गोरखपुर चिड़ियाघर में अजगर का है ‘भौकाल’, शेर समेत अन्य के लिए लगा कूलर
गोरखपुर चिड़ियाघर ने गर्मी के लिए वन्यजीवों की विशेष तैयारी की है। एक अजगर को वातानुकूलित क्राल में रखा गया है, जिसकी सेहत में सुधार हुआ है। शेर, बाघ और गैंडा जैसे जानवरों के बाड़ों में 45 कूलर लगाए गए हैं।

गर्मी से राहत देने के लिए प्रबंधन ने की है व्यवस्था। जागरण
HighLights
अजगर को विशेष वातानुकूलित क्राल में रखा गया है।
शेर, बाघ सहित अन्य जानवरों के लिए 45 कूलर।
गर्मी के कारण वन्यजीवों की खुराक में बदलाव।
जागरण संवाददाता, गोरखपुर। चिड़ियाघर में गर्मी को देखते हुए वन्यजीवों के रहने और खानपान की पूरी तैयारी कर ली गई है। चिड़ियाघर में अजगर को विशेष तौर पर वातानुकूलित क्राल में रखा गया है।
यह वही अजगर है जो पहले विनोद वन में महीनों भूखा रहता था और वहां उसके पिंजरे में केवल चने ही दिए जाते थे। चिड़ियाघर आने के बाद उसका अलग ही ‘भौकाल’ है। साथ ही उसकी सेहत में सुधार हुआ है।
अजगर के बाड़े में बारहों माह तापमान नियंत्रित रखने के लिए एसी की व्यवस्था की गई है। शेर सहित अन्य वन्यजीवों को गर्मी से बचाने के लिए उनके बाड़ों में कूलर लगाए गए हैं। पूरे चिड़ियाघर में कुल 45 कूलर की व्यवस्था की गई है।
शेर, बाघ, तेंदुआ, गैंडा, भालू आदि जानवरों के क्राल में दो-दो कूलर लगाए गए हैं। वहीं हिरन को अधिक ठंड लगने के कारण प्राकृतिक हवा में ही रखा गया है। इसके अलावा पक्षियों को गर्मी से राहत देने के लिए उनके बाड़े के चारों तरफ खस की चटाई लगा दी गई है।
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जू कर्मी दोपहर के समय उसे पानी से भिगों रहे है, जिससे की गर्म हवा के बीच उन्हेें ठंड का अहसास हो। चिड़ियाघर के उपनिदेशक डा. योगेश प्रताप सिंह ने बताया कि गर्मी के कारण जानवरों की खुराक में बदलाव पहले ही कर दिया गया है।
अजगर हर हफ्ते एक से दो मुर्गा दिया जा रहा है, जबकि अन्य वन्यजीवों की खुराक में भी बदलाव किया गया है। उप निदेशक ने बताया कि अजगर बेहद संवेदनशील वन्यजीव है, इसलिए उसके क्राल में विशेष एसी की व्यवस्था की गई है ताकि वह आराम से रह सके। इसके अलावा गर्मी में राहत देने के लिए अन्य बाड़ों में कूलर लगाएं गए है।

