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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे May 16, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    UP Lok Sabha Election: भाजपा की राह को आसान बना सकता श्रीकला फैक्टर, गृहमंत्री अमित शाह से मुलाकात पर हंसकर बोलीं ये बात

    Updated: Thu, 16 May 2024 07:52 AM (IST)

    UP Lok Sabha Election बसपा प्रत्याशी के रूप में जौनपुर लोकसभा क्षेत्र से नामांकन के बाद पूर्व सांसद धनंजय सिंह की पत्नी जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीकला सि ...और पढ़ें

    दिल्ली में गृहमंत्री अमित शाह से मुलाकात करतीं जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीकला सिंह l स्रोत - इंटरनेट मीडिया
    दिल्ली में गृहमंत्री अमित शाह से मुलाकात करतीं जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीकला सिंह l स्रोत - इंटरनेट मीडिया

    HighLights

    1. जौनपुर में कृपाशंकर सिंह तो मछलीशहर सुरक्षित सीट पर बीपी सरोज को भी मिल सकती है राहत
    2. क्षत्रिय मतों में होता बिखराव तो नुकसान में होती भाजपा, मौर्यों पर सपा तो यादवों पर बसपा की नजर

     जागरण संवाददाता, जौनपुर। जौनपुर लोकसभा सीट पर जब बसपा की ओर से श्रीकला सिंह चुनावी मैदान में उतरीं तो भाजपा के पदाधिकारियों के माथे पर पसीने छूट गए। पत्नी के बहाने चुनाव में जोर आजमाइश करने उतरे पूर्व सांसद धनंजय सिंह भाजपा की राह में अवरोध बनकर उभरे थे, हालांकि अब भाजपा को समर्थन देने के बाद बदले हालात में केवल जौनपुर ही नहीं बल्कि आसपास की सीटों पर भाजपा के लिए लड़ाई पहले से थोड़ी आसान हो गई है।

    प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के 400 पार के लक्ष्य में क्षत्रिय मतों में बिखराव बड़ी बाधा बन सकती थी, हालांकि धनंजय सिंह के भाजपा सरकार की तारीफ करने व पार्टी को समर्थन देने के कदम से जहां भाजपा प्रत्याशी कृपाशंकर सिंह की राह आसान हो गई है। इससे मछलीशहर सीट पर भाजपा प्रत्याशी बीपी सरोज को भी बड़ी राहत मिलेगी।

    राजनीतिक जानकार बताते हैं कि श्रीकला अगर बसपा प्रत्याशी के रूप में मैदान में रहतीं तो इसका असर जौनपुर के साथ ही आसपास के अन्य सीटों पर हो सकता था। जौनपुर लोकसभा सीट पर जातीय समीकरण बता रहे हैं कि यहां इस बार यहां कांटे की टक्कर होगी।

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    समाजवादी पार्टी ने जहां बाबू सिंह कुशवाहा को मैदान में उतारकर डेढ़ लाख से अधिक मौर्य मतदाताओं की साधने की कोशिश की है, वहीं बसपा ने श्रीकला सिंह का टिकट काटकर अपने सिटिंग सांसद श्याम सिंह यादव को एक बार फिर मैदान में उतारा है। इससे ढाई लाख के करीब यादव मतदाताओं को रिझाने की कोशिश की गई है।

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    बदली परिस्थितियों में अब सपा यहां मुस्लिम मतदाताओं को अपने पक्ष में करने में जुटी है। अनुमान के मुताबिक यहां अनुसूचित जाति व यादव मतदाताओं की संख्या ढाई लाख के आसपास तो मौर्य मतदाताओं की तादाद भी डेढ़ लाख के आसपास है। अल्पसंख्यक व क्षत्रिय मतदाताओं की भी संख्या डेढ़-डेढ़ लाख के करीब तो ब्राह्मण मतदाता भी एक लाख साठ-सत्तर हजार हैं। अब देखना होगा कि कौन किसके वोट बैंक में कितनी सेंध लगा पाता है।

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    जौनपुर की राजनीति पर शाह से की चर्चा

    बसपा प्रत्याशी के रूप में जौनपुर लोकसभा क्षेत्र से नामांकन के बाद पूर्व सांसद धनंजय सिंह की पत्नी जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीकला सिंह चुनाव मैदान से तो हट चुकी हैं, लेकिन जिले की सियासत को लेकर सुर्खियों में बनी हुई हैं। बुधवार को गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की उनकी तस्वीर इंटरनेट मीडिया में प्रसारित हुई।

    इस संबंध में पूछे जाने पर उन्होंने बताया कि दो दिन पहले उनकी केंद्रीय गृह मंत्री से नई दिल्ली में मुलाकात हुई है। इस दौरान जौनपुर की राजनीति के संबंध में भी चर्चा हुई। मुलाकात के दौरान मुझे उनका आशीर्वाद प्राप्त हुआ।

    भाजपा में शामिल होने के संबंध में उन्होंने हंसते हुए कहा कि जो भी अपडेट होगा उससे अवगत करा दूंगी। बताते चलें कि अभी एक दिन पहले बुधवार को ही इनके पति पूर्व सांसद धनंजय सिंह ने अपने गृह क्षेत्र में बड़ी संख्या में समर्थकों की मौजूदगी में भाजपा के समर्थन का एलान किया है।