रावतपुर में जीटी रोड पर अतिक्रमण ढहाया, चेस्ट हास्पिटल और कार्डियोलाजी के बीच मेडिकल स्टोर समेत 10 दुकानें जमींदोज
कानपुर के रावतपुर में जीटी रोड पर डॉ. मुरारीलाल चेस्ट अस्पताल और एलपीएस कार्डियोलॉजी के बीच 10 दुकानें ध्वस्त की गईं। अवैध अतिक्रमण हटाने की इस कार्रव ...और पढ़ें

एलपीएस कार्डियोलॉजी के सामने की दुकानों को ढहाती जेसीबी। जागरण
HighLights
जीटी रोड पर 10 अवैध दुकानें ढहाई गईं, कार्रवाई के दौरान पक्षपात के आरोप लगे।
26 फरवरी और 13 मार्च को सहायक अभियंता ने दुकानदारों को दुकानें खाली करने को दिया था नोटिस
जागरण संवाददाता, कानपुर। रावतपुर में जीटी रोड पर रविवार सुबह डा. मुरारीलाल चेस्ट हास्पिटल और एलपीएस कार्डियोलाजी के बीच की 11 दुकानों में 10 को बैकहो लोडर ने ढहा दिया। इनमें होटल, जरनल स्टोर, मैगी प्वाइंट और मेडिकल स्टोर शामिल रहे। बिल्हौर की तरफ से आने वाले वाहनों का कल्याणपुर से गोल चौराहे की लेन में लंबा जाम रहा। पांच किमी रास्ता तय करने में वाहनों को एक-एक घंटे का समय लगा।
इस कार्रवाई में जायसवाल मेडिकल स्टोर को कोर्ट से स्टे बताकर छोड़ा गया, जबकि मेडिकल स्टोर संचालक ने 33 हजार एचटी लाइन के खंभे को कई वर्षाें से दुकान के अंदर कर रखा है। दुकानदारों ने पक्षपातपूर्ण कार्रवाई का आरोप लगाया है।
पूर्व में दिया गया था नोटिस
पूर्व में राष्ट्रीय राजमार्ग प्रभाग पीडब्ल्यूडी के सहायक अभियंता-द्वितीय ने 26 फरवरी और 13 मार्च को दुकानें खाली करने के संबंध में दुकानदारों को नोटिस भी दिया था, लेकिन उन लोगों ने दुकानें नहीं खाली की थीं। रविवार सुबह एडीएम सिटी डा. राजेश कुमार के नेतृत्व में अतिक्रमण ढहाने की कार्रवाई हुई। इस दौरान एसीपी स्वरूप नगर शिखर के नेतृतव में स्वरूप नगर, काकादेव, फजलगंज, कर्नलगंज, सीसामऊ, चमनगंज थाने की फोर्स और पीएसी भी मौजूद रही।
कार्रवाई का हुआ विरोध
शुरूआत में दुकानदारों ने कार्रवाई का विरोध किया, पर उनकी एक नहीं सुनी गई और दुकानें अवैध निर्मित होना बताकर ढहा दी गईं। इसके साथ ही मलबा और टीनशेड भी डंपर में भरकर हटवाया जाता रहा। कल्याणपुर से गोल चौराहे की लेन में वाहनों लंबा जाम लगा रहा। पुलिस ने लाउडहेलर से एनाउंसमेंट करते हुए वाहनों के बीच फंसी एंबुलेंस को निकलवाया। प्रभावित दुकानदारों का कहना था कि उनकी दुकानें तोड़ दी गईं, जबकि जायसवाल मेडिकल स्टोर को जानबूझकर छोड़ते हुए पक्षपातपूर्ण कार्रवाई की गई है।
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आशीष मेडिकल स्टोर को खाली कर कर्मचारी बाहर निकलते दवाएं। जागरण
डीएम की फटकार पर टूटी आशीष मेडिकल स्टोर की दुकान
राष्ट्रीय राजमार्ग प्रभाग पीडब्ल्यूडी के अभियंता अरुण कुमार जयंत ने आशीष मेडिकल स्टोर की दुकान टूटने का पूरा बचाव किया। वह कार्रवाई के बीच तीन घंटे तक एडीएम सिटी डॉ. राजेश कुमार, एसीएम-6 आलोक गुप्ता और पुलिस को आशीष मेडिकल स्टोर के बारे में कोर्ट का स्टे होने की बात कहकर गुमराह करते रहे। जब प्रशासनिक अधिकारियों ने मेडिकल स्टोर मालिक से कोर्ट के कागज प्रस्तुत करने को कहा तो उसने भी गुमराह किया। ऐसे में खबर डीएम को दी गई। फिर डीएम ने अभियंता से पूछताछ की। अभियंता ने स्वीकारा कि दुकान वाले के पास कोर्ट का कोई कागज नहीं है। प्रकरण में डीएम ने अभियंता से कड़ी नाराजगी जाहिर की और आधे घंटे का समय मिलते ही मेडिकल स्टोर संचालक ने दुकान को खाली करना शुरू कर दिया था। फिर कुछ देर बाद बैकहो लोडर ने इस दुकान पर प्रहार कर उसे जमींदोज कर दिया।
