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यूपी में पेंशनरों को बड़ी राहत: अब लाइफ सर्टिफिकेट के लिए नहीं जाना पड़ेगा बैंक, लगेंगे मेगा कैंप

Published: Fri, 23 Oct 2026 08:34 PM (IST)

रेलवे बोर्ड नवंबर में पेंशनरों के लिए डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट (डीएलसी) बनवाने हेतु राष्ट्रव्यापी विशेष अभियान चलाएगा। इस दौरान प्रत्येक ...और पढ़ें

इस फोटो को एआई टूल की मदद से बनाया गया है।

इस फोटो को एआई टूल की मदद से बनाया गया है।

HighLights

  1. रेलवे पेंशनरों को डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट बनवाने में मिलेगी सुविधा।

  2. नवंबर में राष्ट्रव्यापी मेगा कैंप और शिविरों का होगा आयोजन।

  3. बैंकों और पेंशनर एसोसिएशन के सहयोग से मिलेगा लाभ।

जागरण संवाददाता, गोरखपुर। रेलवे पेंशनरों को अब डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट (डीएलसी) बनवाने के लिए बैंक आदि जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। न ही इधर-उधर भटकना पड़ेगा। पेंशनरों की सुविधा के लिए रेलवे बोर्ड ने नवंबर में विशेष अभियान चलाने का निर्देश दिया है।

राष्ट्रव्यापी डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट कैंपेन 5.0 के तहत 01 से 30 नवंबर तक प्रत्येक जोनल रेलवे में मेगा कैंप और शिविर आयोजित किए जाएंगे। इसके लिए सभी जोनल रेलवे, उत्पादन इकाइयों, रेलवे अनुसंधान अभिकल्प एवं मानक संगठन (आरडीएसओ) और मेट्रो रेलवे कोलकाता को आवश्यक तैयारियां पूरी करने को कहा गया है।

रेलवे बोर्ड की ओर से 22 अक्टूबर को जारी पत्र के अनुसार, प्रत्येक जोनल रेलवे के मुख्यालय में कम से कम एक मेगा कैंप आयोजित करना अनिवार्य होगा। इसके अलावा प्रत्येक मंडल और वर्कशाप में भी शिविर लगाए जाएंगे।

इन शिविरों के आयोजन में पेंशनर एसोसिएशन, भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) और अन्य बैंकों के अधिकारियों का सहयोग लिया जाएगा, ताकि अधिक से अधिक पेंशनरों को अभियान का लाभ मिल सके।

रेलवे बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि अभियान में अधिकतम भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए मुख्यालय और मंडल स्तर पर पेंशनर संगठनों तथा बैंकों के प्रतिनिधियों से पहले ही संपर्क कर लिया जाए। शिविरों में आवश्यक सुविधाएं, संसाधन और बुनियादी ढांचा उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए गए हैं। अभियान की निगरानी के लिए नामित नोडल अधिकारियों को प्रतिदिन प्रगति की समीक्षा करनी होगी।

रेलवे बोर्ड ने संबंधित अधिकारियों को इसकी जिम्मेदारी सौंपी है, ताकि पेंशनरों को शिविरों की जानकारी समय से मिल सके और वे निर्धारित अवधि में इसका लाभ उठा सकें। भारतीय रेलवे स्तर पर रेलवे पेंशनरों को डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट बनवाने में मुश्किलों का सामना करना पड़ता है।

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