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    कानपुर किडनी रैकेट: काला कारनामे वाले अस्पतालों से भागा स्टाफ, मरीज बेहाल

    Updated: Tue, 31 Mar 2026 04:03 PM (IST)

    कानपुर में किडनी ट्रांसप्लांट रैकेट का पर्दाफाश होने के बाद कल्याणपुर के मेडलाइफ और आहूजा मेडिकल सेंटर से स्टाफ व डॉक्टर फरार हो गए। इससे मरीज बेहाल ह ...और पढ़ें

    केशवपुरम स्थित आहूजा हास्पिटल के बाहर बैठे कर्मचारी। अस्पताल में भर्ती आयुष्मान लाभार्थी के स्वजन से रूपये मांग करने वाला कर्मचारी मोहित राणा (दाएं) । जागरण

    केशवपुरम स्थित आहूजा हास्पिटल के बाहर बैठे कर्मचारी। अस्पताल में भर्ती आयुष्मान लाभार्थी के स्वजन से रूपये मांग करने वाला कर्मचारी मोहित राणा (दाएं) । जागरण

    HighLights

    1. कानपुर में किडनी रैकेट का पर्दाफाश, अस्पताल स्टाफ फरार।

    2. मेडलाइफ अस्पताल बिना पंजीकरण चल रहा था, होगी कार्रवाई।

    3. आईएमए उपाध्यक्ष डॉ. प्रीति आहूजा का नाम भी सामने आया।

    जागरण संवाददाता, कानपुर। कानपुर के कल्याणपुर में मेडलाइफ हास्पिटल, केशवपुरम स्थित आहूजा मेडिकल सेंटर, प्रिया अस्पताल में किडनी ट्रांसप्लांट रैकेट का पर्दाफाश होने से अफरातफरी मच गई। इसकी सूचना लगते ही स्टाफ और डाक्टर भाग गए। करीब शहर के छह से ज्यादा अस्पताल में देर रात पुलिस के पहुंचने पर मरीज और परिजन भी घबरा गए। 

    कानपुर में किडनी रैकेट में नाम सामने आने वाले अस्पतालों में शहर के कई जाने-माने डाक्टरों के नाम के बोर्ड लगे हुए हैं। घटना के बाद सोमवार की रात आहूजा अस्पताल में सिर्फ एक मरीज झींझक की काजल भर्ती मिली, जो दिमागी बुखार से पीड़ित थी।

    घटना के बाद से अस्पताल में डाक्टर और स्टाफ भाग गया। ऐसे में देखरेख नहीं होने से परेशान मरीज भाई सौरभ डिस्चार्ज कराने के लिए कहने लगा, लेकिन अस्पताल का एजेंट मोहित उसे जाने नहीं दे रहा है। तीमारदार का आरोप है कि 15 हजार रुपये देने पर ही मरीज को जाने की बात कह रहे हैं।

    वहीं, मेड लाइफ अस्पताल में डोनर आयुष आइसीयू में भर्ती मिला। यहां भी कई डाक्टरों के नाम बोर्ड लिखे हुए थे, लेकिन कोई भी मौके पर नहीं मिला। यह स्थिति कल्याणपुर-शिवली स्थित लगभग सभी अस्पतालों की है। यहां बोर्ड में जाने-माने डाक्टरों के नाम लगाकर मरीजों को बेहतर इलाज का आश्वासन दिया जाता है, लेकिन मौके पर कोई नहीं होता।

    खबरें और भी

    एसीएमओ डा. रमित रस्तोगी ने बताया कि मेड लाइफ अस्पताल बिना पंजीकरण के संचालित मिला है। इस पर कार्रवाई की जाएगी।

    आइएमए की उपाध्यक्ष हैं डा. प्रीति आहूजा

    इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आइएमए) की उपाध्यक्ष हैं। जो पूर्व में भी आइएमए के कई पदों पर रह चुकी हैं। किडनी रैकेट में नाम आने के बाद से आइएमए के सदस्यों में उनकी चर्चा देर रात तक होती रही। हालांकि कोई भी सदस्य और आइएमए के पदाधिकारी इस बारे में कुछ भी बोलने को तैयार नहीं हुआ।