गोरखपुर रेलवे कॉलोनी में दिनदहाड़े, चोरी पुलिस की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल
गोरखपुर की रेलवे कॉलोनी में दिनदहाड़े एक रेलवे कर्मचारी के घर में चोरी हो गई, जहां चोर नकदी और आभूषण ...और पढ़ें

तस्वीर का इस्तेमाल प्रतीकात्मक प्रस्तुतीकरण के लिए किया गया है। जागरण
HighLights
रेलवे कॉलोनी में दिनदहाड़े हुई चोरी की घटना।
पुलिस चौकी से चंद कदम दूर वारदात को अंजाम।
एंटी थेफ्ट सेल की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल।
जागरण संवाददाता, गोरखपुर। रेलवे कालोनी में चोरों के हौसले बढ़ते जा रहे हैं। कौवाबाग पुलिस चौकी से कुछ ही दूरी पर सोमवार को दिनदहाड़े रेलवे कर्मचारी के आवास में चोरी हो गई और चौकी की पुलिस को इसकी भनक तक नहीं लगी। चोर महज दो घंटे के भीतर पीछे का दरवाजा तोड़कर नकदी, आभूषण और घरेलू सामान समेटकर फरार हो गए। लगातार हो रही चोरी की घटनाओं से रेलवे कर्मचारी और उनके परिवार सहमे हुए हैं। शाहपुर थाना पुलिस छानबीन कर रही है।
सोमवार को यह घटना आवास संख्या 565-बी में हुई। यहां रहने वाले कामर्शियल इंस्ट्रक्टर पुरेंदु कुमार की पत्नी की तबीयत खराब है। रेलवे अस्पताल में उनका उपचार चल रहा है। सोमवार सुबह करीब 10 बजे पुरेंदु पत्नी को देखने अस्पताल गए थे।
करीब दोपहर 12 बजे लौटे तो घर के पीछे का फाटक टूटा मिला। अंदर सामान बिखरा पड़ा था। जांच करने पर पता चला कि चोर पांच हजार रुपये नकद, चांदी की पायल, बिछिया, चांदी का सिक्का, पीतल के बर्तन और सोने के कुछ आभूषण ले गए हैं। घटना की सूचना पुलिस को दी गई।
चौकी से नजदीक होने के बावजूद दिन के समय हुई इस वारदात ने कॉलोनी की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। रेलवे कालोनी में यह पहली चोरी नहीं है। कर्मचारियों के मुताबिक, इससे पहले भी चार आवासों में चोरी की घटनाएं हो चुकी हैं।
इनमें से किसी भी घटना का अब तक पर्दाफाश नहीं हुआ है। लगातार वारदात के बावजूद दिन में भी चोरों का घर में घुसना रेलकर्मियों की चिंता बढ़ा रहा है।एसपी सिटी निमिष पाटिल ने बताया कि रेलवे कालोनी में हुई चोरी की घटना की जांच कराई जा रही है। जल्द ही घटना का पर्दाफाश किया जाएगा।
यह भी पढ़ें- गोरखपुर में डायग्नोसिस सेंटर मैनेजर को लगी गोली, पुलिस कर रही गहन जांच
एंटी थेफ्ट सेल की कार्यप्रणाली पर सवाल
शहर में चोरी की घटनाओं का पर्दाफाश करने के लिए एंटी थेफ्ट सेल का गठन किया गया है। शहर के साथ उत्तरी और दक्षिणी क्षेत्र के लिए अलग-अलग टीमें बनाई गई हैं। इनका प्रमुख काम चोरी की घटनाओं का पर्दाफाश करना है। इसके बावजूद रेलवे कालोनी में लगातार चोरी और पुरानी घटनाओं का अनावरण न होने से टीम की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठ रहे हैं।
