समर्थ पोर्टल की उलझन में फंसे विद्यार्थियों के प्रवेश रजिस्ट्रेशन, शिकायत के बाद भी विद्यार्थी परेशान
पूर्वांचल विश्वविद्यालय से संबद्ध कॉलेजों में समर्थ पोर्टल पर प्रवेश रजिस्ट्रेशन में विषय न दिखने और सीटों में अंतर से छात्र परेशान हैं। विश्वविद्यालय ...और पढ़ें

पूर्वांचल विश्वविद्यालय में समर्थ पोर्टल पर प्रवेश रजिस्ट्रेशन में बाधा, छात्रों की बढ़ी चिंता।
HighLights
समर्थ पोर्टल पर विषयों का विकल्प न मिलने से परेशानी।
स्नातकोत्तर सीटों की संख्या में भी अंतर की शिकायत।
विश्वविद्यालय प्रशासन समस्याओं के समाधान का कर रहा प्रयास।
जागरण संवाददाता, मल्हनी (जौनपुर)। वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय से संबद्ध महाविद्यालयों में प्रवेश रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया समर्थ पोर्टल के माध्यम से चल रही है। इसी बीच करीब एक दर्जन महाविद्यालयों में संचालित कुछ विषय पोर्टल पर प्रदर्शित नहीं होने का मामला सामने आया है।
संबंधित महाविद्यालयों ने इसकी शिकायत भी की है, लेकिन कुछ मामलों में समस्या दूर नहीं होने से विद्यार्थी परेशान हैं। विषय का विकल्प पोर्टल पर उपलब्ध नहीं होने के कारण विद्यार्थी संबंधित पाठ्यक्रम में अपना प्रवेश रजिस्ट्रेशन पूरा नहीं कर पा रहे हैं।
महाविद्यालयों के अनुसार कई संस्थानों में संचालित विषयों में से एक या अधिक विषय समर्थ पोर्टल पर शो नहीं कर रहे हैं। इससे विद्यार्थियों के सामने यह असमंजस है कि संबंधित विषय में प्रवेश के लिए रजिस्ट्रेशन कैसे पूरा किया जाए। मामला सामने आने के बाद महाविद्यालयों की ओर से विश्वविद्यालय स्तर पर इसकी जानकारी दी गई है।
महाविद्यालय प्रबंधन का कहना है कि प्रवेश प्रक्रिया की अंतिम तिथि नजदीक होने के कारण तकनीकी समस्या का जल्द समाधान जरूरी है, ताकि किसी विद्यार्थी का प्रवेश केवल पोर्टल की खामी के चलते प्रभावित न हो।स्नातकोत्तर पाठ्यक्रमों की सीटों को लेकर भी कुछ महाविद्यालयों में अंतर दिखाई देने की शिकायत है।
खबरें और भी
निर्धारित सीटों की संख्या और समर्थ पोर्टल पर प्रदर्शित सीटों में अंतर होने से प्रवेश प्रक्रिया को लेकर असमंजस की स्थिति बन रही है।महाविद्यालयों का प्रवेश रजिस्ट्रेशन 15 अगस्त तक होना है। ऐसे में विषयों और सीटों का सही विवरण समय रहते पोर्टल पर अपडेट होना जरूरी है। इसका असर आगे चलकर विद्यार्थियों की छात्रवृत्ति प्रक्रिया पर भी पड़ सकता है।
प्रवेश प्रभारी पूर्वांचल विश्वविद्यालय प्रो. मिथिलेश सिंह ने बताया कि इस बार करीब 63 नए पाठ्यक्रम और दो नए महाविद्यालय हैं। सभी को वेबसाइट पर अपलोड कर दिया गया है। जिन विषयों के शो नहीं करने की शिकायत मिली है, उन्हें सही करा दिया गया है। यदि किसी महाविद्यालय या विद्यार्थी की ओर से ऐसी कोई शिकायत मिलती है तो उसे भी दुरुस्त करा दिया जाएगा। विद्यार्थियों को प्रवेश रजिस्ट्रेशन में परेशानी न हो, इसके लिए लगातार प्रयास किया जा रहा है।