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    गोरखपुर के गोरखनाथ क्षेत्र में बनेगा छह मंजिला आवासीय भवन व गेस्ट हाउस, खर्च होंगे 5.95 करोड़ रुपये

    Updated: Thu, 16 Jul 2026 11:32 AM (IST)

    गोरखनाथ क्षेत्र में नगर निगम 5.95 करोड़ रुपये की लागत से छह मंजिला आवासीय भवन और गेस्ट हाउस का निर्माण कराएगा। यह परियोजना अधिकारियों के आवास और बाहर ...और पढ़ें

    गोरखनाथ मंदिर। जागरण

    गोरखनाथ मंदिर। जागरण

    HighLights

    1. गोरखनाथ में 5.95 करोड़ का छह मंजिला भवन बनेगा।

    2. अधिकारियों के आवास और अतिथियों के लिए गेस्ट हाउस सुविधा।

    3. महापौर और विधान परिषद सदस्य ने परियोजना का शिलान्यास किया।

    जागरण संवाददाता, गोरखपुर। गोरखनाथ क्षेत्र में नगर निगम 5.95 करोड़ रुपये की लागत से छह मंजिला आवासीय भवन और गेस्ट हाउस का निर्माण कराएगा। बुधवार को महापौर डा. मंगलेश श्रीवास्तव और विधान परिषद ने शिलान्यास कर परियोजना के निर्माण की शुरुआत की।

    यह परियोजना 15वें वित्त आयोग से प्राप्त धनराशि से झूलेलाल रैन बसेरे के पास करीब 400 वर्गमीटर भूमि पर विकसित की जाएगी। निर्माण कार्य के लिए प्रशासनिक प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। भवन तैयार होने के बाद नगर निगम के अधिकारियों के लिए आवासीय सुविधा उपलब्ध होगी, वहीं बाहर से आने वाले अधिकारियों और अतिथियों के ठहरने की भी बेहतर व्यवस्था हो सकेगी।

    परियोजना के तहत ग्राउंड प्लस पांच (जी 5) मंजिल का भवन बनाया जाएगा। प्रथम तल को पूरी तरह गेस्ट हाउस के रूप में विकसित किया जाएगा। यहां दो सूट और दो सामान्य अतिथि कक्ष बनाए जाएंगे। सभी कमरों में आवश्यक आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी, ताकि सरकारी कार्य से आने वाले अधिकारी और अतिथि आरामदायक ढंग से ठहर सकें।

    चार मंजिलों पर बनेंगे टाइप-4 फ्लैट
    भवन की दूसरी, तीसरी, चौथी और पांचवीं मंजिल पर नगर निगम के वरिष्ठ अधिकारियों के लिए टाइप-4 श्रेणी के फ्लैट बनाए जाएंगे। प्रत्येक मंजिल पर एक फ्लैट होगा। इस प्रकार भवन में कुल चार आवासीय फ्लैट तैयार किए जाएंगे। भवन में नौ कारों की क्षमता वाली पार्किंग विकसित की जाएगी।

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    इसके अलावा केयरटेकर कक्ष, स्टोर रूम, सबमर्सिबल पंप, आंतरिक जलापूर्ति व्यवस्था, लिफ्ट, फायर अलार्म, फायर फाइटिंग सिस्टम, सेप्टिक टैंक और सोकपिट जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जाएंगी। भवन का डिजाइन सुरक्षा मानकों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है।

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    नगर निगम का मानना है कि परियोजना पूरी होने के बाद अधिकारियों के लिए आवास की समस्या काफी हद तक दूर होगी। साथ ही अन्य जिलों और प्रदेश स्तर से आने वाले अधिकारियों एवं अतिथियों के लिए बेहतर आवासीय व्यवस्था उपलब्ध हो सकेगी, जिससे प्रशासनिक कार्यों के संचालन में भी सुविधा मिलेगी। कार्यक्रम के दौरान नगर आयुक्त अजय जैन, मुख्य अभियंता अमित शर्मा समेत निगम के अन्य अधिकारी मौजूद रहे।