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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 09, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Railway News: गोरखपुर से टनकपुर और काठगोदाम तक शुरू होगी रेल सेवा, नए मार्ग से आसान होगी पहाड़ों की यात्रा

By Jagran NewsEdited By: Pragati Chand
Updated: Thu, 09 Nov 2023 03:04 PM (IST)

शाहगढ़ से पीलीभीत तक का आमान परिवर्तन होते ही टनकपुर और काठगोदाम तक पूर्वोत्तर रेलवे के लिए एक नया रेलमार्ग खुल जाएगा। इससे पूर्वोत्तर रेलवे के मुख्या ...और पढ़ें

टनकपुर और काठगोदाम तक शुरू होगी रेल सेवा। (प्रतीकात्मक तस्वीर)
टनकपुर और काठगोदाम तक शुरू होगी रेल सेवा। (प्रतीकात्मक तस्वीर)

जागरण संवाददाता, गोरखपुर। पूर्वोत्तर रेलवे के मुख्यालय गोरखपुर से मैलानी-पीलीभीत के रास्ते टनकपुर और काठगोदाम तक रेल सेवा शुरू होगी। मैलानी से शाहगढ़ तक आमान परिवर्तन (छोटी से बड़ी लाइन) पूरा हो गया है। नौ नवंबर से लखनऊ-मैलानी पैसेंजर ट्रेन का संचालन शाहगढ़ तक शुरू हो जाएगा। शाहगढ़ से आगे पीलीभीत तक करीब 25 किमी छोटी लाइन का आमान परिवर्तन शेष है। शाहगढ़ से पीलीभीत तक का आमान परिवर्तन होते ही टनकपुर और काठगोदाम तक पूर्वोत्तर रेलवे के लिए एक नया रेलमार्ग खुल जाएगा। नया रेलमार्ग तैयार होने के बाद पूर्वोत्तर रेलवे की उत्तर रेलवे पर निर्भरता खत्म हो जाएगी।

मैलानी-शाहगढ़-पीलीभीत नए रेलमार्ग पर पूर्वोत्तर रेलवे पर्याप्त ट्रेनों का संचालन कर सकेगा। मुख्यालय गोरखपुर और लखनऊ से मैलानी-शाहगढ़-पीलीभीत-खटीमा-टनकपुर तक ट्रेनों का संचालन शुरू हो जाएगा। गोरखपुर और लखनऊ से मैलानी-शाहगढ़-पीलीभीत-भोजीपुरा-लालकुआं-हल्द्वानी के रास्ते काठगोदाम तक ट्रेनें चलने लगेंगी। ऐसा नहीं है कि काठगोदाम तक ट्रेन नहीं चलती है।

गोरखपुर के रास्ते हावड़ा से काठगोदाम के बीच बाघ एक्सप्रेस संचालित है। यह ट्रेन लखनऊ-बरेली-रामपुर-रुद्रपुर-लालकुआं-हल्द्वानी के रास्ते काठगोदाम जाती है। बरेली से रामपुर मार्ग उत्तर रेलवे में पड़ता है। ऐसे में दूसरी ट्रेनों के संचालन के लिए खाली मार्ग नहीं मिल पाता।

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यात्रियों की मांग के बावजूद चाहकर भी पूर्वोत्तर रेलवे काठगोदाम व टनकपुर के लिए नई ट्रेन नहीं चला पा रहा है। जबकि, गोरखपुर से ही प्रतिदिन काठगोदाम के अलावा टनकपुर होते हुए मां पूर्णागिरी धाम के लिए हजारों लोग यात्रा करते हैं। नए मार्ग से पहाड़ों का सफर और मां पूर्णागिरी धाम की राह और आसान हो जाएगी।

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प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के उत्तराखंड में नौ रत्नों को आपस में रेल सेवा से जोड़ने की घोषणा के बाद पूर्वोत्तर रेलवे ने टनकपुर से बागेश्वर तक नई रेल लाइन बिछाने की भी तैयारी शुरू कर दी है। 249 किमी लंबी इस रेल लाइन के लिए सर्वे का कार्य पूरा हो गया है। रेलवे प्रशासन ने रेलवे बोर्ड और मंत्रालय को सर्वे रिपोर्ट भेज दी है।