हापुड़ में रामपुर रोड पर पशु अवशेष बयां कर रहे अवैध कटान की कहानी, आंखें मूंदे बैठा प्रशासन
हापुड़ के रामपुर रोड पर खुले में पड़े पशु अवशेष अवैध कटान की ओर इशारा कर रहे हैं, जिससे दुर्गंध ...और पढ़ें
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खंडहर अहाते में सूख रही पशुओं की खाल। जागरण
जागरण संवाददाता, हापुड़। हापुड़ में रामपुर रोड अब बदबू का नहीं, बल्कि सवालों का रास्ता बन गया है। सड़क किनारे, खुले मैदानों और खंडहर मकानों में पड़े व सूखते पशु अवशेष सिर्फ दुर्गंध ही नहीं फैला रहे, बल्कि पूरे सिस्टम से जवाब मांग रहे हैं।
सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब स्लाटर हाउस संचालक अपने यहां से किसी भी प्रकार के पशु अवशेष बाहर बेचे जाने से इनकार कर रहे हैं तो आखिर इतनी बड़ी मात्रा में ये अवशेष कहां से आ रहे हैं।
स्थानीय लोग आरोप लगा रहे हैं कि प्रभावी कार्रवाई के अभाव में अवैध गतिविधियों पर रोक नहीं लग पा रही है और जिम्मेदार विभाग आंखें मूंदे बैठे हैं। यानि ऐसे में शहर में अवैध कटान का धंधा जोरों पर चल रहा है।
रामपुर रोड पर कई स्थानों पर खुले मैदानों, झाड़ियों और वर्षों से बंद पड़े खंडहर मकानों में पशुओं के अवशेष पड़े दिखाई देते हैं। तेज धूप में ये अवशेष सूखते रहते हैं, जबकि बरसात के मौसम में इनमें सड़न और दुर्गंध कई गुना बढ़ जाती है।
हालात ऐसे हैं कि इस मार्ग से गुजरने वाले लोगों को नाक पर रूमाल रखकर निकलना पड़ता है। दुर्गंध का दायरा केवल रामपुर रोड तक सीमित नहीं रहता, बल्कि हवा के साथ शहर के कई इलाकों तक पहुंच जाता है।
अवशेष लगातार खुले में फेंके जा रहे
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि पशु अवशेषों का वैज्ञानिक तरीके से निस्तारण किया जा रहा होता तो खुले स्थानों पर इतनी बड़ी मात्रा में अवशेष नहीं मिलते। उनका आरोप है कि जिले में कथित अवैध कटान की गतिविधियों के कारण ही इस तरह के अवशेष लगातार खुले में फेंके जा रहे हैं। हालांकि इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन बड़ी संख्या में मिल रहे अवशेष कई सवाल जरूर खड़े कर रहे हैं।
स्लाटर हाउस संचालकों का कहना है कि उनके यहां से निकलने वाले अपशिष्ट का निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार निस्तारण कराया जाता है और खुले में पशु अवशेष फेंकने या बाहर किसी को बेचने का सवाल ही नहीं उठता। ऐसे में यह स्पष्ट नहीं हो पा रहा कि सड़क किनारे और खंडहरों में पड़े अवशेष आखिर किस स्रोत से पहुंच रहे हैं।
धड़ल्ले से चल रहा अवैध कटान
लोगों का आरोप है कि प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, स्थानीय पुलिस और अन्य संबंधित विभागों को लंबे समय से इस समस्या की जानकारी है, लेकिन प्रभावी कार्रवाई नहीं होने से हालात लगातार बिगड़ रहे हैं। इससे साबित हो रहा है कि जिले में अवैध कटान धड़ल्ले से चल रहा है।
ग्रामीणों और शहरवासियों का कहना है कि यदि नियमित निरीक्षण और सख्त कार्रवाई हो तो इस समस्या पर काफी हद तक अंकुश लगाया जा सकता है।
लोगों ने प्रशासन से मांग की
पर्यावरण विशेषज्ञों के अनुसार पशु अवशेषों का खुले में निस्तारण न केवल दुर्गंध फैलाता है, बल्कि संक्रमण, जल प्रदूषण और पर्यावरणीय खतरे भी बढ़ाता है। बरसात में यह समस्या और गंभीर हो जाती है। क्षेत्र के लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि पूरे इलाके का संयुक्त निरीक्षण कराया जाए, खुले में पड़े पशु अवशेषों को तत्काल हटाया जाए और उनके स्रोत की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाए। उनका कहना है कि जब तक जिम्मेदार विभाग सख्ती नहीं दिखाएंगे, तब तक रामपुर रोड दुर्गंध, प्रदूषण और सवालों का रास्ता बना रहेगा।
हमारी फैक्ट्री की चिमनी से निकलने वाला धुआं बदबू नहीं फैलाता है। वर्षा में ईधन गीला हो जाने के चलते ही चिमनी से धुआं निकलता है। सामान्य स्थिति में हमारे यहां से किसी प्रकार का प्रदूषण नहीं फैलता है। बाहर खुले में अवैध तरीके से पशुओं की खाल व अन्य अवशेष सुखाएं जा रहे हैं। उनसे प्रदूषण फैल रहा है। विभाग को कार्रवाई करनी चाहिए। - हाजी नौशाद, मालिक रेबन स्लाटर हाउस
हमने रेबन स्लाटर हाउस का दौरा किया है। वहां पर मानकों से बहुत ज्यादा प्रदूषण हो रहा है। इसके लिए कंपनी को नोटिस दिया जा रहा है। नोटिस का संतोषजनक उत्तर नहीं मिलने पर कार्रवाई की जाएगी। - विपुल कुमार, एसडीओ, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड
