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    हापुड़ में सिंभावली शुगर मिल पर 220 करोड़ बकाया, EOW करेगी जांच; एमडी पर FIR

    Updated: Sun, 21 Jun 2026 11:49 PM (IST)

    सिंभावली शुगर मिल पर किसानों के 220 करोड़ रुपये गन्ना मूल्य बकाया होने पर शासन ने सख्त रुख अपनाया है। मिल प्रबंधन और एमडी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने ...और पढ़ें

    सिंभावली शुगर मिल के खिलाफ सख्त कार्रवाई की तैयारी शुरू कर दी है।

    सिंभावली शुगर मिल के खिलाफ सख्त कार्रवाई की तैयारी शुरू कर दी है।

    HighLights

    1. सिंभावली शुगर मिल पर 220 करोड़ रुपये गन्ना बकाया।

    2. मिल प्रबंधन और एमडी के खिलाफ FIR के आदेश।

    3. मामले की जांच आर्थिक अपराध शाखा (EOW) करेगी।

    जागरण संवाददाता, सिंभावली। किसानों के गन्ना मूल्य भुगतान में लगातार हो रही देरी को लेकर शासन ने सिंभावली शुगर मिल के खिलाफ सख्त कार्रवाई की तैयारी शुरू कर दी है। किसानों का करीब 220 करोड़ रुपये बकाया होने और बार-बार निर्देशों के बावजूद भुगतान नहीं किए जाने पर मिल प्रबंधन एवं प्रबंध निदेशक (एमडी) के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने के आदेश दिए गए हैं।

    इस मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस पहले इसकी जांच आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) से कराएगी। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

    जानकारी के अनुसार, सिंभावली शुगर मिल पर 2025-26 पेराई सत्र का किसानों का लगभग 220 करोड़ रुपये गन्ना मूल्य बकाया है। शासन स्तर से कई बार मिल प्रबंधन को भुगतान करने के निर्देश दिए गए, लेकिन इसके बावजूद किसानों के खातों में बकाया राशि नहीं पहुंच सकी।

    क्षेत्र के हजारों किसान आर्थिक संकट से जूझ रहे

    भुगतान में लगातार देरी से क्षेत्र के हजारों किसान आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं। जिलाधिकारी कविता मीना ने भी कई बार मिल प्रबंधन को बकाया भुगतान शीघ्र करने के निर्देश दिए थे। इसके अलावा प्रमुख सचिव गन्ना वीणा कुमार मीणा ने भी किसानों के हितों को देखते हुए भुगतान प्रक्रिया तेज करने के आदेश जारी किए थे। बावजूद इसके मिल प्रबंधन और न्यायालय द्वारा नियुक्त अंतरिम समाधान पेशेवर (आइआरपी) की ओर से अपेक्षित प्रगति नहीं दिखाई गई।

    भुगतान संबंधी आदेशों की लगातार अनदेखी से शासन और प्रशासन दोनों नाराज हैं। इसी के चलते गन्ना समिति के सचिव ने सिंभावली थाने में मिल प्रबंधन के खिलाफ तहरीर दे दी है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार मामला वित्तीय अनियमितताओं और किसानों के बकाया भुगतान से जुड़ा होने के कारण इसकी जांच आर्थिक अपराध शाखा को सौंपी जाएगी।

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    अधिकारियों के खिलाफ एफआइआर दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की जाएगी

    जांच में यदि वित्तीय गड़बड़ी या नियमों के उल्लंघन की पुष्टि होती है तो मिल के एमडी और अन्य जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ एफआइआर दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। शासन के इस कदम को किसानों के हित में बड़ी कार्रवाई माना जा रहा है। लंबे समय से भुगतान का इंतजार कर रहे किसानों को उम्मीद है कि जांच और कानूनी कार्रवाई के दबाव में उनका बकाया जल्द जारी हो सकेगा।

    गन्ना समिति के सचिव की ओर से रिपोर्ट दर्ज कराने को शिकायत दी गई है। हमने शिकायत प्राप्त कर ली है। उसको अधिकारियों के संज्ञान के लिए भेजा गया है। जो भी आदेश होगा, उसके अनुसार कार्रवाई की जाएगी। पहले इस मामले को आर्थिक अपराध शाखा को भेजा जाएगा। वहां से प्राप्त जांच रिपोर्ट के अनुसार आरोपित बनाए जाएंगे। - सुरेश कुमार, एसएचओ, सिंभावली

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