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    होमगार्ड भर्ती परीक्षा में AI से सेंधमारी: BNSD कॉलेज के प्रवक्ता और प्रिंसिपल पर गिरेगी गाज, पढ़ें पूरी इनसाइड स्टोरी

    Updated: Mon, 27 Apr 2026 09:47 PM (IST)

    कानपुर के बीएनएसडी इंटर कॉलेज में होमगार्ड भर्ती परीक्षा में AI का उपयोग कर सेंधमारी का मामला सामने आया है। इसमें रसायन विज्ञान के प्रवक्ता अखिलेश याद ...और पढ़ें

    बीएनएसडी इंटर कालेज में होमगार्ड परीक्षा के दौरान प्रश्न पत्र केंद्र से बाहर ले जाने पर गिरफ्तार किए गए परीक्षक व केमेस्ट्री प्रवक्ता अखिलेश यादव(मध्य में), साथ में कर्मचारी निर्मल कुमार और संदीप चंद्र विश्वकर्मा। पुलिस विभाग

    बीएनएसडी इंटर कालेज में होमगार्ड परीक्षा के दौरान प्रश्न पत्र केंद्र से बाहर ले जाने पर गिरफ्तार किए गए परीक्षक व केमेस्ट्री प्रवक्ता अखिलेश यादव(मध्य में), साथ में कर्मचारी निर्मल कुमार और संदीप चंद्र विश्वकर्मा। पुलिस विभाग

    HighLights

    1. प्रवक्ता अखिलेश यादव, प्रधानाचार्य अमर सिंह पर कार्रवाई।

    2. AI का उपयोग कर परीक्षा में सेंधमारी का प्रयास।

    3. DIOS ने 24 घंटे में निलंबन और कार्रवाई का अल्टीमेटम।

    जागरण संवाददाता, कानपुर। शहर के प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थानों में शुमार बीएनएसडी (BNSD) इंटर कॉलेज, चुन्नीगंज में शिक्षा की मर्यादा को तार-तार करने वालों पर गाज गिरना तय है। होमगार्ड भर्ती परीक्षा में सेंध लगाने के आरोपित रसायन विज्ञान के प्रवक्ता अखिलेश यादव और लापरवाही के घेरे में आए प्रधानाचार्य अमर सिंह को निलंबित करने की तैयारी पूरी हो चुकी है। जिला विद्यालय निरीक्षक (DIOS) डॉ. संतोष कुमार राय ने कॉलेज प्रबंधक को पत्र लिखकर तत्काल कड़ी अनुशासनात्मक कार्यवाही का निर्देश दिया है।

    DIOS का सख्त रुख: 24 घंटे में फैसले का अल्टीमेटम

    सोमवार को डीआइओएस डॉ. संतोष कुमार राय ने कॉलेज के प्रबंधक सीए सुरेंद्र कक्कड़ को पत्र भेजकर आरोपितों पर कार्यवाही की प्रक्रिया शुरू करने को कहा। डीआइओएस के मुताबिक, प्रवक्ता अखिलेश यादव पुलिस की गिरफ्त में हैं और जेल जा चुके हैं, ऐसे में उनका निलंबन तकनीकी रूप से अनिवार्य है। वहीं, प्रधानाचार्य अमर सिंह ने केंद्र व्यवस्थापक के रूप में अपनी जिम्मेदारियों में भारी शिथिलता बरती, जिससे कॉलेज और परीक्षा की शुचिता प्रभावित हुई। कॉलेज प्रबंध समिति अब अगले 24 घंटों में बैठक कर इस पर अंतिम मुहर लगाएगी।

