचएआइ के पास पहले से ही 45 मीटर चौड़ाई में भूमि उपलब्ध है। ऐसे में बड़े स्तर पर भूमि अधिग्रहण की आवश्यकता नहीं है।
10 साल पहले बना था फोरलेन
कानपुर-झांसी राष्ट्रीय राजमार्ग का चौड़ीकरण 10 साल पहले हुआ था। इस हाईवे को वर्ष 2016 में चौड़ीकरण करके फोर लेन बनाया गया था। हालांकि पिछले एक दशक में इस मार्ग पर यातायात का दबाव तेजी से बढ़ा है। बुंदेलखंड क्षेत्र से गिट्टी, मौरंग और अन्य निर्माण सामग्री लेकर आने-जाने वाले भारी ट्रकों और डंपरों की संख्या लगातार बढ़ी है।
यहां के मालवाहक वाहनों का लोड
झांसी, उरई, जालौन और कालपी क्षेत्र से प्रतिदिन बड़ी संख्या में मालवाहक वाहन गुजरते हैं, जिससे सड़क पर दबाव बढ़ने के साथ रखरखाव की चुनौती भी बढ़ी है। एनएचएआइ के आंकड़ों के अनुसार इस राजमार्ग से प्रतिदिन लगभग 60 हजार वाहनों का लोड है। इस परियोजना के पूरा होने से उरई, जालौन, कालपी, कोंच और पूरे बुंदेलखंड क्षेत्र को बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी। औद्योगिक गतिविधियों, व्यापार और पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा।
झांसी से कानपुर तक हाईवे को फोर लेन से सिक्स लेन करने के लिए डीपीआर तैयार की जा रही है। सिक्स लेन का अलाइमेंट स्वीकृत हो चुका है और कालपी में नया ओवरब्रिज बनाया जाएगा। उन्होंने कहा कि 10 जून तक डीपीआर तैयार होने की संभावना है, जिसके बाद टेंडर प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
मनोज कुमार, परियोजना निदेशक, झांसी एनएचएआइ