विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

रेलकर्मियों के लिए जरूरी खबर, 78 दिन के बोनस और 41,149 रुपये का दावा निकला फर्जी

Published: Thu, 08 Oct 2026 09:16 AM (IST)

रेलवे बोर्ड ने सोशल मीडिया पर प्रसारित 78 दिन के प्रोडक्टिविटी लिंक्ड बोनस (पीएलबी) और 41,149 रुपये के भुगतान संबंधी ...और पढ़ें

रेलवे बोर्ड ले जारी किया स्पष्टीकरण। जागरण

 रेलवे बोर्ड ले जारी किया स्पष्टीकरण। जागरण

HighLights

  1. रेलवे बोर्ड ने 78 दिन के बोनस आदेश को फर्जी बताया।

  2. सोशल मीडिया पर प्रसारित आदेश मनगढ़ंत और अनधिकृत है।

  3. कर्मचारियों को आधिकारिक वेबसाइट से जानकारी सत्यापित करने की सलाह।

जागरण संवाददाता, गोरखपुर। प्रोडक्टिविटी लिंक्ड बोनस (पीएलबी) से संबंधित जारी आदेश से रेलवे में हड़कंप मचा है। रेलवे कर्मचारियों के बीच वित्तीय वर्ष 2025-26 के पीएलबी को लेकर प्रसारित हो रहा रेलवे बोर्ड का कथित आदेश फर्जी निकला है। इंटरनेट मीडिया और विभिन्न डिजिटल प्लेटफार्म पर तेजी से प्रसारित पत्र में पात्र नान-गजेटेड रेल कर्मचारियों को 78 दिनों के वेतन के बराबर बोनस देने और 41,149 रुपये के भुगतान की बात कही गई है।

रेलवे बोर्ड ने सात अक्टूबर, 2026 पत्र जारी कर इसे पूरी तरह फर्जी और मनगढ़ंत बताया है। साथ ही सभी जोनल रेलवे, उत्पादन इकाइयों और संबंधित कार्यालयों को इस पर कोई कार्रवाई नहीं करने का निर्देश दिया है।

रेलवे बोर्ड के उप निदेशक स्थापना (पीएंडए)-सेकेंड मनोज कुमार ने बताया कि उनके संज्ञान में आरबीई नंबर 101/2026 और छह अक्टूबर 2026 की तारीख वाला एक पत्र आया है। यह पत्र कथित तौर पर रेलवे बोर्ड की ओर से जारी किया गया था और उस पर संबंधित अधिकारी के फर्जी हस्ताक्षर किए गए थे।

यह पत्र इंटरनेट मीडिया और विभिन्न मैसेजिंग प्लेटफार्म पर व्यापक रूप से प्रसारित किया जा रहा है। कथित पत्र में 78 दिनों के वेतन के बराबर पीएलबी की मंजूरी और 41,149 रुपये भुगतान का उल्लेख अनधिकृत है। किसी भी जोनल रेलवे, उत्पादन इकाई या रेलवे कार्यालय को इस पत्र के आधार पर कोई कार्रवाई अथवा भुगतान नहीं करना है।

रेलवे बोर्ड के उप निदेशक ने अधिकारियों और कर्मचारियों को सावधान करते हुए कहा है कि पीएलबी से संबंधित किसी भी आदेश या सूचना पर कार्रवाई करने से पहले उसकी सत्यता की पुष्टि रेलवे मंत्रालय/बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट से की जाए।

इंटरनेट मीडिया, मैसेजिंग एप या अन्य अनधिकृत माध्यमों से प्राप्त सूचना के आधार पर कोई भुगतान नहीं किया जाएगा। बोर्ड के इस स्पष्टीकरण के बाद उन रेल कर्मचारियों को भी राहत मिली है, जो वायरल पत्र को वास्तविक मानकर बोनस भुगतान की उम्मीद लगाए बैठे थे। रेलवे प्रशासन ने संबंधित अधिकारियों को फर्जी आदेश को पूरी तरह नजरअंदाज करने के निर्देश दिए हैं।

उत्पादकता लिंक्ड बोनस को लेकर पीआरकेएस का प्रदर्शन
उत्पादकता लिंक्ड बोनस की गणना सीमा बढ़ाने को लेकर पूर्वोत्तर रेलवे कर्मचारी संघ (पीआरकेएस) ने बुधवार को लेखा मंडल कार्यालय पर प्रदर्शन किया। यांत्रिक कारखाना से महाप्रबंधक कार्यालय तक बाइक रैली निकाल सभा की और सरकार के खिलाफ विरोध जताया।

यह भी पढ़ें- गोरखपुर में ट्रेन के आउटर पर महिला प्रोफेसर से एसी कोच में पर्स छीना, सुरक्षा पर उठे सवाल

महामंत्री विनोद कुमार राय ने उत्पादकता लिंक्ड बोनस की गणना सीमा को सातवें वेतन आयोग के न्यूनतम वेतन को डीए से जोड़ने, 18,000 रुपये को डीए में जोड़ने या 21,000 की नई सीमा तत्काल प्रभाव से लागू करने की मांग की है।

वरिष्ठ कर्मचारी नेता नवीन मिश्रा ने बोनस दिनों की संख्या में भी वृद्धि पर गंभीरता से विचार तथा महंगाई और वर्तमान वेतन संरचना को ध्यान में रखते हुए बोनस का पुनरीक्षण अनिवार्य करने पर विचार करने की मांग की है। इस अवसर पर बड़ी संख्या में रेलकर्मी उपस्थित थे।

यह भी पढ़ें- गोरखपुर-गोंडा रूट पर सफर करने से पहले पढ़ें यह खबर, 10-11 को निरस्त रहेंगी 12 ट्रेनें; 26 का बदल जाएगा मार्ग