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कानपुर एयरपोर्ट टर्मिनल के पास मिट्टी में मिला मानक से 59 गुना अधिक क्रोमियम, IIT की सर्वे रिपोर्ट में खुलासा

Published: Thu, 08 Oct 2026 06:46 PM (GMT+05:30)

आईआईटी कानपुर की सर्वे रिपोर्ट में चकेरी एयरपोर्ट के पास मिट्टी में मानक से 59 गुना अधिक क्रोमियम मिलने का ...और पढ़ें

इस फोटो को एआई टूल की मदद से बनाया गया है।

इस फोटो को एआई टूल की मदद से बनाया गया है।

HighLights

  1. चकेरी एयरपोर्ट के पास मिट्टी में 59 गुना अधिक क्रोमियम मिला।

  2. आईआईटी कानपुर की सर्वे रिपोर्ट में यह गंभीर खुलासा हुआ।

  3. कानपुर, कानपुर देहात, फतेहपुर में प्रदूषण जांच जारी है।

जागरण संवाददाता, कानपुर। कानपुर की मिट्टी और पानी में रासायनिक जहर घुला हुआ है। चकेरी एयरपोर्ट के पुराने टर्मिनल के पास मिट्टी में मानक से 59 गुना अधिक क्रोमियम पाया गया। यह मामला एनजीटी में पेश की गई आईआईटी कानपुर की सर्वे रिपोर्ट में सामने आया है। आईआईटी ने ये रिपोर्ट जिला प्रशासन के कहने पर तैयार की थी।

कानपुर नगर, कानपुर देहात और फतेहपुर में क्रोमियम-मर्करी से प्रदूषित इलाकों में मिट्टी, पानी, हवा और अन्न की जांच के निर्देश दिए गए थे। सर्वे आईआईटी कानपुर कर रहा है। पांच अक्तूबर को उप्र सरकार के स्टैंडिंग काउंसिल भंवर पाल सिंह जादौन ने एनजीटी में क्रोमियम-मर्करी को लेकर रिपोर्ट पेश की थी।

रिपोर्ट में इस बात की जानकारी दी गई है कि कानपुर नगर के आठ हाट स्पाट में जाजमऊ औद्योगिक क्षेत्र से सर्वे कार्य पूरा हो गया है। दूसरी ओर रूमा में आंशिक सर्वे हुआ है। 16 जुलाई, 10 और 13 अगस्त को कुल 121 सैंपल लिए गए थे।

इसमें 16 जुलाई को 11 स्वाइल सैंपल, 10 सरफेस वाटर व 12 ग्राउंड वाटर सैंपल हैं। इसी तरह 10 अगस्त को 21 स्वाइल सैंपल, 11 सरफेस वाटर सैंपल व 17 ग्राउंड वाटर सैंपल लिए गए। इसी तरह 13 अगस्त को 17 स्वाइल सैंपल, नौ सरफेस वाटर व 13 ग्राउंड वाटर सैंपल लिए गए थे।

खानचंद्रपुर में पशुओं के अंगों में नहीं मिला क्रोमियम

रनियां क्षेत्र के प्रदूषण प्रभावित खानचंद्रपुर और आसपास के गांवों में पालतू पशुओं के शरीर में हेवी मेटल क्रोमियम की मौजूदगी नहीं मिली है। भारतीय पशु चिकित्सा अनुसंधान संस्थान (आईवीआरआई), इज्जतनगर, बरेली में कराई गई जांच में पशुओं के सभी नमूने निगेटिव पाए गए हैं।

मुख्य पशु चिकित्साधिकारी ने जांच रिपोर्ट जिलाधिकारी को भेजकर आगे की कार्रवाई के लिए अवगत कराया है।खानचंद्रपुर के साथ शिवनाथपुरवा, घरहमपुर और उमरन क्षेत्र में प्रदूषण के प्रभाव को लेकर राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) में मामला विचाराधीन है।

अधिकरण के 21 जुलाई, 2026 के आदेश के क्रम में शासन ने प्रभावित क्षेत्र से संबंधित पूर्ण, अद्यतन और प्रमाणिक सूचनाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए थे। सीएमओ के अनुसार, तीन अप्रैल को रनियां परिक्षेत्र के प्रभावित गांवों में पालतू पशुओं में हेवी मेटल क्रोमियम की जांच के लिए लिवर, लंग, स्प्लीन और किडनी टिश्यू के नमूने आइवीआरआइ भेजे गए थे।

