गोरखपुर शमन मानचित्र के लिए GDA में बनेगी हेल्प डेस्क, दौड़ से मिलेगी राहत
गोरखपुर विकास प्राधिकरण (GDA) ने शमन मानचित्र और भवन संबंधी प्रक्रियाओं के लिए हेल्प डेस्क स्थापित करने का निर्णय लिया है। यह आवेदकों को एक ही स्थान पर आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराएगा, जिससे उन्हें अलग-अलग अनुभागों में भटकना नहीं पड़ेगा।

गोरखपुर विकास प्राधिकरण। जागरण
HighLights
गोरखपुर जीडीए में शमन मानचित्र हेल्प डेस्क स्थापित।
आवेदकों को एक ही जगह मिलेगी पूरी जानकारी।
भवन सुरक्षा मानकों के अनुपालन पर विशेष जोर।
जागरण संवाददाता, गोरखपुर। शमन मानचित्र और भवन संबंधी प्रक्रियाओं को लेकर गोरखपुर विकास प्राधिकरण (जीडीए) में आने वाले लोगों की सुविधा के लिए अब हेल्प डेस्क स्थापित की जाएगी। इसका उद्देश्य आवेदकों को एक ही स्थान पर आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराना और उन्हें अलग-अलग अनुभागों के चक्कर लगाने से राहत देना है। जीडीए उपाध्यक्ष अभिनव गोपाल ने अधिकारियों को हेल्प डेस्क शीघ्र स्थापित करने के निर्देश दिए हैं।
लखनऊ में कोचिंग संस्थान में हुए अग्निकांड के बाद प्रदेशभर में भवन सुरक्षा और मानचित्र संबंधी मानकों के अनुपालन को लेकर अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में गोरखपुर में भी जीडीए ने बिना शमन मानचित्र या अन्य आवश्यक मानकों का पालन किए संचालित हो रहे 100 से अधिक कोचिंग संस्थानों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को नोटिस जारी किए हैं।
उन्हें निर्धारित अवधि में शमन मानचित्र स्वीकृत कराने और भवनों की कमियों को दूर करने के निर्देश दिए गए हैं। नियमों की अनदेखी करने पर अब तक सात कोचिंग संस्थान और लाइब्रेरी सील किए जा चुके हैं, जबकि जांच और कार्रवाई का अभियान अभी जारी है।
बड़ी संख्या में संचालकों और भवन स्वामियों के जीडीए पहुंचने से कार्यालय में आवेदकों की भीड़ बढ़ गई है। इसी को देखते हुए हेल्प डेस्क पर कंप्यूटर सिस्टम के साथ दो अवर अभियंताओं और कर्मचारियों की तैनाती की जाएगी। यहां आने वाले लोगों को शमन मानचित्र, आवश्यक दस्तावेज, आवेदन प्रक्रिया तथा अन्य तकनीकी जानकारियां एक ही स्थान पर उपलब्ध कराई जाएंगी।
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प्राधिकरण उपाध्यक्ष का मानना है कि हेल्प डेस्क शुरू होने से न केवल लोगों को पारदर्शी और त्वरित जानकारी मिलेगी, बल्कि कार्यालय की कार्यप्रणाली भी अधिक व्यवस्थित होगी। इससे शमन मानचित्र की प्रक्रिया में तेजी आएगी और भवनों को सुरक्षा मानकों के अनुरूप नियमित कराने में भी सुविधा मिलेगी। साथ ही, नियमों का पालन सुनिश्चित कराने के लिए प्राधिकरण का अभियान आगे भी जारी रहेगा।

