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    रक्षाबंधन से पहले कांवड़ में दिखा रिश्तों का अनोखा रंग, भोले की राह पर भाई को मिल रहा बहनों का सहारा

    Updated: Mon, 10 Aug 2026 11:11 AM (IST)

    सावन की कांवड़ यात्रा में भाई-बहन के रिश्ते का अनोखा रंग देखने को मिल रहा है, जहां बहनें अपने भाइयों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर चल रही हैं। ...और पढ़ें

    कांवड़ यात्रा के दौरान भाई को सहारे देती बहनें। जागरण।

    कांवड़ यात्रा के दौरान भाई को सहारे देती बहनें। जागरण।

    HighLights

    1. कांवड़ यात्रा में भाई-बहन के रिश्ते की भावुक तस्वीरें।

    2. बहनें भाइयों के साथ चलकर दे रही हैं भावनात्मक सहारा।

    3. रक्षाबंधन से पहले प्रेम और बचपन की यादें ताजा।

    हर्ष अग्रवाल, हापुड़। kanwar Yatra 2026: कंधे पर कांवड़, जुबां पर भोलेनाथ का नाम और दिल में बहनों की दुआ। सावन की कांवड़ यात्रा में आस्था के साथ भाई-बहन के रिश्ते की भावुक तस्वीरें भी देखने को मिल रही हैं। गंगाजल लेकर अपने गंतव्यों की ओर लौट रहे शिवभक्तों के लिए यह यात्रा केवल भगवान शिव के जलाभिषेक तक सीमित नहीं है।

    कांवड़ के हर कदम के साथ उन्हें अपनी बहनों का स्नेह, उनकी दुआएं और बचपन की यादें भी ताकत दे रही हैं। रक्षाबंधन से पहले कांवड़ मार्ग पर भाई-बहन के रिश्ते का यह रंग हर किसी को भावुक कर रहा है।

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    जिला मेरठ के धीरखेड़ा के रहने वाले तनुष त्यागी का कहना है कि वह ब्रजघाट से 121 लीटर गंगाजल लेकर पैदल यात्रा कर रहे हैं। रास्ता कितना भी लंबा हो, पैरों में थकान कितनी भी हो, लेकिन बहनों के साथ रहने से कदम अपने आप आगे बढ़ने लगते हैं। बचपन में छोटी-छोटी बातों पर झगड़ने वाली बहन आज सबसे बड़ी ताकत बन गई है।

    उन्होंने बताया कि उनके साथ बहन रियुषी त्यागी और खुशी साथ चल रही हैं। कांवड़ का भार कंधों पर जरूर है, लेकिन बहनों के प्रेम के सामने यह भार भी हल्का महसूस होता है। काम और जिम्मेदारियों के कारण वह बहनों को पर्याप्त समय नहीं दे पाते, लेकिन रक्षा बंधन उनके लिए ऐसा अवसर है जब, बचपन की यादें फिर लौट आती हैं।

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    बहनों के लिए भी खास है भाई की कांवड़

    बहन रियुषी त्यागी ने बताया कि लंबी यात्रा में भाई को कोई परेशानी न हो इसके लिए वह भाई के साथ ब्रजघाट से पैदल ही आ रही हैं। जगह-जगह लोग रुक कर उनका स्वागत कर रहे हैं, जिससे उनको काफी खुशी मिल रही है। आगे भी भाई के साथ हर परेशानी में खड़ी रहेंगी, जिससे उसको कोई भी परेशानी न हो सके।

    यात्रा में देखने को मिल रहे हैं अनेक रंग

    कांवड़ मार्ग पर सेवा करने गौरव शर्मा का कहना है कि सावन में आस्था के अनेक रंग देखने को मिलते हैं, लेकिन भाई-बहन के प्रेम से जुड़ी तस्वीरें सबसे अधिक भावुक कर देती हैं। कांवड़ के साथ चलती बहन और भाई के मन में उसके लिए उमड़ता स्नेह यह बता रहा है कि रिश्ते दूरी से कमजोर नहीं होते हैं।

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