क्रोमियम प्रदूषण की जांच में जुटा आईआईटी, तीन जिलों में 166 नमूने लिए

जाजमऊ-राखी मंडी से लेकर रानिया के खानचंद्रपुर और फतेहपुर के गोधरौली तक चमड़ा उद्योग और क्रोमियम कचरे से हुए प्रदूषण की वैज्ञानिक जांच तेज हो गई। आईआईटी कानपुर ने कानपुर नगर, कानपुर देहात और फतेहपुर के चिन्हित हाट स्पाट में मिट्टी, भूजल और सतही जल के नमूने एकत्र किए।

राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) में 28 सितंबर की प्रगति रिपोर्ट के अनुसार, कानपुर देहात के नौ हाट स्पाट से ही 166 नमूने लिए गए हैं। इनमें 75 भूजल, 19 सतही जल और 72 मिट्टी के नमूने शामिल हैं।

आईआईटी कानपुर को तीनों जिलों में भारी धातु प्रदूषण का वैज्ञानिक आकलन, जीआइएस आधारित मैपिंग और पर्यावरणीय उपचार के लिए तकनीकी सुझाव तैयार करने की जिम्मेदारी दी गई। इसके लिए यूपीएसआइडीए की ओर से 2.655 करोड़ रुपये स्वीकृत कर आईआईटी को हस्तांतरित किए जा चुके हैं।

अक्टूबर से हवा की भी जांच

जुलाई से सितंबर के बीच प्रमुख प्रदूषण प्रभावित क्षेत्रों में नमूना संग्रह का पहला चरण पूरा किया गया। अब जुलाई से अक्टूबर तक प्रयोगशाला में नमूनों का विश्लेषण किया जाएगा। मानसून के बाद अक्टूबर से वायु गुणवत्ता के नमूने भी लिए जाएंगे। इसी दौरान जीआइएस मैपिंग शुरू होगी। नवंबर से जांच के आधार पर अंतिम तकनीकी सिफारिशें तैयार की जाएंगी।

  • कानपुर देहात के खानचंद्रपुर (रानिया) में क्रोमियम कचरे के निस्तारण का काम पूरा होने की रिपोर्ट दी गई है। डंप स्थल के चारों ओर चारदीवारी भी बन चुकी है। प्रभावित रानिया और खानचंद्रपुर क्षेत्र में टैंकर और ओवरहेड टैंक के जरिये करीब 1.15 लाख लीटर प्रतिदिन स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराया जा रहा है। रिपोर्ट में इसे लगभग 135 लीटर प्रति व्यक्ति प्रतिदिन बताया गया है।
  • कानपुर नगर के अफीम कोठी और राखी मंडी क्षेत्र में टैंकरों से 105 लीटर प्रति व्यक्ति प्रतिदिन स्वच्छ पानी की आपूर्ति की जा रही है। प्रभावित हैंडपंप और बोरवेल बंद या ध्वस्त किए जा रहे हैं, ताकि प्रदूषित भूजल का इस्तेमाल रोका जा सके।
  • फतेहपुर के गोधरौली में क्रोमियम कचरे के डंप स्थल का मूल्यांकन और रेमेडिएशन प्लान तैयार करने के लिए मेसर्स स्ट्रेटस इंडिया प्राइवेट लिमिटेड को कार्यादेश दिया गया है। प्रभावित गोधरौली समेत चार गांवों बनियानखेड़ा, अभयपुर और आशापुर में जल जीवन मिशन के तहत रोजाना दो बार नल से स्वच्छ पानी उपलब्ध कराया जा रहा है।
  • फतेहपुर में 18 एमएलडी क्षमता के सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट का निर्माण चल रहा है। इसे नवंबर 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य है। कानपुर देहात में अकबरपुर और पुखरायां नगर निकायों में एसटीपी और ड्रेन टैपिंग के लिए डीपीआर स्वीकृति के लिए भेजी गई है।
  • कानपुर में भूजल के 42, जल के 30 व मिट्टी के 49 सहित कुल 121 सैंपल लिए गए हैं। यहां जूही बंबुरहिया, अफीम कोठी, जाजमऊ इंडस्ट्रियल एरिया, तेजाब मिल परिसर, गोलाघट, पनकी औद्योगिक क्षेत्र, नोरेया खेड़ा आठ हाट स्पाट में शामिल किए गए हैं।

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