कांवड़ मार्ग पर QR से मिलेगी मदद, बृजघाट में अस्थायी थाना और 21 चौकियां बनीं; हापुड़ पुलिस का खास प्लान
हापुड़ पुलिस ने श्रावण मास की कांवड़ यात्रा 2026 को सकुशल संपन्न कराने के लिए सुरक्षा व्यवस्था को अंतिम रूप दे दिया है। जिले में एक अस्थाई थाना ब्रजघा ...और पढ़ें

दांतों से कार को खींचकर अलीगढ़ जाता शिवभक्त। फोटो: जागरण
HighLights
कांवड़ यात्रा 2026 के लिए सुरक्षा व्यवस्था को अंतिम रूप
बृजघाट में एक अस्थाई थाना और 21 चौकियां स्थापित
श्रद्धालुओं को त्वरित सहायता और कानून-व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी
जागरण संवाददाता, हापुड़ : श्रावण मास की कांवड़ यात्रा-2026 को सकुशल और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था को अंतिम रूप दे दिया है।
कांवड़ मार्गों पर श्रद्धालुओं को त्वरित सहायता उपलब्ध कराने और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से जिले में एक अस्थाई थाना और 21 पुलिस चौकियां स्थापित की गई हैं। सभी स्थानों पर आवश्यक पुलिस बल की तैनाती भी कर दी गई है।
ब्रजघाट में अस्थायी थाना, 21 चौकियां स्थापित
मेरठ परिक्षेत्र के पुलिस उपमहानिरीक्षक कलानिधि नैथानी ने बताया कि गढ़मुक्तेश्वर क्षेत्र स्थित ब्रजघाट को अस्थाई थाना बनाया गया है। वहीं हापुड़ नगर, हापुड़ देहात, पिलखुवा, हाफिजपुर, सिंभावली, बाबूगढ़, गढ़मुक्तेश्वर और बहादुरगढ़ थाना क्षेत्रों के प्रमुख कांवड़ मार्गों पर अस्थाई पुलिस चौकियां स्थापित की गई हैं, ताकि किसी भी आपात स्थिति में श्रद्धालुओं को तत्काल पुलिस सहायता मिल सके।
अस्थायी चौकियां पुरानी चुंगी, टियाला, दतेड़ी गेट, जीएस पेट्रोल पंप, सोना पंप, बड़ौदा सिहानी, बक्सर रेगुलेटर, स्याना बार्डर, बुकलाना नहर पुल, डिबाई नहर पुल, बनखंडा नहर पटरी, बछलौता अंडरपास, अल्लाबख्शपुर कट, पलवाड़ा मोड़, दौताई, गढ़ चौपला, पलवाड़ा तिराहा, सेहल नहर चौराहा, सदरपुर बैरियर तथा छतरीवाला कुआं समेत कांवड़ मार्ग के संवेदनशील स्थानों पर बनाई गई हैं।
सभी चौकियों पर रहेंगी जरूरी सुविधाएं
उन्होंने ने निर्देश दिए हैं कि सभी अस्थाई थानों और चौकियों पर संचार व्यवस्था, बिजली, पेयजल, प्रकाश व्यवस्था, फर्स्ट एड और जनसहायता जैसी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध रहें।
प्रत्येक पुलिस इकाई का जीपीएस आधारित चिह्नांकन किया गया है, जिससे कंट्रोल रूम और वरिष्ठ अधिकारी उनकी लगातार निगरानी कर सकें। सभी चौकियों पर सहायता केंद्र संचालित किए जाएं, क्यूआर कोड लगाए जाएं ताकि श्रद्धालु मार्ग और आसपास की सुविधाओं की जानकारी आसानी से प्राप्त कर सकें।
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साथ ही बीमार या घायल होने पर शिवभक्तों को तत्काल प्राथमिक उपचार और जरूरत पड़ने पर अस्पताल पहुंचाने की व्यवस्था भी सुनिश्चित की जाएगी। पुलिस को श्रद्धालुओं के साथ सौहार्दपूर्ण व्यवहार रखने और हर सूचना पर तत्काल कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।