गोरखपुर गीडा में पांच होटलों पर छापा, दो सील, तीन संचालक फरार
गोरखपुर के गीडा स्थित ट्रांसपोर्ट नगर में अवैध रूप से संचालित होटलों पर प्रशासन ने छापा मारा। इस दौरान दो होटलों को सील कर दिया गया, जबकि तीन अन्य होट ...और पढ़ें

सेक्टर 22 में 24 समेत गीडा में 50 से अधिक होटल-गेस्ट हाउस। जागरण
HighLights
गीडा के ट्रांसपोर्ट नगर में अवैध होटलों पर छापा।
दो होटल सील किए गए, तीन संचालक मौके से फरार।
वैध अनुमति और पंजीकरण न होने पर हुई कार्रवाई।
जागरण संवाददाता, सहजनवा, (गोरखपुर)। गोरखपुर औद्योगिक विकास प्राधिकरण (गीडा) के सेक्टर-22 स्थित ट्रांसपोर्ट नगर में मंगलवार को प्रशासन और पुलिस ने अवैध रूप से संचालित होटलों के खिलाफ कार्रवाई की। एसडीएम केशरी नंदन तिवारी और सीओ गीडा कीर्ति निधि आनंद के नेतृत्व में पांच होटलों पर हुई संयुक्त छापेमारी के दौरान दो होटल तत्काल प्रभाव से सील कर दिए गए। वहीं, कार्रवाई की भनक लगते ही तीन अन्य होटल संचालक अपने प्रतिष्ठान बंद कर फरार हो गए।
टीम जब ट्रांसपोर्ट नगर पहुंची तो सबसे पहले एक ऐसे होटल की जांच की गई, जहां होटल का संचालन तो हो रहा था, लेकिन बाहर कोई बोर्ड तक नहीं लगा था। इसके बाद टीम यूनिक होटल पहुंची और वहां भी अभिलेखों की जांच की।
जांच के दौरान किसी भी होटल में कोई आपत्तिजनक गतिविधि नहीं मिली, लेकिन दोनों होटल संचालक होटल संचालन से संबंधित वैध अनुमति पत्र नहीं दिखा सके। साथ ही सराय अधिनियम के तहत पंजीकरण भी नहीं कराया गया था। इतना ही नहीं, होटल में ठहरने वाले लोगों का विवरण दर्ज करने वाला अनिवार्य रजिस्टर भी नहीं मिला।
इन गंभीर अनियमितताओं को देखते हुए एसडीएम और सीओ के निर्देश पर होटल च्वाइस और यूनिक को तत्काल प्रभाव से सील कर दिया गया। इस बीच कार्रवाई की सूचना फैलते ही आसपास के तीन अन्य होटल संचालकों ने अपने प्रतिष्ठान बंद कर दिए और मौके से फरार हो गए।
खबरें और भी
बताया जा रहा है कि गीडा के सेक्टर-22 ट्रांसपोर्ट नगर में बड़े पैमाने पर होटल बिना आवश्यक अनुमति के संचालित किए जा रहे हैं। यहां केवल एक ही होटल के पास ही होटल संचालन की अनुमति और स्वीकृत मानचित्र है, जबकि अधिकांश होटल बिना वैधानिक औपचारिकताएं पूरी किए संचालित हो रहे हैं।
हाल के दिनों में पुलिस को शिकायतें भी मिल रही थीं कि कुछ होटलों में अनैतिक गतिविधियां संचालित की जा रही हैं। हालांकि मंगलवार की जांच के दौरान ऐसी किसी गतिविधि की पुष्टि नहीं हुई। इसके बावजूद प्रशासन ने दस्तावेजों और नियमों के उल्लंघन को गंभीर मानते हुए कार्रवाई की।
यह भी पढ़ें- गोरखपुर में पहले संस्थान फिर आम आदमी को मिलेगा नगर निगम का बांड, गोलघर मल्टीस्टोरी कांप्लेक्स में बनेंगे फ्लैट
जानकारी के अनुसार, गीडा क्षेत्र में वर्तमान में 50 से अधिक होटल और गेस्ट हाउस संचालित हैं। इनमें अकेले सेक्टर-22 में करीब 24 होटल हैं। अधिकांश होटलों का पर्यटन विभाग में पंजीकरण नहीं है और न ही आवश्यक एनओसी एवं अन्य वैधानिक प्रक्रियाएं पूरी की गई हैं।
गीडा प्रशासन इससे पहले सितंबर 2025 और मार्च 2026 में सभी होटल संचालकों को नोटिस जारी कर आवश्यक अभिलेख प्रस्तुत करने अथवा अवैध संचालन बंद करने की चेतावनी दे चुका था। हालांकि उस समय कोई सख्त कार्रवाई नहीं हुई। अब शिकायतें बढ़ने के बाद प्रशासन ने अभियान शुरू कर दिया है।
सीओ गीडा कीर्ति निधि आनंद ने बताया कि जांच के दौरान अवैध रूप से संचालित होटल च्वाइस और यूनिक को सील किया गया है। वहीं, एसडीएम केशरी नंदन तिवारी ने कहा कि गीडा क्षेत्र के सभी होटलों का सत्यापन कराया जा रहा है। जो होटल बिना अनुमति या नियमों के विपरीत संचालित पाए जाएंगे, उन्हें बंद कराया जाएगा। कार्रवाई के दौरान तहसीलदार आरके कन्नौजिया, प्रभारी निरीक्षक गीडा अश्वनी पांडेय, थानाध्यक्ष सहजनवा संजय कुमार मिश्र, चौकी प्रभारी पिपरौली अमरेश कुमार सिंह सहित प्रशासन और पुलिस की टीम मौजूद रही।