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    आईआईटी कानपुर के रिटायर्ड अधिकारी डिजिटल अरेस्ट, मनी लांड्रिंग केस की धमकी देकर ईडी अफसर बन ठगे 16.55 लाख 

    Updated: Mon, 10 Aug 2026 10:40 PM (IST)

    कानपुर के सीसामऊ में ईडी अफसर बनकर साइबर ठगों ने आईआईटी के सेवानिवृत्त अधीक्षक से मनी लॉन्ड्रिंग केस में फंसाने का झांसा देकर 16.55 लाख रुपये ठग लिए। ...और पढ़ें

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    HighLights

    1. ईडी अफसर बनकर साइबर ठगों ने की ठगी।

    2. आईआईटी के सेवानिवृत्त अधीक्षक से 16.55 लाख रुपये लूटे।

    3. पांच दिन तक डिजिटल अरेस्ट कर धमकाया गया।

    जागरण संवाददाता, कानपुर। सीसामऊ में साइबर ठगों ने प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) का अफसर बनकर आईआईटी के सेवानिवृत्त कार्यालय अधीक्षक को मनी लॉन्ड्रिंग केस में फंसाने का झांसा देकर 16.55 लाख रुपये ठग लिए। आरोपितों ने 71 वर्षीय बुजुर्ग को करीब पांच दिनों तक डिजिटल अरेस्ट रखा। इस दौरान वीडियो कॉल के जरिए उन पर नजर रखी और किसी से बात करने या घर से बाहर निकलने पर पाबंदी लगा दी।

    विरोध करने पर बुजुर्ग और उनकी बेटी को जान से मारने की धमकी दी गई। ठगों ने सुप्रीम कोर्ट में मामले की सुनवाई होने का झांसा देकर वीडियो काल भी की। पीड़ित ने साइबर सेल में शिकायत की है।

    सीसामऊ थानाक्षेत्र के गांधी नगर निवासी अजय कुमार आईआईटी में कार्यालय अधीक्षक पद से सेवानिवृत्त हैं। उनकी इकलौती बेटी अवंतिका कुमार श्रीवास्तव बेंगलुरु में एक आईटी कंपनी में कार्यरत हैं। वर्ष 2021 में पत्नी की मौत के बाद से अजय घर में अकेले रहते हैं।

    अजय के अनुसार 30 जुलाई को उनके मोबाइल पर एक कॉल आई। फोन करने वाले ने खुद को ईडी अफसर बताते हुए कहा कि उनका नाम मनी लॉन्ड्रिंग केस में सामने आया है। आरोप से इन्कार करने पर आरोपित ने पुलिस टीम के जल्द घर पहुंचने की धमकी दी। बुजुर्ग के मिन्नत करने पर ठगों ने मामला खत्म कराने के नाम पर उन्हें पांच दिनों तक डिजिटल अरेस्ट रखा।

    इस दौरान ठग वीडियो काल के जरिए लगातार उनकी निगरानी करते रहे। आरोपियों ने धमकाकर कहा कि निर्देशों का पालन नहीं किया तो उन्हें और उनकी बेटी को जान से मार दिया जाएगा। इसके बाद आरोपितों ने मामले से बचाने के नाम पर रुपये मांगे।

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    उनके दबाव में आकर अजय ने पीरोड स्थित यूनियन बैंक से 7.80 लाख और स्टेट बैंक की शाखा से 8.75 लाख रुपये निकालकर आरोपियों को ट्रांसफर किए। हालांकि बाद में ठगी का अहसास होने पर उन्होंने साइबर सेल में शिकायत की। साइबर थाना प्रभारी अभय सिंह ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है।