Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 02, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Jalaun News: छह महीने भी नहीं टिक सही 35 लाख रुपये से बनी सड़क, गड्ढों में तब्दील; लोगों को हो रही परेशानी

    Updated: Wed, 02 Jul 2025 03:19 PM (IST)

    सुजानपुर से कठपुरवा जाने वाली सड़क का निर्माण पांच महीने पहले हुआ था लेकिन घटिया निर्माण के कारण सड़क पहली बारिश में ही उखड़ गई। सड़क पर बड़े-बड़े गड् ...और पढ़ें

    सुजानपुर-कठपुरवा सड़क के गड्ढों में भरा पानी।- जागरण
    सुजानपुर-कठपुरवा सड़क के गड्ढों में भरा पानी।- जागरण

    संवाद सूत्र, कदौरा। सुजानपुर से कठपुरवा जाने के लिए लिंक मार्ग है। करीब ढाई से तीन किमी की सड़क छह महीने भी नहीं टिक सकी। पांच महीने पहले ही इसका निर्माण करवाया गया था। तब ग्रामीणों को लगा था कि सड़क बनकर तैयार हो जाएगी इससे आवागमन में सुविधा होगी। इसके बाद पांच महीने और पहली बारिश में ही सड़क पूरी तरह उखड़कर गड्ढों में तब्दील हो गई है।

    सुजानपुर से कठपुरवा तक ठेकेदार द्वारा सड़क का निर्माण इतना घटिया करवाया गया कि यह सड़क छह महीने भी नहीं टिक सकी और पूरी सड़क पर दो से ढाई फीट तक के गड्ढे हो गए जिससे अब बरसात के समय पूरी सड़क में पानी ही पानी नजर आता है। सड़क का कहीं नामोनिशान तक नहीं है। पूरी सड़क कमीशन खोरी के भेंट चढ़ गई।

    यहां से प्रतिदिन हजारों की संख्या में ग्रामीण मुख्यालय, तहसील, ब्लाक सहित अन्य जगह के लिए जाते हैं। जनवरी, फरवरी के महीने में इस सड़क का निर्माण लोक निर्माण विभाग ने करवाया था। जिसमें 35 लाख रुपये की लागत का ठेका फर्म को दिया गया था। जिसमें जीएसवी के तहत गड्ढों की भराई होनी थी। इसके अलावा डामर का छिड़काव होना था।

    सड़क को मानक के हिसाब से पूरा नहीं किया गया और सड़क पूरी तरह से भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गई। ग्रामीण रामनाथ, आरबी सिंह, बद्री वाजपेयी, कैलाश स्वरूप, विनोद शुक्ला, अरुण दुबे, वीरेंद्र सिंह ने बताया कि पांच महीने पहले ही सड़क का निर्माण करवाया गया था और सड़क को छह महीने भी नही हुए। सड़क चलने लायक भी नहीं बची है।  

    खबरें और भी

    लोक निर्माण विभाग के अधिशाषी अभियंता महेंद्र सिंह का कहना है कि अभी सड़क ठेकेदार की ही देखरेख में है। पूरी सड़क का टेंडर नहीं हुआ था कुछ का टेंडर हुआ था और अभी तक ठेकेदार को कोई भुगतान नहीं किया गया है। निर्मित सड़क अगर मानक पूरा नहीं करती है तो भुगतान रोक दिया जाएगा।