हापुड़ में अवैध प्लाटिंग पर एचपीडीए का बड़ा एक्शन 50 हजार वर्गमीटर जमीन पर चला बुलडोजर
हापुड़-पिलखुवा विकास प्राधिकरण (एचपीडीए) ने हापुड़ में 50,000 वर्गमीटर से अधिक अवैध प्लाटिंग पर बड़ी कार्रवाई करते हुए सात प्रमुख स्थानों पर बुलडोजर चलाया।

अवैध निर्माण पर गरजा बुलडोजर।
जागरण संवाददाता, हापुड़। हापुड़ में अवैध प्लाटिंग के खेल पर हापुड़-पिलखुवा विकास प्राधिकरण (एचपीडीए) ने अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई करते हुए एक ही दिन में करीब 50 हजार वर्गमीटर जमीन पर विकसित की जा रही अवैध प्लाटिंग को बुलडोजर से ध्वस्त कर दिया।
शहर और आसपास के सात प्रमुख स्थानों पर हुई इस कार्रवाई से अवैध कालोनी काटने वालों और भू-माफिया में खलबली मच गई है। कार्रवाई के दौरान सड़क, प्लाट की नींव और अन्य निर्माण को ध्वस्त कर दिया गया।
प्राधिकरण की प्रवर्तन टीम ने स्वर्ग आश्रम रोड पर फायर स्टेशन के सामने कपिल त्यागी, अरविंद सिंह और सूरज सिंह द्वारा करीब 15 हजार वर्गमीटर क्षेत्र में की जा रही अवैध प्लाटिंग को ध्वस्त किया।
इसके बाद किठौर ट्याला रोड, मेरठ बाईपास के पास शेखर त्यागी, जावेद और नीरज द्वारा विकसित की जा रही करीब 10 हजार वर्गमीटर की प्लाटिंग पर बुलडोजर चलाया गया।
प्लाटिंग को जमींदोज किया
इसी क्रम में असौड़ा-मेरठ रोड पर इरशाद, उस्मान, राजीव और जितेंद्र द्वारा करीब आठ हजार वर्गमीटर क्षेत्र में विकसित की जा रही प्लाटिंग को जमींदोज किया गया। गोंदी सलाई रोड, नए बाईपास के पास बबलू, विजय कुमार, आसिफ प्रधान और कलुआ द्वारा करीब 6,300 वर्गमीटर में किए गए अवैध निर्माण को भी ध्वस्त कर दिया गया।
प्राधिकरण की टीम ने किठौर रोड, ट्याला नए बाईपास के पास जावेद अहमद और साजिद द्वारा करीब पांच हजार वर्गमीटर में की जा रही प्लाटिंग पर भी कार्रवाई की।
वहीं जरौठी रोड, सिलाई मशीन फैक्टरी के बगल में रवि प्रकाश द्वारा करीब 3,100 वर्गमीटर में बिना स्वीकृति विकसित की जा रही प्लाटिंग को ध्वस्त किया गया। ग्राम गोयना, पोस्टमार्टम हाउस के पास कुलदीप और धर्मेंद्र द्वारा करीब 2,500 वर्गमीटर में विकसित की जा रही अवैध प्लाटिंग पर भी बुलडोजर चला।
प्लाट खरीदने से पहले जांचें मानचित्र
एचपीडीए के सचिव अमित कादियान ने बताया कि अवैध निर्माण और बिना अनुमति विकसित की जा रही कालोनियों के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा। किसी भी स्थिति में अवैध प्लाटिंग को पनपने नहीं दिया जाएगा।
आमजन से अपील है कि जमीन या मकान खरीदने से पहले यह अवश्य जांच लें कि संबंधित भूमि का मानचित्र प्राधिकरण से नियमानुसार स्वीकृत है या नहीं। बिना स्वीकृति के निर्माण या प्लाट खरीदने पर भविष्य में होने वाले ध्वस्तीकरण की कार्रवाई में वित्तीय अथवा भौतिक नुकसान के लिए संबंधित व्यक्ति स्वयं जिम्मेदार होगा।
