विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

जौनपुर में कोविड काल में सेवा देने वाले 47 स्वास्थ्य कर्मियों को मिलेगी नौकरी, आयु में मिलेगी पांच वर्ष की छूट

Updated: Thu, 13 Aug 2026 10:49 PM (IST)

जौनपुर में कोविड महामारी के दौरान सेवा देने वाले 47 अस्थायी स्वास्थ्य कर्मियों को रिक्त पदों पर पुनः नौकरी मिलेगी। उन्हें आयु सीमा में पांच वर्ष की छूट और अनुभव के आधार पर अतिरिक्त अंक भी दिए जाएंगे।

प्रतीकात्मक प्रस्तुतीकरण के लिए तस्वीर को एआई टूल की मदद से बनाया गया है।

प्रतीकात्मक प्रस्तुतीकरण के लिए तस्वीर को एआई टूल की मदद से बनाया गया है।

HighLights

  1. कोविड काल में सेवा देने वाले 47 कर्मियों को लाभ।

  2. रिक्त पदों पर पुनः नियुक्ति, आयु में पांच वर्ष की छूट।

  3. अनुभव के आधार पर अतिरिक्त अंक, सत्यापन समिति गठित।

जागरण संवाददाता, जौनपुर। कोविड-19 महामारी के दौरान अपनी जान जोखिम में डालकर सेवाएं देने वाले अस्थायी, संविदा और आउटसोर्स स्वास्थ्य कर्मियों के लिए राहत भरी खबर है।

कोविड काल में न्यूनतम 90 दिन कार्य कर चुके कर्मियों को उपलब्ध रिक्त पदों के सापेक्ष पुनः कार्य पर रखा जाएगा। इसके लिए शासनादेश जारी किया गया है। इस पहल का लाभ जनपद में सेवा दे चुके 47 स्वास्थ्य कर्मियों को भी मिलेगा।

चिकित्सा स्वास्थ्य, परिवार कल्याण व चिकित्सा शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव अमित कुमार घोष की ओर से जारी दिशा-निर्देश के तहत जनपद स्तर पर जिला विकास अधिकारी की अध्यक्षता में गठित समिति के माध्यम से सत्यापन कराकर प्रक्रिया पूर्ण की जाएगी।

गाइड लाइन के अनुसार आउटसोर्सिंग के रिक्त पदों पर कर्मियों की शैक्षणिक योग्यता के आधार पर सीधे पुनः कार्य पर लिया जाएगा। वहीं कोविड काल में सेवाएं देने वाले चिकित्सकों को राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत संविदा के रिक्त पदों पर जिला स्वास्थ्य समिति के माध्यम से तैनात किया जाएगा।

सभी पात्र कर्मियों को आरक्षण नियमों के तहत अधिकतम आयु सीमा में पांच वर्ष की अतिरिक्त छूट दी जाएगी। यदि किसी जिले में पद रिक्त नहीं हैं तो संबंधित मंडल के मंडलायुक्त अपने स्तर से मंडल के अन्य जिलों में उपलब्ध रिक्त पदों के सापेक्ष कोविड कर्मियों को समायोजित करेंगे। शासन ने स्पष्ट किया है कि 15 दिनों के भीतर रिपोर्ट निर्धारित प्रारूप पर शासन को भेजी जाए।

बिना पंजीकरण वालों के लिए गठित होगी कमेटी

सेवा देने वाले जो कर्मी अटेंडेंस मैनेजमेंट सिस्टम ऐप पर पंजीकृत हैं, उन्हें सीधे सीएमओ द्वारा क्यूआर कोड आधारित प्रमाण पत्र जारी किया जाएगा। वहीं जो आउटसोर्स कर्मी ऐप पर पंजीकृत नहीं हो सके थे, उनके सत्यापन के लिए सीडीओ की अध्यक्षता में एक समिति गठित होगी।

इसमें डीएम व सीएमओ द्वारा नामित वित्त अधिकारी, डीपीएम और डीपीएमयू सदस्य रहेंगे। बैंक स्टेटमेंट, नियुक्ति पत्र और सक्षम अधिकारी द्वारा जारी अनुभव प्रमाण पत्र के सत्यापन के बाद ही प्रमाण पत्र निर्गत किया जाएगा।

  • अनुभव अवधि के हिसाब से मिलेंगे अतिरिक्त अंक।
  • तीन से छह माह तक सेवा: दो प्रतिशत अतिरिक्त अंक।
  • छह माह से एक वर्ष तक सेवा: पांच प्रतिशत अतिरिक्त अंक।
  • एक से 1.5 वर्ष तक सेवा: 10 प्रतिशत अतिरिक्त अंक।
  • 1.5 वर्ष या उससे अधिक सेवा: अधिकतम 15 प्रतिशत अतिरिक्त अंक।

पंचायत विभाग के राज्य वित्त आयोग से कोविड काल में वार्डब्वाय, वार्ड आया, ओटी टेक्नीशियन, स्वीपर आदि की सेवा देने वाले 47 कर्मियों की सेवा समाप्त हुई थी। शासनादेश का इन कर्मियों को लाभ मिलेगा। -डॉ. गंगाराम गौतम, सीएमओ।

यह भी पढ़ें- जौनपुर की 1734 ग्राम पंचायतों में लगेगा इन्फार्मेशन बोर्ड, हर योजना की मिलेगी जानकारी