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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 19, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Gorakhpur News: सिंचाई विभाग का घूसखोर लिपिक रिश्वत लेते गिरफ्तार, फाइल आगे बढ़ाने के लिए मांग रहा था पांच हजार रुपये

Updated: Wed, 19 Feb 2025 03:25 PM (IST)

उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले में एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहां सिंचाई विभाग के लिपिक ऋषिनंदन गौड़ को 5000 रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे ...और पढ़ें

कैंट थाने में बैठा रिश्वत लेते पकड़ा गया सिंचाई विभाग का लिपिक ऋषि नन्द गौड़। सौ. इंटरनेट मीडिया
कैंट थाने में बैठा रिश्वत लेते पकड़ा गया सिंचाई विभाग का लिपिक ऋषि नन्द गौड़। सौ. इंटरनेट मीडिया

HighLights

  1. सेवानिवृत्त कर्मी से ग्रेच्युटी का भुगतान कराने के लिए मांग रहा था 5000 रुपये
  2. 31 दिसंबर 2024 को हेल्पर पद से सेवानिवृत्त हुए थे खजनी के इंद्रेश सिंह

जागरण संवाददाता, गोरखपुर। एंटी करप्शन टीम ने मंगलवार को एक बड़ी कार्रवाई करते हुए सिंचाई विभाग के लिपिक ऋषिनंदन गौड़ को 5000 रुपये रुपये रिश्वत लेते रंगे हाथों धर दबोचा। मामला एक सेवानिवृत्त कर्मचारी से घूस मांगने का था, जो अपनी ग्रेच्युटी के रुपये पाने के लिए विभाग का चक्कर लगा रहा था।

परेशान होकर उसने भ्रष्टाचार के विरुद्ध आवाज उठाई और पुलिस लाइन स्थित एंटी करप्शन थाने में जाकर शिकायत कर दी। गोपनीय जांच में आरोप की पुष्टि होने पर एंटी करप्शन की टीम ने जाल बिछाई तो रिश्वतखोर फंस गया।

खजनी के तितरिया गांव के इंद्रेश सिंह सिंचाई विभाग में हेल्पर थे और 31 दिसंबर 2024 को सेवानिवृत्त हुए।अपनी ग्रेच्युटी की राशि लेने में परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था। विभाग के लिपिक ऋषिनंदन गौड़ ने उनसे फाइल आगे बढ़ाने के लिए 5000 रुपये रुपये मांग रहा था।

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पहले तो इंद्रेश सिंह ने चक्कर लगाकर अपना काम निकलवाने की कोशिश की, लेकिन जब रिश्वत दिए बिना काम नहीं हुआ, तो उन्होंने पुलिस लाइन स्थित एंटी करप्शन दफ्तर में शिकायत दर्ज कराई। निरीक्षक राम बहादुर पाल ने मामले की गोपनीय जांच कराई तो आरोप सही मिला इसके बाद कार्रवाई करने के लिए जाल बिछाया।

आरोपी को भेजा गया जेल। जागरण (सांकेतिक तस्वीर)


मंगलवार दोपहर अपनी टीम के साथ निरीक्षक रामबहादुर पाल रेलवे स्टेशन रोड स्थित नलकूप खंड-1 कार्यालय के पास चाय की दुकान पर पहुंचे। योजनाबद्ध तरीके से इंद्रेश सिंह ने लिपिक को दोपहर 2:30 बजे रुपये देने के लिए बुलाया। जैसे ही ऋषिनंदन गौड़ ने रुपये से भरा पैकेट हाथ में लिया, टीम ने झपट्टा मारकर उसे रंगे हाथों पकड़ लिया।

पकड़े जाने के बाद लिपिक को कैंट थाने लाया गया, जहां भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया गया। दोपहर बाद उसे कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उसे सीधे जेल भेज दिया गया।

दूसरे दिन भी स्वजन ने किया हंगामा, पांच पर दर्ज हुआ मुकदमा

खजनी के पड़ियापार के रहने वाले मोहन का शव बरामद होने के बाद मंगलवार को भी स्वजन ग्रामीणों के साथ हंगामा किये। आरोपितों पर तत्काल कार्रवाई करने की मांग की। मौके पर पहुंची पुलिस उन्हें समझा-बुझाकर शांत कराया। इसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा।

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वहीं सोमवार की शाम को मोहन की पत्नी की तहरीर पर पुलिस ने गांव के शत्रुघ्न, सुरेश, अशोक पांडेय, रोहित कुमार और सोनू पांडेय के विरुद्ध केस दर्ज कर दो को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है। दो माह पूर्व 17 दिसंबर 2024 को मोहन अचानक घर से लापता हो गया था।

उसकी तलाश करके स्वजनों ने पुलिस को सूचना दी। उस समय गांव में चर्चा होने लगी कि वह किसी के घर में घुसने की कोशिश कर रहा था। तभी शोर मचाने पर भागकर पोखरे में कूद गया। सूचना पर पुलिस एसडीआरएफ की मदद से उसकी तलाश कराई, लेकिन पता नहीं चला।