हरदोई में नाबालिग से दुष्कर्म के दोषी को 10 साल की जेल, कोर्ट ने 20 हजार का लगाया जुर्माना
हरदोई में विशेष न्यायाधीश पाक्सो एक्ट ने एक नाबालिग बालिका से दुष्कर्म के दोषी रंजीत को 10 वर्ष के कारावास और 20 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। ...और पढ़ें


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जागरण संवाददाता, हरदोई। बालिका से दुष्कर्म करने के मामले में विशेष न्यायाधीश पाक्सो एक्ट मनमोहन सिंह ने दोषी को बीस हजार रुपये अर्थदंड के साथ 10 वर्ष के कारावास की सजा सुनाई है।
वादिनी ने 22 अक्टूबर 2015 को रिपोर्ट दर्ज कराई। कहा कि उसकी 11 वर्षीय बेटी उसके चचेरे नाना प्यारे के साथ 10 अक्टूबर को गई थी। प्यारे ने 20 हजार रुपये लेकर पुत्री को रंजीत एवं गुलवीर पुत्रगण तौले निवासी गढ़ी चांद खां थाना शाहाबाद को बेच दिया है।
पुलिस ने विवेचना के दौरान घटना के 12 दिन बाद पीड़िता को बरामद किया और उसके बयान मजिस्ट्रेट के समक्ष अंकित कराए। पुलिस ने रंजीत पुत्र तौले के विरुद्ध आरोप पत्र न्यायालय में प्रेषित किया। अभियोजन पक्ष की ओर विशेष लोक अभियोजक मनीष श्रीवास्तव ने कुल छह गवाह प्रस्तुत किए।
पीड़िता के मजिस्ट्रेट के समक्ष अंकित कराए बयान एवं न्यायालय में दिए बयान यद्यपि काफी विरोधाभासी रहे, लेकिन बालिका के नाबालिग होने के आधार पर पीठासीन न्यायाधीश ने रंजीत को दुष्कर्म का दोषी पाया और बीस हजार रुपये के अर्थदंड के साथ 10 वर्ष के कारावास की सजा सुनाई।