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गोरखपुर में कैंट-उनौला डबल रेल लाइन तैयार, नॉन-इंटरलॉकिंग का इंतजार; वाल्मीकिनगर तक होना है दोहरीकरण

Published: Wed, 29 Jul 2026 12:40 PM (IST)

गोरखपुर कैंट से उनौला तक डबल रेल लाइन तैयार है, लेकिन नॉन-इंटरलॉकिंग (एनआइ) के इंतजार में ट्रेनों का संचालन शुरू ...और पढ़ें

तस्वीर का इस्तेमाल प्रतीकात्मक प्रस्तुतीकरण के लिए किया गया है। जागरण

तस्वीर का इस्तेमाल प्रतीकात्मक प्रस्तुतीकरण के लिए किया गया है। जागरण

HighLights

  1. गोरखपुर कैंट-उनौला डबल रेल लाइन बनकर तैयार है।

  2. नॉन-इंटरलाकिंग (एनआइ) की प्रक्रिया स्थगित हुई।

  3. अब सावन के बाद एनआइ होने की संभावना है।

जागरण संवाददाता, गोरखपुर। गोरखपुर कैंट से उनौला तक डबल रेल लाइन (दोहरीकरण) तैयार है। अब सिर्फ नॉन-इंटरलॉकिंग (एनआइ) का इंतजार है। न नॉन-इंटरलॉकिंग हो रही और न डबल लाइन पर ट्रेनों का संचालन आरंभ हो पा रहा।

रेलवे प्रशासन ने 16 से 21 जुलाई तक प्री व नॉनइंटरलाकिंग की घोषणा की थी, लेकिन ठीक उसी दिन स्थगित भी कर दी। इसके बाद 25 जुलाई से नॉन-इंटरलॉकिंग के लिए प्रस्ताव तैयार हुआ। लेकिन यह प्रस्ताव भी फाइलों से बाहर नहीं निकल सका।

बिछने के बाद भी डबल लाइन पर ट्रेनों का संचालन नहीं हो पा रहा। जानकारों का कहना है कि अब सावन के बाद ही एनआइ होगी। एक माह तक श्रावणी मेला स्पेशल ट्रेनों का संचालन होना है।

दरअसल, गोरखपुर-वाल्मीकिनगर रेलमार्ग का दोहरीकरण हो रहा है। दोहरीकरण पांच चरण में पूरा होगा। पहले चरण में कैंट-पिपराइच (16.09 किमी), द्वितीय चरण में पिपराइच-कप्तानगंज (19.72 किमी), तृतीय चरण में कप्तानगंज-सिसवा बाजार (26.16 किमी), चौथे चरण में सिसवा बाजार-पनियहवा (20.87 किमी) तथा पांचवें चरण में पनियहवा-वाल्मीकीनगर (13.10 किमी) का निर्माण कार्य पूरा होना है।

प्रथम चरण का कार्य लगभग पूरा हो चुका है, जिसमें उनौला-पिपराइच नई डबल रेल लाइन की एनआइ हो चुकी है। इस नई लाइन पर ट्रेनें चलनी शुरू हो गई है। द्वितीय चरण में भी रेल लाइन बिछाने, पुल और स्टेशन भवन बनाने का कार्य तेज गति से चल रहा है।

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गोरखपुर कैंट-वाल्मीकीनगर खण्ड (95.95 किमी) के दोहरीकरण के लिए रेल मंत्रालय ने 1120.66 करोड़ की स्वीकृति प्रदान की है। इस रेलमार्ग पर नौ क्रासिंग स्टेशन, तीन हाल्ट स्टेशन, 10 बड़े व 43 छोटे और एक महत्वपूर्ण पुल बनाए जाने हैं। पनियहवा-वाल्मीकिनगर के बीच नारायणी नदी (गंडक) पर रेलवे का 854 मीटर लंबा महत्वपूर्ण पुल बनेगा।