गोरखपुर में बादल फटने जैसे हालात, छह मरे और 14 घायल
गोरखपुर में बारिश और तेज आंधी के कारण पेड़ गिरने से चार लोगों की मौत हो गई और 14 अन्य ...और पढ़ें

HighLights
बारिश और आंधी से पेड़ गिरने की घटनाएं हुईं।
गोरखपुर जिले में चार लोगों की दुखद मौत हुई।
कुल चौदह लोग गंभीर रूप से घायल होकर अस्पताल में भर्ती।
जागरण टीम, गोरखपुर। तीन दिन से जारी वर्षा का सिलसिला शनिवार की शाम को भयावह हो उठा। पौने दो घंटे अतिवृष्टि ने बादल फटने जैसे हालात दिखा दिए। गोरखपुर में गांव से लेकर शहर तक जलभराव से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया। धर्मशाला के पास राष्ट्रीय राजमार्ग पर कमर तक पानी भर गया। तेज हवा संग बारिश से फसलों को व्यापक नुकसान हुआ। सैकड़ों पेड़ भी गिर गए। इनके नीचे दबने से गोरखपुर में चार लोगों की मौत हो गई।
वहीं, सुबह बारिश के बीच गिरे हाईटेंशन लाइन के तार की चपेट में आने से एक किशोर की जान चली गई। सड़क, रेल से लेकर उड़ानों पर मौसम की मार पड़ी। जगह-जगह पोल गिरने और तार टूटने से शुक्रवार रात से ही बिजली संकट बना हुआ है। हालात सुधरने से पहले ही शाम को हुई तेज वर्षा से स्थिति और विकट हो गई। कई उपकेंद्रों में पानी घुस गया।
शाम सवा चार बजे से छह बजे तक पौने दो घंटे के भीतर 150 एमएम वर्षा से बाढ़ और बादल फटने जैसे हालात बन गए। कैंपियरगंज में एक परिवार के तीन, तो कौड़ीराम और उरुवा में एक-एक व्यक्ति की पेड़ के नीचे दबने से मौत हो गई। ऐसे हादसों में अलग-अलग जगहों पर 14 लोग घायल हुए हैं।
24 जिलों में रेड अलर्ट
उत्तर प्रदेश में बारिश का दौर रविवार को भी जारी रहने के आसार हैं। रविवार को भी 24 जिलों में भारी से बहुत भारी वर्षा का रेड अलर्ट जारी किया गया है। राजधानी लखनऊ में सितंबर की वर्षा ने सारे रिकार्ड पीछे छोड़ दिए हैं। शनिवार को यहां 200.8 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई, जो सितंबर की सर्वाधिक बारिश है। करीब 50 घंटे से बारिश हो रही है।
राहत कार्यों में लापरवाही बर्दाश्त नहीं: मुख्यमंत्री
भारी वर्षा और इससे उत्पन्न बाढ़ की स्थिति को देखते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रभावित लोगों को तत्काल राहत व सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि जनहानि और पशुहानि पर तत्काल मुआवजा उपलब्ध कराएं। जिन लोगों के घर गिर गए हैं, उन्हें भी मुआवजा दिया जाए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि राहत कार्यों में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी।
