Kanpur में 31 दिनों तक दंपती और मासूम बेटी को बनाया बंधक, पुलिस ने भी किया जुल्म... नौ घंटे थाने में भूखा रखा
कानपुर में एक प्रॉपर्टी डीलर और उसके साथियों ने 2 करोड़ की 14 बीघा जमीन हड़पने के लिए एक दंपती और उनकी दो साल की बेटी को 31 दिनों तक बंधक बनाए रखा। ...और पढ़ें

कल्याणपुर में बंधक बनाए गए शाहजहां पुर निवासी दंपती ओम गुप्ता,पत्नी दिव्या गुप्ता। जागरण
HighLights
आरोप, पुलिस ने तहरीर बदलवाकर हल्की धाराओं में लिखा मुकदमा
2 करोड़ की 14 बीघा जमीन हड़पने का मामला।
पुलिस पर मिलीभगत और प्रताड़ना के आरोप।
पुलिस को खाना खिला रहे थे आरोपित, थाने के बाहर की शराब पार्टी
संवाद सहयोगी, कल्याणपुर(कानपुर)। दो करोड़ रुपये की 14 बीघा जमीन कब्जाने के लिए प्रापर्टी डीलर और उसके साथियों ने दंपती व मासूम बेटी को 31 दिन बंधक बनाकर रखा। इस मामले में पुलिस पर आरोपितों से साठगांठ के आरोप लगे हैं। पीड़ित दंपती ने इंटरनेट मीडिया पर वीडियो साझा कर आरोप लगाए हैं कि तहरीर बदलवाने के बाद मुकदमा दर्ज किया गया। पुलिस ने उन्हें व बेटी को भूखे पेट नौ घंटे तक थाने में बिठाए रखा।
शाहजहांपुर के दलेलगंज निवासी ओम गुप्ता, पत्नी दिव्या गुप्ता और उनकी दो वर्षीय बेटी अवनी को पुलिस शनिवार दोपहर कल्याणपुर के मार्स इंक्लेव के ताला बंद फ्लैट से छुड़ाकर थाने लाई थी। दंपती को बंधक बनाने वाले प्रापर्टी डीलर दीपक गंगवार भी अपने साथियों संग थाने पहुंचे।
ये था पूरा मामला
पीड़िता दिव्या ने बताया कि उनके मायके उन्नाव जिले के बांगरमऊ, जगतनगर में 14 बीघा जमीन है। इसे बेचने के सिलसिले में उनकी मुलाकात एक कारोबारी और उनके साथी ने कानपुर के प्रापर्टी डीलर दीपक गंगवार से कराई थी। उसने एक लाख रुपये देकर एग्रीमेंट करा लिया और एचडीएफसी बैंक में उनका खाता खुलवाकर संबंधित पासबुक, हस्ताक्षर की गई चेकबुक और एटीएम कार्ड अपने पास रख लिए। बीती पांच फरवरी को उन्हें परिवार समेत कानपुर के विजयनगर बुला लिया। जहां पांच कारों से आए दीपक और साथियों ने अगवा कर बंधक बना लिया और सुनसान इलाके में स्थित इन्द्रलर होटल ले गए।
बदले होटल, शराब पीते, प्रताड़ित करते
उन्होंने दो दो दिनों के अंतराल में होटल बदले। प्रापर्टी डीलर और उसके गुर्गे कमरे में ही शराब पीते और उन्हें प्रताड़ित करते रहे। आरोपित आश्वासन देते कि नामांतरण होने के बाद बैनामा कराकर सभी को छोड़ देंगे। प्रापर्टी डीलर ने पति व बेटी को कब्जे में रखा जबकि उन्हें उन्नाव ले जाकर करीब सात बिस्वा जमीन का बैनामा बांगरमऊ निवासी दो लोगों को करा दिया। चार दिन बाद आरोपित उन्हें बांगरमऊ थाने ले गए और जिन्हें जमीन का बैनामा किया था उनके खिलाफ मुकदमा करा दिया।
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इस तरह छूटा परिवार
10 दिन पहले आरोपितों ने मार्स इंक्लेव में एक फ्लैट किराए पर लेकर उन्हें परिवार समेत बंधक बनाकर रखा और बाहर से ताला बंद कर दिया गया। चार दिन पहले रीचार्ज खत्म होने पर फोन वापस किया। बोरियत होने की बात कही तो आरोपितों ने हाटस्पाट चालू कर दिया। पति ने वाइफाइ से फेसबुक मैसेंजर से संदेश भेजकर स्वजन को जानकारी दी थी जिसके बाद परिवार छूटा।
आरोपित ने पुलिसवालों के लिए की खाने की व्यवस्था
रविवार को पीड़ित दंपती ने जरिए फेसबुक वीडियो साझा कर पुलिस पर आरोप लगाकर बताया कि थाने में उन्हें वह उनकी मासूम बेटी को भूखे पेट नौ घंटे तक बिठाकर डराया धमकाया गया। दो साल की बेटी दूध के लिए भी तड़पती रही। इसके बाद, पुलिस ने तीन बार तहरीर बदलवाई। देर रात मेडिकल कराकर हल्की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया। आरोपित दीपक के भाई ने थाने के स्टाफ के लिए भोजन की व्यवस्था की और खुद बाहर शराब पार्टी करते रहे, जिसके साक्ष्य थाने के सीसी कैमरे में हैं। दीपक से फोन पर संपर्क नहीं हो सका।
इन धाराओं में हुआ मुकदमा, पुलिस ने आरोप नकारे
डीसीपी पश्चिम एसएम कासिम आबिदी ने बताया कि पुलिस पर आरोप बेबुनियाद हैं। मुकदमा दर्ज कर जांच कराई जा रही है।