अब खाने की टेंशन खत्म! हरदोई के 100 बेड अस्पताल में भर्ती मरीजों के साथ तीमारदारों को भी मिलेगा फ्री खाना
हरदोई के 100 बेड अस्पताल में अब भर्ती मरीजों के साथ उनके तीमारदारों को भी मुफ्त पौष्टिक भोजन मिलेगा। ...और पढ़ें

100 शैय्या संयुक्त चिकित्सालय का ओपीडी ब्लॉक
HighLights
हरदोई 100 बेड अस्पताल में मुफ्त भोजन की सुविधा।
मरीजों के साथ तीमारदारों को भी मिलेगा पौष्टिक खाना।
टेंडर प्रक्रिया पूरी, जल्द शुरू होगा भोजन वितरण।
जागरण संवाददाता, हरदोई। जिले के किसी भी सरकारी अस्पताल में मरीजों के साथ तीमारदारों के खाने का इंतजाम भले न हो, लेकिन 100 बेड अस्पताल में इलाज करा रहे मरीजों और उनके तीमारदारों के लिए पहले की है। अब अस्पताल में भर्ती होने वाले मरीजों के साथ-साथ उनकी देखभाल में लगे तीमारदारों को भी निश्शुल्क पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराया जाएगा।
इसके लिए टेंडर प्रक्रिया पूरी कर ली गई है और जिम्मेदार संस्था को काम सौंप दिया गया है। उम्मीद जताई जा रही है कि इसी माह से अस्पताल में भोजन वितरण का काम विधिवत शुरू कर दिया जाएगा।
जिले में 22 सीएचसी-पीएचसी के अलावा एक मेडिकल कॉलेज से संबद्ध महिला और पुरुष चिकित्सालय है। अभी तक इन जगहों पर केवल भर्ती मरीजों को खाना दिया जाता है। तीमारदार घर से लाकर या बाहर से खरीद कर खाते हैं। इसके लिए तीमारदारों को भटकना पड़ता है।
तीमारदारों को खाने-पीने के लिए काफी भटकना पड़ता था
100 बेड अस्पताल प्रशासन सरकारी अस्पतालोें के इस अधूरे सिस्टम को नकारते हुए एक नजीर पेश करने जा रहा है। जिले में पहली बार भर्ती मरीजों के साथ-साथ उनके तीमारदारों को भी मुफ्त और पौष्टिक भोजन परोसा जाएगा। अस्पताल प्रशासन के अनुसार भोजन के टेंडर की प्रक्रिया हो चुकी है। टेंडर पर मुहर लगाते ही संस्था भी नामित हो चुकी है।
अब अस्पताल में प्रतिदिन भर्ती होने वाले मरीजों के आंकड़ों पर नजर डाली जाए तो 100 बेड अस्पताल में रोजाना औसतन इन दिनों 25 से 30 नए मरीज भर्ती होते हैं। अभी तक यहां मरीजों के लिए भी भोजन की व्यवस्था नहीं थी, जिसके कारण दूर-दराज़ के गांवों से आए तीमारदारों को खाने-पीने के लिए काफी भटकना पड़ता था।
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दरअसल शहर से सात किलोमीटर दूरी पर बने इस अस्पताल के आसपास खाने पीने के लिए होटल आदि नहीं है। अगर किसी को खाने की जरूरत होती तो उसे शहर की दौड़ लगानी पड़ती है। इसके लए जेब ढीली करनी पड़ती है। कई बार आर्थिक तंगी के कारण तीमारदारों को सही भोजन भी नसीब नहीं हो पाता था। अस्पताल में भर्ती मरीजों के तीमारदारों को खाना मिलने से बड़ी आर्थिक और मानसिक राहत मिलेगी।
खाने के टेंडर की प्रक्रिया पूरी कर ली गई है और कार्यदायी संस्था का चयन हो चुका है। कुछ दिनों में भोजन वितरण की व्यवस्था शुरू होने की संभावना है। प्रयास यही है कि मरीजों के साथ उनके तीमारदारों को भी बेहतर और पौष्टिक खाना दिया जाएगा।
डॉ. अनिल शुक्ला, सीएमएस, 100 बेड अस्पताल