बिजली वाले उखाड़ ले गए मीटर
दुकानों के टूटने की खबर पाकर सर्किल प्रथम क्षेत्र के बिजली कर्मी भी मौके पर पहुंच गए थे। उन लोगों ने दुकानों में अस्थाई स्मार्ट मीटर उखाड़ लिए। अवर अभियंता सुनील पाल ने बताया कि आठ दुकानों में बिजली के स्मार्ट मीटर लगे थे, जिन्हें उखाड़ कर सुरक्षित कर लिया गया है। इन्हें अस्थाई कनेक्शन दिए गए थे। अब संबंधित दुकानदारों पर बकाया बिजली बिल की अदायगी के लिए नोटिस देकर वसूली की जाएगी।
परिवार कैसे चलाएं, दुकानें तोड़ रोजगार छीन लिया
अपनी आवाज उठाते नीरज सिंह
साईं मेडिकल स्टोर के नीरज सिंह का कहना है कि उनके यहां अन्य पांच लोग भी काम करते थे। इसलिए आठ-दस दुकानों में 50-60 लोगों को रोजगार मिला था। वह लोग बेरोजगार हो गए हैं, उनके परिवार भी आर्थिक तंगी से परेशान होंगे। जिला प्रशासन को चाहिए कि यदि उन लोगों ने राेजगार छीना है तो फिर से व्यवसाय के लिए कम से कम कहीं दूसरी जगह दे। उन्होंने कहा कि एलपीएस कार्डियोलाजी में प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र है, जो एक सप्ताह भी नहीं चला, कोई पूछने वाला है? इस औषधि केंद्र में 15 रुपये की दवा मिल रही थी, जबकि वही दवाई एलपीएस कार्डियोलाजी के अंदर मेडिकल स्टोर पर 150 रुपये में बिकती है। उनका बड़ा सवाल है कि वह लोग अब परिवार कैसे चलाएं, दुकानें तोड़कर रोजगार छीन लिया।

दुकान उजड़ने और रोजगार छीनने के बाद अपने सामान के पास बेबस खड़ा दंपती। जागरण
दंपती बेबस होकर देखता रहा कार्रवाई
दयाराम सैनी व उनकी पत्नी मनभा सैनी ने बताया कि एलपीएस कार्डियोलाजी के सामने वह 25 साल से चाय की दुकान रखे थे। हर रोज करीब एक हजार रुपये कमा लेते थे। उनके बच्चे मजदूरी करते हैं। दो-तीन दिन पहले नोटिस मिला था, लेकिन वह जवाब दाखिल नहीं कर पाए थे। बताया कि चाय की दुकान के पड़ोस में उनके दिवंगत भाई रामदास सैनी का शोभा मेडिकल स्टोर था, वह भी तोड़ दिया गया।
अतिक्रमण हटाओ अभियान (कानपुर)
| इन दुकानों पर चला बैकहो लोडर | |
| 1 | दयाराम मैगी और जनरल स्टोर |
| 2 | मेघनाथ सैनी जनरल स्टोर |
| 3 | आशीष मेडिकल स्टोर |
| 4 | बालाजी मेडिकल स्टोर |
| 5 | जय मां मेडिकल स्टोर |
| 6 | साईं मेडिकल स्टोर |
| 7 | अनिल मेडिकल स्टोर |
| 8 | क्रांति भोजनालय (सावित्री) |
| 9 | कृष्णा भोजनालय |
| 10 | रंजीत मोबाइल शॉप |
| समय | घटना |
|---|---|
| 09:00 AM | जेसीबी और पुलिस मौके पर पहुंची |
| 09:30 AM | दुकानदारों का विरोध जारी रहा |
| 09:40 AM | एडीएम सिटी, एसीएम-6, एसीपी स्वरूपनगर और एनएचएआई अधिकारी पहुंचे |
| 10:00 AM | दुकानों से सामान निकालना शुरू |
| 11:30 AM | आठ दुकानें गिराई गईं |
| 12:00 PM | आशीष मेडिकल स्टोर ने दुकान खाली करना शुरू किया |
| 12:45 PM | आशीष मेडिकल स्टोर भी ध्वस्त |
| 05:00 PM | मलबा हटाने का कार्य जारी |
हाइवे किनारे दुकानें अवैध रूप से निर्मित थीं, इस कारण एलपीएस कार्डियोलाजी संस्थान को दिक्कत हो रही थी। इन दुकानों के विरुद्ध आइजीआरएस में भी शिकायत हुई थी। जिसके क्रम में अतिक्रमण को हटाया गया है। इससे पहले सहायक अभियंता द्वितीय की तरफ से दुकानदारों को दुकानें खाली करने के संबंध में दो नोटिस भी जारी हुए थे।
- अरुण कुमार जयंत, अधिशासी अभियंता-राष्ट्रीय राजमार्ग प्रभाग पीडब्ल्यूडी