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    कैसे रची गई साजिश

    • 25 अप्रैल को दूसरी पाली की परीक्षा (दोपहर 3 से 5 बजे) के दौरान इस साजिश का भंडाफोड़ हुआ। जांच में जो तथ्य सामने आए, वे चौंकाने वाले हैं:
    • प्रवक्ता अखिलेश यादव ने अपनी मर्जी से दो ट्यूशन शिक्षकों, संदीप चंद्र विश्वकर्मा और निर्मल कुमार को फर्जी कक्ष निरीक्षक बनाकर केंद्र में प्रवेश दिलाया। इनके नाम जिलाधिकारी कार्यालय से भेजी गई आधिकारिक सूची में नहीं थे।
    • एक अभ्यर्थी राहुल कुमार, जो परीक्षा में अनुपस्थित था, उसकी प्रश्न पुस्तिका को चोरी से बाहर निकालकर उसे पास कराने की योजना थी।
    • योजना यह थी कि प्रश्नपत्र की फोटो खींचकर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के जरिए तुरंत उत्तर निकाले जाएंगे। इसके लिए एनसीसी (NCC) कक्ष में पहले से ही एक मोबाइल फोन और मिनी पॉकेट प्रिंटर छिपाकर रखा गया था।
    • दोपहर 2:55 बजे, जब संदीप चंद्र विश्वकर्मा प्रश्न पुस्तिका को शर्ट के नीचे छिपाकर बाथरूम की तरफ जा रहा था, तभी पुलिस और सेक्टर मजिस्ट्रेट को शक हुआ। तलाशी में प्रश्नपत्र बरामद होते ही हड़कंप मच गया।


    प्रधानाचार्य और प्रवक्ता के बीच 'सेटिंग' की चर्चा

    जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ रही है, विद्यालय के गलियारों में चर्चाएं आम हैं कि यह खेल बिना मिलीभगत के संभव नहीं था। आरोपित प्रवक्ता अखिलेश यादव ने पुलिस पूछताछ में सीधा आरोप लगाया कि उन्होंने प्रधानाचार्य अमर सिंह के कहने पर ही दोनों बाहरी युवकों को कक्ष निरीक्षक बनाया था। यह भी सामने आया है कि अखिलेश यादव का कॉलेज में काफी दबदबा था। वह अक्सर प्रधानाचार्य का मोबाइल फोन इस्तेमाल करता था और विभागीय पत्राचार भी खुद ही निपटाता था। हालांकि, प्रधानाचार्य अमर सिंह ने इन सभी आरोपों को निराधार बताते हुए कहा है कि अखिलेश खुद को बचाने के लिए झूठी कहानी गढ़ रहा है।

    बदली गई व्यवस्था: केंद्र व्यवस्थापक पद से हटाए गए अमर सिंह

    मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने अमर सिंह को केंद्र व्यवस्थापक के पद से तत्काल प्रभाव से हटा दिया है। उनके स्थान पर राजकीय इंटर कॉलेज (GIC) भौंती के प्रधानाचार्य हेमंत कुमार को बीएनएसडी इंटर कॉलेज का नया केंद्र व्यवस्थापक नियुक्त किया गया है। पुलिस अब अमर सिंह की भूमिका की गहनता से जांच कर रही है, क्योंकि यह संदेह है कि फर्जी आईडी कार्ड और एनसीसी कक्ष में प्रिंटर लगवाने की जानकारी उन्हें रही होगी।

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    अखिलेश यादव का पारिवारिक और राजनीतिक रसूख

    आरोपित प्रवक्ता अखिलेश यादव का परिवार शिक्षा और राजनीति से जुड़ा रहा है। उनके पिता विजय सिंह यादव भी इसी विद्यालय में शिक्षक थे और वह पूर्व में शिक्षक विधायक का चुनाव भी लड़ चुके हैं। अखिलेश खुद अटेवा जैसे बड़े शिक्षक संगठन के प्रदेश संयुक्त मंत्री हैं। इस रसूख के कारण ही कॉलेज में उनकी तूती बोलती थी, जिसका फायदा उठाकर उन्होंने भर्ती परीक्षा में सेंध लगाने का दुस्साहस किया।

    प्रबंधक का बयान: छवि खराब हुई है, कड़ा फैसला लेंगे

    कॉलेज के प्रबंधक सीए सुरेंद्र कक्कड़ ने कहा कि विद्यालय की प्रतिष्ठा पर इस घटना से गहरा दाग लगा है। उन्होंने पुष्टि की कि मंगलवार को प्रबंध समिति की बैठक बुलाई जाएगी। डीआइओएस के निर्देश और पुलिस की एफआईआर को आधार बनाकर आरोपित प्रवक्ता और संदिग्ध प्रधानाचार्य पर सख्त से सख्त कार्यवाही की जाएगी।