कानपुर के दो महाठग ने की 5600 करोड़ की सबसे बड़ी साइबर ठगी, लुकआउट नोटिस के बाद हैदराबाद से गिरफ्तार, दोनों पर 86 केस
कानपुर के दो ठगों, शाहजेब वारिस और सलमान को 5600 करोड़ रुपये की ठगी के आरोप में हैदराबाद से गिरफ्तार ...और पढ़ें
HighLights
तीन साल में 2000 लोगों से ठगे 5600 करोड़, बीकाम पास सरगना समेत दो गिरफ्तार
आनलाइन गेम, मैचों में सट्टा खेलने वालों व मर्चेंट खातों में भी भेजी जाती थी रकम
दुबई भाग गया था सरगना और हैदराबाद लौटा, लुकआउट नोटिस के चलते धरा गया
गिरोह में दारोगा के बेटे समेत 14 लोग, 16 खाते मिले, जिनमें 1037 करोड़ का लेनदेन
अंकुर श्रीवास्तव, कानपुर। कानपुर में अब तक की सबसे बड़ी ठगी का राजफाश हुआ है। चमनगंज और बेकनगंज के दो शातिर अपराधियों ने ठगी का ऐसा मकड़जाल बुना कि 5600 करोड़ रुपये की बड़ी ठगी कर डाली। पुलिस ने इन्हें हैदराबाद से गिरफ्तार कर लिया। अकेले एक आरोपी पर 86 केस दर्ज हैं।
कानपुर पुलिस की साइबर क्राइम टीम ने 5600 करोड़ रुपये की ठगी से जुड़े गिरोह का पर्दाफाश करते हुए दो आरोपितों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने बेकनगंज के तलाक महल निवासी शाहजेब वारिस को हैदराबाद से गिरफ्तार किया। वहां की अदालत में पेश करने के बाद उसे 48 घंटे की ट्रांजिट रिमांड पर कानपुर लाया गया। उसकी निशानदेही पर चमनगंज निवासी सलमान को भी गिरफ्तार किया गया।

2,000 लोगों से 5600 करोड़ रुपये ठगे
तीन साल में देशभर के 2,000 लोगों से 5600 करोड़ रुपये की साइबर ठगी करने वाले गिरोह के सरगना शाहजेब वारिस समेत दो को पकड़ा गया है। आरोपित निवेश में अधिक लाभ का झांसा, डिजिटल अरेस्ट समेत अन्य तरीकों को जरिया बनाते थे।
बोगस 77 स्लाटर हाउस व स्क्रैप ट्रेडिंग फर्में बना रखी
रकम ठिकाने लगाने के लिए बोगस 77 स्लाटर हाउस व स्क्रैप ट्रेडिंग फर्में बना रखी थीं। कुछ रकम आनलाइन गेम व क्रिकेट मैचों में सट्टा जीतने वालों के बैंक खातों व मर्चेंट खातों में भेजी जाती थी। हवाला कनेक्शन भी सामने आया है। मुकदमा दर्ज होने के बाद सरगना दुबई भाग गया था। गिरफ्तारी से बचने के लिए वह फ्लाइट से हैदराबाद पहुंचा लेकिन, लुकआउट नोटिस जारी होने के चलते धरा गया। उसके साथी को पुलिस ने चमनगंज से पकड़ा।
गिरोह के 14 मुख्य सदस्यों के नाम मिले
शुरुआती जांच में गिरोह के 14 मुख्य सदस्यों के नाम मिले, जिनके बैंक खातों में हुए लेनदेन से ही ठगी की कुल रकम और पीड़ितों की संख्या पता चली है। 16 खाते ऐसे हैं, जिनमें 1037 करोड़ का लेनदेन किया गया। गिरोह के दो आरोपित ठगी के एक अन्य मामले में पहले से जेल में बंद हैं, इनमें से एक के खाते से एक साल में 559 करोड़ का लेनदेन किया गया। दारोगा के बेटे समेत 10 फरार आरोपितों की तलाश है।
