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    समपार फाटक स्थायी रूप से बंद, फिर भी निकाला 3 करोड़ का टेंडर, जिस क्रॉसिंग के लिए निकाली निविदा; उन पर बन चुके फ्लाईओवर

    Updated: Thu, 28 May 2026 09:49 PM (IST)

    पूर्वोत्तर रेलवे के लखनऊ मंडल में बंद समपार फाटकों के लिए 3.18 करोड़ रुपये का टेंडर निकाला गया है, जबकि इन पर फ्लाईओवर/अंडरपास बन चुके हैं। एनई रेलवे ...और पढ़ें

    इस फोटो को AI के माध्यम से तैयार किया गया है।

    इस फोटो को AI के माध्यम से तैयार किया गया है।

    HighLights

    1. बंद समपार फाटकों के लिए 3.18 करोड़ का टेंडर।

    2. फ्लाईओवर/अंडरपास बनने के बाद भी टेंडर पर विवाद।

    3. एनई रेलवे मजदूर यूनियन ने उच्चस्तरीय जांच की मांग की।

    प्रेम नारायण द्विवेदी, गोरखपुर। पूर्वोत्तर रेलवे के लखनऊ मंडल स्थित सिग्नल विभाग में निकली निविदा (टेंडर) चर्चा में है। यह काम उन समपार फाटक पर होना है, जो फ्लाईओवर या अंडरपास बनने की वजह से स्थायी रूप से बंद हो चुके हैं। गोरखपुर-डोमिनगढ़ स्टेशन के बीच गोरखनाथ स्थित समपार फाटक संख्या 162, बस्ती से ओरवारा के बीच 197बी व अन्य चार समपार फाटकों पर सब-वे व रोड ओवरब्रिज बन चुका है।

    यहां आमजन का आवागमन भी शुरू हो चुका है। ट्रेनें भी निर्बाध गति से दौड़ रही हैं। इसके बावजूद रेलवे प्रशासन ने छह समपार फाटकों पर प्रस्तावित केबिल शिफ्टिंग व अन्य कार्य के लिए लगभग तीन करोड़ 18 लाख रुपये का टेंडर निकाल दिया है।

    समपार फाटक पूरी तरह बंद

    प्रपोज्ड लो हाइट सब-वे के लिए जिन समपार फाटकों पर टेंडर निकाला गया हैं, उनमें सबसे महत्वपूर्ण गोरखनाथ स्थित 162 नंबर है। यह समपार फाटक पूरी तरह बंद हो चुका है। फाटक के ऊपर गोरखनाथ का नया पुल खुल गया है, जिसपर रोजाना हजारों लोग आवागमन कर रहे हैं। मुंडेरवा-ओरवारा के बीच समपार फाटक संख्या 181/बी-2 और 191/सी का कार्य पूर्ण हो चुका है।

    बस्ती-ओरवारा के बीच समपार फाटक संख्या 197/बी-2 का भी कार्य पूरा हो चुका है। यह फाटक बंद कर सब-वे भी चालू हो गए हैं। गौर-बभनान के बीच समपार फाटक संख्या 218/सी और बभनान-गौर के बीच समपार फाटक संख्या 220/सी का भी कार्य पूरा हो चुका है। इन दोनों फाटकों पर दोबारा केबिल शिफ्टिंग का कार्य चल रहा है। इसके बाद भी फाटक बंद हैं और ट्रेनें चल रही हैं।

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    एनई रेलवे मजदूर यूनियन (नरमू) ने आरोप लगाया है कि जब समपार फाटक पर सभी कार्य पूर्ण होने के बाद ट्रेनों का संचालन शुरू हो चुका है तो अब दोबारा केबल शिफ्टिंग या अन्य कार्यों के लिए निविदा क्यों निकाली गई है।

    क्या है आरोप?

    जब बभनान तक आटोमेटिक ब्लाक सिग्नल सिस्टम लग रहा था तो समपार फाटकों पर कार्य पूरे क्यों नहीं करा लिए गए। आरोप है कि बड़ी कंपनी के पक्ष में लाभ पहुंचाने के लिए टेंडर निकाला गया है। ताकि, कोई दूसरा टेंडर न डाल सके। एनई रेलवे मजदूर यूनियन के संयुक्त महामंत्री ओंकार नाथ सिंह रेलवे प्रशासन से इस प्रकरण की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की है।

     

    यह सभी समपार फाटक संबंधित स्टेशनों के विजुअल डिस्प्ले यूनिट (वीडीयू) पैनल में अभी दिख रहे हैं, जिन्हें लाजिक में संशोधन करके हटाया जाना है। इस कार्य को करने के लिए टेंडर आमंत्रित किया गया है। - सुमित कुमार, मुख्य जनसंपर्क अधिकारी- पूर्वोत्तर रेलवे