हापुड़ गौरव हत्याकांड: महापंचायत में आरोपियों के एनकाउंटर और बुलडोजर एक्शन की मांग, आंदोलन की चेतावनी
हापुड़ में गौरव त्यागी हत्याकांड को लेकर महापंचायत हुई, जिसमें आरोपियों के घरों पर बुलडोजर चलाने और एनकाउंटर की मांग प्रमुखता से उठी।
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महापंचायत में गूंजा एनकाउंटर और बुलडोजर का मुद्दा। जागरण
HighLights
गौरव त्यागी हत्याकांड को लेकर हापुड़ में महापंचायत हुई।
आरोपियों के घरों पर बुलडोजर और एनकाउंटर की मांग उठी।
पीड़ित परिवार को एक करोड़ रुपये मुआवजे की मांग की गई।
जागरण संवाददाता, हापुड़। हापुड़ में बाबूगढ़ थाना क्षेत्र के गांव मोहम्मदपुर आजमपुर में शनिवार को गौरव त्यागी हत्याकांड को लेकर महापंचायत हुई। इसमें हत्यारोपितों के घरों पर बुलडोजर चलाने, आरोपितों का फुल एनकाउंटर करने और पीड़ित परिवार को एक करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता देने की मांग प्रमुखता से उठी।
पंचायत के बाद अपर जिलाधिकारी संदीप कुमार को जिलाधिकारी के नाम सात सूत्रीय ज्ञापन सौंपा गया। चेतावनी दी गई कि सोमवार तक मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन किया जाएगा। इसमें हाईवे को जाम करके जोरदार प्रदर्शन किया जाना भी शामिल है।
हमलावर दूसरे समाज से
दरअसल, लोगों में हत्या के साथ ही ज्यादा गुस्सा हत्यारों के दुस्साहस को लेकर था। जिस प्रकार दिनदहाड़े-सरेराह गौरव पर हथौड़े और लोहे की राड से वार किए गए और राहगीराें के वीडियो बनाने पर भी हमलावर भयभीत नहीं हुए, उससे त्यागी समाज में गुस्सा है। हमलावर दूसरे समाज से हैं।
ऐसे में पंचायत में हथियार उठाकर खुद जवाब देने और आरोपितों को गांव खाली करके दूसरे स्थानों पर चले जाने की चेतावनी भी पंचायत में दी गई। वहीं शाम को एसपी कुंवर ज्ञानंजय सिंह ने भी गांव में पीड़ित परिवार से मुलाकात की।
महापंचायत में वक्ताओं ने कहा कि गौरव की हत्या जिस विभत्स तरीके से की गई, उससे समाज के लोगों में आक्रोश है। हथौड़े से वार करने और राड से पीटने का वीडियो प्रसारित होने की बात भी पंचायत में कही गई।
फाइल निरस्त कर दी
भारतीय किसान यूनियन (अराजनैतिक) के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एवं किसान नेता मांगे राम त्यागी ने कहा कि गौरव ने जिला प्रशासन से शस्त्र लाइसेंस मांगा था, लेकिन उसकी फाइल निरस्त कर दी गई। यदि लाइसेंस होता तो शायद उसकी जान बच सकती थी।
उन्होंने आरोपितों के खिलाफ कठोर कार्रवाई, उनके घरों पर बुलडोजर चलाने और मुकदमे को जल्द अंजाम तक पहुंचाने की मांग की। उन्होंने कहा कि मामला मुख्यमंत्री के समक्ष भी उठाया जाएगा। इसके साथ ही कहा कि लड़ाई को शांति के हथियार से जीता जाएगा।
भाकियू (टिकैत) युवा विंग के जिलाध्यक्ष ज्ञानेश्वर त्यागी ने मोहम्मदपुर आजमपुर का नाम बदलकर गौरवनगर करने की मांग की। उन्होंने भी आरोपितों के एनकाउंटर और उनके घरों पर बुलडोजर कार्रवाई की मांग उठाई।
अन्य वक्ताओं ने कहा कि छोटी-छोटी वारदातों में भी पुलिस बदमाशों के पैर में गोली मार रही है, ऐसे में इस निर्मम हत्याकांड के आरोपितों के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।
7 सूत्रीय ज्ञापन में यह हैं मांग
- मुकदमा विचाराधीन रहने तक गौरव के परिवार को पुलिस सुरक्षा दी जाए।
- परिवार को सरकार की ओर से एक करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता दी जाए।
- गौरव की पत्नी को शस्त्र लाइसेंस दिया जाए।
- दोनों बच्चों को किसी कॉन्वेंट स्कूल में निश्शुल्क शिक्षा दिलाई जाए।
- 12वीं के बाद दोनों बच्चों की स्नातक तक की पढ़ाई भी निश्शुल्क कराई जाए।
- हत्यारोपितों के घरों पर बुलडोजर की कार्रवाई की जाए।
- हत्यारोपितों के खिलाफ फुल एनकाउंटर की कार्रवाई की जाए।
अपर पुलिस अधीक्षक विनीत भटनागर ने कहा कि कानून के दायरे में रहकर जो भी सख्त से सख्त कार्रवाई संभव होगी, वह की जाएगी। अपर जिलाधिकारी संदीप कुमार ने कहा कि हत्याकांड को गंभीरता से लिया जा रहा है। शासन और प्रशासन स्तर पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
महापंचायत में अपर जिलाधिकारी संदीप कुमार, अपर पुलिस अधीक्षक विनीत भटनागर, सीओ सिटी अनीता चौहान, थाना प्रभारी प्रवीण कुमार व पारस मलिक समेत पुलिस-प्रशासन के अधिकारी मौजूद रहे। इस दौरान निखिल त्यागी, मांगेराम त्यागी अमित त्यागी, बबली त्यागी, योगेंद्र त्यागी, एसके त्यागी, चेतन कुमार, ज्ञानेंद्र त्यागी और आलोक त्यागी समेत बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।
हमने गांव में जाकर पीड़ित परिवार से मुलाकात की है। घटना बेहद दुखद है। पुलिस इस मामले को गंभीरता से लेकर प्रभावी कार्रवाई कर रही है। किसी भी दोषी को बक्शा नहीं जाएगा। पीड़ित परिवार और ग्रामीणों को पुलिस पर पूरा भरोसा है। - कुंवर ज्ञानंजय सिंह - पुलिस अधीक्षक
