हापुड़ के आयुष्मान कार्ड धारकों को बड़ा झटका, पैनल से बाहर शहर के 5 अस्पताल; मरीजों की मुश्किलें बढ़ीं
हापुड़ में आयुष्मान भारत योजना के तहत पांच अस्पतालों को पैनल से बाहर कर दिया गया है, जिससे मरीजों के लिए उपचार के विकल्प सीमित हो गए हैं। ...और पढ़ें

आयुष्मान पैनल से जिले के पांच अस्पताल बाहर। फोटो: एआई जनरेटेड
HighLights
हापुड़ में आयुष्मान पैनल से पांच अस्पताल बाहर हुए
मरीजों के लिए उपचार के विकल्प अब सीमित हो गए
सीएमओ ने अन्य अस्पतालों में उपचार का आश्वासन दिया
जागरण संवाददाता, हापुड़। आयुष्मान भारत योजना के तहत गरीब और जरूरतमंद परिवारों को बेहतर उपचार उपलब्ध कराने की व्यवस्था को जिले में बड़ा झटका लगा है। आयुष्मान पैनल से जिले के पांच अस्पताल बाहर हो गए हैं।
इन अस्पतालों में अब योजना के तहत मरीजों को उपचार की सुविधा नहीं मिल सकेगी। अस्पतालों के पैनल से बाहर होने के बाद आयुष्मान कार्डधारकों के सामने उपचार के लिए विकल्प सीमित हो गए हैं।
जिले में करीब 3.50 लाख पात्र परिवार आयुष्मान कार्ड के माध्यम से गंभीर बीमारियों का निश्शुल्क उपचार करा रहे हैं और करीब 5.15 लाख का लक्ष्य जिले में स्वास्थ्य विभाग का निर्धारित है।
ऐसे में पांच अस्पतालों का पैनल से बाहर होना मरीजों के लिए परेशानी बढ़ाने वाला है। खासकर ऐसे मरीज, जो लंबे समय से अस्पताल में उपचार करा रहे थे या जिनका इलाज निर्धारित अस्पताल में चल रहा था, उन्हें अब दूसरे पैनल वाले अस्पताल का रुख करना पड़ेगा।
कार्रवाई से व्यवस्था पर सवाल
आयुष्मान योजना के तहत सूचीबद्ध अस्पतालों में मरीजों को निर्धारित पैकेज के अनुसार उपचार उपलब्ध कराया जाता है। अस्पतालों की ओर से योजना के नियमों का पालन, उपचार की गुणवत्ता और अभिलेखों की जांच की जाती है।
मानकों में कमी मिलने पर पैनल से हटाने की कार्रवाई की जाती है। जिले में एक साथ पांच अस्पतालों के बाहर होने से योजना के संचालन और निगरानी व्यवस्था को लेकर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।
इन अस्पतालों पर हुई है कार्रवाई
आयुष्मान भारत योजना के तहत जिले में एक दर्जन से अधिक अस्पताल शामिल हैं। न्यू लाइफ, सन शाइन, कृपालु, अंबे और आयुष्मान अस्पताल शामिल हैं, जिन पर कार्रवाई की गई है।
मरीजों को नहीं होना पड़ेगा परेशान
मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डॉक्टर किशोर कुमार आहुजा का कहना है कि आयुष्मान कार्डधारक मरीजों को घबराने की जरूरत नहीं है। पैनल में शामिल अन्य अस्पतालों में योजना के तहत उपचार की सुविधा उपलब्ध है।
मरीज उपचार कराने से पहले संबंधित अस्पताल के आयुष्मान पैनल में शामिल होने की स्थिति की पुष्टि कर सकते हैं। इन अस्पतालों को पैनल से हटाने की कार्रवाई लखनऊ से की गई है।
यह भी पढ़ें- हर थाने पर 5 और आरटीओ को 20 हजार, आराम से पार हो रहीं डग्गामार बसें; हापुड़ में कैसे चल रहा 'खेल'