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सरकारी इलाज पर बढ़ा विश्वास, दोगुनी हुई मरीजों की संख्या, 100 बेड का अस्पताल चालू होने पर बढ़ेगी सहूलियत

Published: Fri, 23 Jan 2026 04:33 PM (GMT+05:30)

जौनपुर में सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार के कारण मरीजों का विश्वास बढ़ा है। बेहतर संसाधनों और सुविधाओं से ओपीडी ...और पढ़ें

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HighLights

  1. सरकारी अस्पतालों में मरीजों की संख्या दोगुनी से अधिक हुई।

  2. बेहतर संसाधनों और सुविधाओं से स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार।

  3. 100 बेड अस्पताल व मेडिकल कॉलेज से मिलेगी और सहूलियत।

स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार का दिख रहा असर, मिल रहा नया जीवन

ओपीडी ही नहीं, भर्ती मरीजों की संख्या में भी हो रही निरंतर वृद्धि

जागरण संवाददाता, जौनपुर। जनपद में स्वास्थ्य सेवा को लेकर सरकार के प्रयास अब धरातल पर दिखने लगे हैं। बेहतर संसाधनों और आधुनिक सुविधाओं का ही परिणाम है कि सरकारी अस्पतालों में ओपीडी ही नहीं, बल्कि भर्ती मरीजों की संख्या में भी निरंतर वृद्धि हो रही है। 'एक रुपये की पर्ची' पर मिलने वाले परामर्श और दवाओं ने आम आदमी के मन में सरकारी तंत्र के प्रति भरोसा जगाया है।

स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों पर गौर करें तो वर्ष 2019-20 में जनपद में 9,98,763 मरीज देखे गए थे। बीते छह सालों में संसाधनों और बेहतर प्रबंधन के कारण यह संख्या दो गुना से भी अधिक बढ़ गई है। वर्ष 2025-26 में अब तक कुल 238764 मरीजों ने सरकारी अस्पतालों में अपना पंजीकरण कराया है।

यह भारी इजाफा दर्शाता है कि अब लोग निजी अस्पतालों के महंगे इलाज के बजाय सरकारी सुविधाओं को प्राथमिकता दे रहे हैं। केवल परामर्श ही नहीं, बल्कि अस्पतालों में भर्ती होकर इलाज कराने वाले मरीजों का ग्राफ भी बीते छह वर्षों में तेजी से ऊपर गया है।

सरकार का मुख्य उद्देश्य है कि गंभीर मरीजों को इलाज के लिए वाराणसी या लखनऊ जैसे महानगरों की ओर न भागना पड़े। इसके लिए जिले में बुनियादी ढांचे को मजबूत किया जा रहा है। 100 बेड का नया अस्पताल चालू होने और मेडिकल कॉलेज में भर्ती की पूर्ण सुविधा मिलने से यह आंकड़ा और भी बढ़ेगा।

गरीबों को नहीं होना होगा कर्जदार

पहले गंभीर बीमारी होने पर गरीब परिवारों को उपचार के लिए अपनी जमीन गिरवी रखनी पड़ती थी या साहूकारों से कर्ज लेना पड़ता था। अब मेडिकल कॉलेज और जिला अस्पतालों में विशेषज्ञ चिकित्सकों की मौजूदगी से गंभीर रोगों का इलाज स्थानीय स्तर पर सुलभ हो गया है। सरकार के इन प्रयासों का सीधा लाभ गरीब और मध्यम वर्ग के उन लोगों को मिल रहा है, जो महंगे निजी अस्पतालों का खर्च वहन नहीं कर सकते थे।

संसाधनों में वृद्धि से बदला परिदृश्य

जनसमस्याओं को देखते हुए सरकार स्वास्थ्य बजट और संसाधनों पर विशेष ध्यान दे रही है। अस्पतालों में आधुनिक मशीनों, पैथोलाजी जांच की सुलभता और मुफ्त दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित की गई है। जैसे-जैसे नए अस्पतालों में सुविधाओं का विस्तार होगा, वैसे-वैसे आम जनता का सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं पर निर्भरता और विश्वास और अधिक सुदृढ़ होगा।

जनपद में उपचार का आंकड़ा

वर्ष ओपीडी आइपीडी
2019-20 998763 73415
2020-21 1107510 78103
2021-22 1229576 94777
2022-23 1764217 108152
2023-24 1968580 110230
2024-25 2291454 114754
2025-2026 238764 124622

 


2019-20-998763-73415

2020-21-1107510-78103

2021-22-1229576-94777

2022-23-1764217-108152

2023-24-1968580-110230

2024-25-2291454-114754

2025-2026-238764-124622

जनपद की स्वास्थ्य सेवाएं और बेहतर होंगी। मेडिकल कॉलेज में जल्द ही मरीजों को भर्ती करने , एमआरआई की सुविधा मिलेगी। इसके अलावा 100 बेड का एक और अस्पताल शुरू होगा। शीघ्र चिकित्सकों की भी तैनाती होगी।

-डाॅ. प्रभात कुमार, सीएमओ।