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    काड़ौर में झांसी पुलिस का बड़ा ऑपरेशन: तड़के 3 बजे साइबर ठगों की धरपकड़, नेटवर्क क्रेक करने के लिए कई पकड़े

    Updated: Sat, 08 Aug 2026 01:33 PM (IST)

    झाँसी के काड़ौर गांव में पुलिस ने तड़के 4 घंटे का बड़ा ऑपरेशन चलाकर साइबर अपराध नेटवर्क के संदिग्ध ठिकानों पर छापेमारी की। इस दौरान कई लोगों को हिरासत ...और पढ़ें

    HighLights

    1. काड़ौर गांव में पुलिस का 4 घंटे का बड़ा ऑपरेशन

    2. साइबर ठगी नेटवर्क के संदिग्ध ठिकानों पर हुई छापेमारी

    3. कई लोग हिरासत में, मोबाइल-लैपटॉप जैसे उपकरण जब्त

    जागरण संवाददाता, झांसी। कटेरा थाना क्षेत्र का काड़ौर गांव शनिवार तड़के पुलिस छावनी में तब्दील हो गया। अंधेरे में चारों ओर से गांव की घेराबंदी करते हुए सड़कों पर पुलिस की गाड़ियां और हाथों में हथियार लिए जवान दिखाई देने लगे। आसमान में अचानक उड़ते ड्रोन और घर-घर पहुंचती पुलिस टीम ने ग्रामीणों को सकते में डाल दिया। लगभग 4 घंंटे तक चले इस बड़े ऑपरेशन में पुलिस ने साइबर अपराध के संदिग्ध ठिकानों को खंगाला।

    दर्जनभर महिलाएं-पुरुष और किशोर-किशोरियों को पूछताछ के लिए पुलिस हिरासत में लिया गया है। यह कार्रवाई शनिवार तड़के 7 बजे शुरू हुई। ऑपरेशन की कमान पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों ने संभाली। एसपी सिटी, एसपी देहात, छह क्षेत्राधिकारी और कई थानों की पुलिस गांव में पहुंची। संदिग्ध स्थानों पर निगरानी के लिए ड्रोन का इस्तेमाल भी किया गया है।

    साइबर ठगों की तलाश में तड़के 3 बजे पुलिस ने गांव को घेरा

    पुलिस सूत्रों के अनुसार कार्रवाई की मुख्य वजह काड़ौर में सक्रिय बताए जा रहे साइबर अपराध के नेटवर्क की तलाश है। जांच एजेंसियों को आशंका है कि ऑनलाइन लकी ड्रॉ और लॉटरी के नाम पर लोगों को आकर्षित कर उनसे रकम ऐंठने का खेल चल रहा था। इस नेटवर्क में गांव के अलावा दूसरे इलाकों के लोगों के जुड़े होने की भी जांच की जा रही है।

    छह सीओ समेत कई थानों की फोर्स ने संभाला मोर्चा

    तलाशी के दौरान पुलिस ने बड़ी संख्या में मोबाइल फोन, सिमकार्ड, लैपटॉप और अन्य डिजिटल उपकरण कब्जे में लिए हैं। इन उपकरणों में मौजूद डेटा की जांच के लिए साइबर टीम और विशेषज्ञों को लगाया गया है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि किन मोबाइल नंबर से संपर्क किया जाता था, रकम किन खातों में पहुंचती थी और इस पूरे नेटवर्क के तार कहां तक जुड़े हैं। कार्रवाई के दौरान हथियार मिलने की भी सूचना है।

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    हालांकि बरामद हथियारों की संख्या और उनका विवरण पुलिस की ओर से आधिकारिक रूप से स्पष्ट किया जाना बाकी है। इसी तरह हिरासत में लिए गए लोगों की भूमिका भी जांच के बाद ही स्पष्ट होगी।

    काड़ौर पर पहले भी उठे हैं सवाल

    काड़ौर और कटेरा क्षेत्र में ऑनलाइन अपराध से जुड़ी गतिविधियों का यह पहला संकेत नहीं है। उत्तर प्रदेश पुलिस के आधिकारिक रिकॉर्ड में जुलाई 2026 में कटेरा पुलिस द्वारा मोबाइल फोन से ऑनलाइन सट्टा संचालित करने वाले 3 आरोपितों को गिरफ्तार करने तथा एक लाख रुपये से अधिक के ऑनलाइन लेन-देन सम्बन्धी स्क्रीन शॉट समेत मोबाइल बरामद करने की कार्रवाई हो चुकी है। इससे पहले पन्ना जिले (मध्य प्रदेश) की पुलिस की आधिकारिक कार्रवाई में काड़ौर निवासी 4 युवकों के ऑनलाइन ठगी और लकी ड्रॉ व लॉटरी ड्रॉ में वाहन जीतने का झांसा देकर धोखाधड़ी करने का उल्लेख मिला था।

    हथियार मिलने की भी सूचना, साइबर विशेषज्ञ खंगाल रहे डाटा

    अब काड़ौर में हुई ताजा कार्रवाई के बाद पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि क्या पुराने मामलों और वर्तमान नेटवर्क के बीच कोई कड़ी है। डिजिटल उपकरणों से मिलने वाला डेटा इस जांच की सबसे अहम कड़ी माना जा रहा है। पुलिस की ओर से अभी इस कार्रवाई की पुष्टि नहीं की गई। माना जा रहा है कि इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की जांच और हिरासत में लिए गए लोगों से पूछताछ के बाद साइबर ठगी के बड़े नेटवर्क का खुलासा हो सकता है।

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    लॉटरी के नाम पर ठगी

    पुलिस को आशंका है कि ऑनलाइन लकी ड्रॉ और लॉटरी के नाम पर लोगों को झांसे में लेकर रकम वसूली जा रही थी। अब जाँच इस बात पर है कि नेटवर्क में कितने लोग शामिल हैं और रकम किन खातों तक पहुंचती थी। पुलिस के हाथ यह डिजिटल खजाना लगा है। इस कार्रवाई में बरामद मोबाइल और लैपटॉप अब जांच की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी हैं। इनमें सेव नम्बर, चैट, बैंकिंग ऐप, ट्रांजैक्शन, यूपीआई आईडी और सोशल मीडिया गतिविधियों से नेटवर्क की पूरी तस्वीर सामने आ सकती है।

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