शाहजेब वारिस बेकनगंज का रहने वाला
बीकाम पास शाहजेब वारिस बेकनगंज का रहने वाला है। नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल (एनसीआरपी) पर 86 शिकायतें मिली थीं, जिनसे शाहजेब के ठगी में शामिल होने का पता चला। जांच में कानपुर-उन्नाव समेत आसपास जिलों में 45 बोगस फर्में सामने आईं। बैंक खातों से पांच हजार पेज का विवरण निकलवाया गया, जिसमें शाहजेब समेत 14 लोगों के बारे में पता चला। उस पर 18 अगस्त को मुकदमा दर्ज किया तो वह उसी दिन दुबई भाग गया।
लुकआउट नोटिस जारी होने से वहां की पुलिस ने हैदराबाद में दबोचा
वह 21 अगस्त को लौटा, लेकिन 25 अगस्त को पांच साथियों एहतेशाम हुसैन, शाहवेज इलाही, मो. मुजम्मिल, मो. अनस, अर्सलान के साथ फिर दुबई चला गया। गुरुवार को पता चला कि वह हैदराबाद में है और दुबई जाएगा। साइबर टीम फ्लाइट से वहां पहुंची, तब तक लुकआउट नोटिस जारी होने से वहां की पुलिस ने उसे दबोच लिया।
सरगना शाहजेब के नाम पर 11 फर्मों के खाते हैं
टीम ने सरगना को हैदराबाद में कोर्ट में पेश कर 48 घंटे का ट्रांजिट रिमांड लिया और उसे लेकर शहर आई। यहां उसके साथी सलमान को गिरफ्तार किया। सरगना शाहजेब के नाम पर 11 फर्मों के खाते हैं, जिनमें वर्ष 2023 से अब तक 170 करोड़ व सलमान के एक खाते में 16 करोड़ रुपये का लेनदेन मिला है।
ठगी की रकम यूएसडीटी (यूएस डालर टेदर) में लगाता था
पुलिस आयुक्त रघुबीर लाल ने बताया कि गिरोह ठगी की रकम यूएसडीटी (यूएस डालर टेदर) में लगाता था। बोगस फर्मों के खातों व मर्चेंट पेमेंट खातों से करंट खातों में भेजकर निकालते थे, जिससे पुलिस चेन न ट्रेस कर सके। गिरोह ने उत्तर प्रदेश, दिल्ली, मध्य प्रदेश, तेलंगाना, आंध्रा प्रदेश, गुजरात, महाराष्ट्र तमिलनाडु, राजस्थान, छत्तीसगढ़ व बंगाल समेत लगभग हर राज्य में ठगी की है।
स्लाटर फर्म में मिले 65.26 लाख रुपये नकद
पुलिस आयुक्त ने बताया कि जांच के दौरान जाजमऊ के स्लाटर कारोबारी मुजम्मिल की एचएमएस फर्म में छापेमारी की, जहां उनके साझेदार मो. ताहिर मिले। वहां से पुलिस ने 65.26 लाख रुपये बरामद किए। उन्होंने पैसा अपना बताया पर हिसाब नहीं दे सके। रकम सीज कर ट्रेजरी में जमा कराई गई है।
तीसरा बड़ा मामला पकड़ा
इससे पहले कानपुर में 1500 करोड़ की ठगी में दिल्ली का महाठग रवींद्रनाथ सोनी और 3200 करोड़ के हवाला कारोबार का आरोपित टेनरी व स्क्रैप कारोबारी महफूज आलम जेल भेजा जा चुका है।
यह भी पढ़ें- कानपुर में 5वीं पास मास्टरमाइंड का किराए के कमरों में 'नोट कारखाना', प्रिंटर से छापे 10 लाख के नकली नोट, तीन गिरफ्तार
