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    10 साल से सिर्फ अपनी कमियां छिपा रही भाजपा, बसपा के नेशनल काेआर्डिनेटर आकाश आनंद ने साधा निशाना

    By Digital Desk Edited By: Prateek Gupta
    Updated: Mon, 10 Aug 2026 02:30 PM (IST)

    बसपा के राष्ट्रीय कोआर्डिनेटर आकाश आनंद ने हाथरस के सादाबाद से चुनावी अभियान शुरू करते हुए भाजपा पर 10 साल से अपनी कमियां विज्ञापनों से छिपाने का आरोप ...और पढ़ें

    हाथरस के सादाबाद में सोमवार को जनसभा के मंच पर बसपा के राष्ट्रीय कॉर्डिनेटर आकाश आनंद।

    हाथरस के सादाबाद में सोमवार को जनसभा के मंच पर बसपा के राष्ट्रीय कॉर्डिनेटर आकाश आनंद।

    जागरण संवाददाता, हाथरस। बसपा के राष्ट्रीय कोआर्डिनेटर आकाश आनंद ने सादाबाद से चुनावी अभियान की शुरुआत करते हुए सोमवार को कहा कि 10 साल से भाजपा प्रदेश में काबिज है। इन्होंने केवल विज्ञापनों से अपनी कमियों को छुपाने का काम किया है। विकसित उत्तर प्रदेश, शिक्षित, सुरक्षित उत्तर प्रदेश के विज्ञापन दिया। भाजपा की कमियां गिनवाने नहीं आया हूं।

    अपने लोगों की समस्या रखने आया हूं। पिछले 10 साल में सात हजार करोड़ रुपये आपके टैक्स के पैसे से अपनी नाकामियां छुपाई हैं। उनके पास इसके लिए पैसे हैं। पर झांसी के अस्पताल में दस से ज्यादा बच्चे जलकर मर गए उनके लिए सहायता राशि नहीं है। केवस अफसोस है। चार लाख से ज्यादा सरकारी पद भरने के लिए पैसा नहीं है।

    उन्होंने जिले के सादाबाद से चुनावी अभियान की शुरुआत की। विधानसभा स्तरीय कार्यकर्ता सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि पेपर लीक रोकने पर ध्यान देते, विज्ञापन के पैसे परीक्षाओं पर लगाते तो कुछ लोगों को नौकरी मिलती। भाजपा ने पिछले 10 सालों में न बहनों को सुरक्षित रख पाई, न नौकरी दे पाई और न शिक्षा दे पाई

    भाजपा सरकार की असलियत जानना जरूरी है। विधानसभा चुनाव सिर पर हैं। ये फिर झूठे वायदे लेकर आएंगे। अब बीते 10 साल का हिसाब मांगने का समय आ रहा है।

    अब हमें इस सरकार को उखाड़ फेंकना है। शिक्षा के क्षेत्र में सरकार विफल रही है। कोई काम नहीं हुआ। 25 हजार से ज्यादा स्कूल बंद कर दिए, जिनमें हमारे समाज के लोग पढ़ते हैं। मायावती जी ने काफी मेहनत की है, अपने समाज की आवाज उठाने के लिए। अपना वोट जरूर डालें, हाथी का बटन दबाएं।

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    अगर किसी परिवार की बेटी या बहन गायब होती है, तो उस परिवार का दर्द कौन समझेगा? अगर मुकदमा दर्ज कराने के लिए भी पुलिस के चक्कर लगाने पड़ें, तो आम आदमी न्याय की उम्मीद किससे करे? किसी की बहन है, किसी की बेटी है, उसे न्याय मिलना चाहिए। आज सबसे बड़ा सवाल यही है, क्या यह एनकाउंटर की सरकार है या कानून के राज की सरकार? क्या यहां पुलिस का राज है, या गुंडों का राज?

    क्या पुलिस की आड़ में अपराधियों को संरक्षण मिल रहा है? जनता को तय करना है कि क्या ऐसी सरकार को दोबारा मौका दिया जाए। हमारे संविधान ने हमें सबसे बड़ी ताकत दी है, अपनी सरकार चुनने की ताकत। जब चुनाव आए, तो इस अधिकार को जाने मत दीजिए।

    सवाल पूछिए। पिछले 10 साल का हिसाब मांगिए। और फिर तय कीजिए कि आपको कैसी सरकार चाहिए। क्योंकि लोकतंत्र में सरकार जनता की होती है, और अंतिम फैसला भी जनता का ही होता है।