गोरखपुर में फरार बंदी मामला: तीन घंटे तक जेल के चप्पे-चप्पे की तलाशी, फिर अधिकारियों को दी गई सूचना
गोरखपुर जिला कारागार से दुष्कर्म और अपहरण का आरोपित बंदी विपिन कुमार फरार हो गया। जेल प्रशासन ने तीन घंटे तक आंतरिक तलाशी के बाद उच्चाधिकारियों को सूच ...और पढ़ें

गोरखपुर जेल की फाइल फोटो। जागरण
HighLights
दुष्कर्म व अपहरण का आरोपित बंदी फरार।
जेल प्रशासन ने तीन घंटे तक आंतरिक तलाशी ली।
बाहरी सीसीटीवी फुटेज से फरारी की पुष्टि हुई।
जागरण संवाददाता, गोरखपुर। जिला कारागार से दुष्कर्म और अपहरण के आरोपित बंदी विपिन कुमार के फरार होने के बाद जेल प्रशासन ने पहले अपने स्तर पर उसे खोजने की कोशिश की। करीब तीन घंटे तक जेल के चप्पे-चप्पे की तलाशी ली गई। सभी बैरकों की जांच की गई, पेड़ों और निर्माणाधीन परिसर के आसपास तलाश अभियान चलाया गया तथा जेल परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाली गई।
बैरकों में बंद अन्य बंदियों से भी पूछताछ की गई कि कहीं उन्हें विपिन के भागने की कोई जानकारी तो नहीं थी। जब काफी देर तक उसका कोई सुराग नहीं मिला, तब उच्चाधिकारियों को घटना की सूचना दी गई। अब मामले में फरारी का मुकदमा दर्ज करने की तैयारी की जा रही है।
सूत्रों के अनुसार सुबह 10 बजे बंदी के गायब होने की जानकारी मिलते ही जेल प्रशासन ने मुख्य द्वार बंद कराकर आंतरिक तलाशी शुरू करा दी। सभी बैरकों की गिनती दोबारा कराई गई। निर्माणाधीन बैरक, खेती वाले परिसर, पेड़ों और दीवारों के आसपास भी गहन जांच की गई। अधिकारियों ने जेल परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाली, लेकिन शुरुआती जांच में कोई ठोस सुराग नहीं मिला। बाद में बाहरी क्षेत्र के कैमरों की जांच में उसके जेल से बाहर निकलने की पुष्टि हुई।
जेल प्रशासन ने विपिन के साथ रहने वाले बंदियों और उसके संपर्क में रहने वाले कैदियों से भी पूछताछ की। यह जानने का प्रयास किया गया कि क्या उसने पहले से भागने की योजना बनाई थी या किसी को इसकी जानकारी थी। हालांकि पूछताछ में किसी बंदी ने फरारी की जानकारी होने से इन्कार किया। इसके बाद वरिष्ठ अधिकारियों को पूरी घटना से अवगत कराया गया और पुलिस को सूचना देकर संयुक्त तलाश अभियान शुरू किया गया।
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पुलिस के अनुसार 17 मई 2026 को विपिन ने अपने साभी शुभम उर्फ छोटू और दीक्षित उर्फ अभिषेक के साथ मिलकर किशोरी का अपहरण किया था। काफी खोजबीन के बाद भी पीड़िता का पता नहीं चलने पर 21 मई को बांसगांव थाने में अपहरण का मुकदमा दर्ज किया गया।
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इसी मामले में गिरफ्तार कर उसे 18 जुलाई को पुलिस ने गिरफ्तार कर जिला कारागार भेजा गया था, जहां से शुक्रवार को वह फरार हो गया। जेल अधीक्षक दिलीप पांडेय ने बताया कि लापरवाही किस स्तर पर हुई इसकी विभागीय जांच भी चल रही है। इस संबंध में शाहपुर थाने में मुकदमा दर्ज कराया गया है।