वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय परिसर में कैंपस की सुरक्षा को चाहिए ‘सीमा’ जैसी चौकसी
वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय परिसर में कुलसचिव के आवास पर चोरी के बाद सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं। लोग परिसर के पिछले हिस्से में सी ...और पढ़ें

पूर्वांचल विश्वविद्यालय में कुलसचिव के घर चोरी, कैंपस सुरक्षा पर उठे गंभीर सवाल।
HighLights
कुलसचिव के आवास पर चोरी, विश्वविद्यालय सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल.
परिसर के पिछले हिस्से में कड़ी निगरानी, सुरक्षा पोस्ट बनाने की मांग.
सीसीटीवी फुटेज में चार संदिग्ध दिखे, पुलिस पहचान का प्रयास कर रही.
जागरण संवाददाता, मल्हनी (जौनपुर)। वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय परिसर में कुलसचिव एवं परीक्षा नियंत्रक डॉ. विनोद कुमार सिंह के आवास में हुई चोरी के बाद अब सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठने लगे हैं। घटना के कई दिन बाद भी परिसर के पिछले हिस्से में निगरानी व्यवस्था मजबूत करने की मांग जोर पकड़ रही है।
लोगों का कहना है कि जिस तरह सीमावर्ती क्षेत्रों में ऊंची सुरक्षा चौकियां बनाकर सुरक्षाकर्मी निगरानी करते हैं, उसी तर्ज पर विश्वविद्यालय के संवेदनशील हिस्सों में भी चौकसी की व्यवस्था होनी चाहिए। कुलसचिव के आवास में शुक्रवार-शनिवार की रात चोर उत्तरी दिशा की करीब सात फीट ऊंची चहारदीवारी फांदकर दाखिल हुए थे।
ताला काटकर आवास के अंदर प्रवेश करने के बाद अलमारी और सामान खंगाला गया था। चोर उनकी कार भी लेकर फरार हो गए थे। मामले में कुलसचिव की तहरीर पर मुकदमा दर्ज है। घटना के बाद सामने आया कि कुलसचिव आवास के आसपास कुलपति आवास, परीक्षा नियंत्रक कार्यालय और तीन महिला छात्रावास भी हैं।
मुख्य मार्ग की ओर सुरक्षा व्यवस्था होने के बावजूद पीछे का हिस्सा अपेक्षाकृत कमजोर निगरानी में है।ट्रांजिट हास्टल के सीसीटीवी कैमरे में चार संदिग्ध व्यक्ति भी कैद हुए हैं। पुलिस फुटेज के आधार पर उनकी पहचान का प्रयास कर रही है। प्रभारी निरीक्षक अमरेंद्र कुमार पांडेय के अनुसार फिलहाल मामले में कोई ठोस प्रगति नहीं हुई है।
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विश्वविद्यालय के अधिकारियों और कर्मचारियों का कहना है कि परिसर में महत्वपूर्ण अधिकारियों और कर्मचारियों के आवास होने के कारण सुरक्षा में किसी तरह की ढिलाई नहीं होनी चाहिए। लोगों ने आवासों के पीछे ऊंची सुरक्षा पोस्ट बनाने, वहां नियमित रूप से सुरक्षाकर्मी तैनात करने और हाईमास्ट लाइट लगाने की मांग की है। इससे अंधेरे और सुनसान हिस्सों पर लगातार निगरानी रखी जा सकेगी और भविष्य में ऐसी घटनाओं की आशंका कम होगी।