ड्यूटी के साथ पढ़ाई का जुनून: गाजीपुर पुलिस के दो सिपाहियों ने पास की PCS की परीक्षा, बताया सफलता का मंत्र
गाजीपुर के दो आरक्षी अमित पासवान और नंदेश्वर यादव ने पुलिस ड्यूटी के साथ लोवर पीसीएस परीक्षा में सफलता हासिल कर मिसाल कायम की है।

नंदेश्वर यादव और अमित
HighLights
गाजीपुर के दो आरक्षियों ने लोवर पीसीएस परीक्षा पास की।
अमित पासवान और नंदेश्वर यादव ने ड्यूटी के साथ पढ़ाई की।
उनकी सफलता युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बनी।
जागरण संवाददाता, गाजीपुर। वर्दी पहनकर कानून-व्यवस्था की जिम्मेदारी निभाने के साथ किताबों से दोस्ती बनाए रखना आसान नहीं होता। ड्यूटी की व्यस्तता, समय का अभाव और जिम्मेदारियों के बीच गाजीपुर पुलिस के दो आरक्षियों ने अपनी मेहनत और लगन से यह साबित कर दिया कि दृढ़ इच्छाशक्ति हो तो कोई भी लक्ष्य मुश्किल नहीं।
जिले में तैनात आरक्षी अमित पासवान और नंदेश्वर यादव ने लोवर पीसीएस परीक्षा में सफलता हासिल कर पुलिस महकमे का मान बढ़ाया है। दोनों वर्तमान में जेडी अभियोजन कार्यालय में तैनात हैं।
2019 बैच के आरक्षी अमित पासवान का चयन लेखा परीक्षा पद पर हुआ है। वह गोरखपुर जनपद के भरोहिया ब्लॉक क्षेत्र के पीपीगंज के रहने वाले हैं। वहीं 2020 बैच के आरक्षी नंदेश्वर यादव का चयन सहायक लेखाधिकारी के पद पर हुआ है। वह गोरखपुर के गोला ब्लॉक क्षेत्र के शरम गांव के निवासी हैं। दोनों ने पुलिस की नौकरी के साथ प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी जारी रखी और आखिरकार सफलता हासिल की।
ड्यूटी के बाद पढ़ाई को बनाया दिनचर्या का हिस्सा
दोनों आरक्षियों ने बताया कि नौकरी के दौरान तैयारी के लिए समय निकालना चुनौतीपूर्ण था, लेकिन उन्होंने ड्यूटी के बाद मिलने वाले समय का बेहतर उपयोग किया। नियमित अध्ययन, विषयों की तैयारी और लक्ष्य के प्रति निरंतरता ने उन्हें सफलता तक पहुंचाया।
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दोनों ने अपनी उपलब्धि का श्रेय माता-पिता, एसपी डॉ. ईरज राजा और जेडी अभियोजन आनंद पांडेय को दिया। उन्होंने कहा कि परिवार के प्रोत्साहन और अधिकारियों के मार्गदर्शन ने उन्हें आगे बढ़ने की प्रेरणा दी।
मेहनत और अनुशासन से संवारी नई राह
अमित और नंदेश्वर की सफलता उन युवाओं के लिए प्रेरणा है, जो नौकरी या अन्य जिम्मेदारियों के कारण प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी को लेकर हतोत्साहित हो जाते हैं। दोनों ने साबित किया कि सीमित समय में भी अनुशासन और निरंतर मेहनत के बल पर लक्ष्य हासिल किया जा सकता है। पुलिस की जिम्मेदारियों के साथ पढ़ाई कर मुकाम हासिल करने वाले दोनों आरक्षियों की उपलब्धि से सहकर्मियों में भी उत्साह है।

