यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 12, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Ghaziabad News: दोपहर को सोने के बाद उठाने पर नहीं उठा युवक, मौत
Ghaziabad News गाजियाबाद में मंगलवार दोपहर को घर में सोने के तीन घंटे बाद जब युवक को उठाया गया तो वह नहीं उठा। शरीर में कोई हलचल न होने पर स्वजन युवक ...और पढ़ें

HighLights
- ओपीडी में पहुंचे बुखार के 285 और हीट स्ट्रोक के 31 मरीज
- जिला एमएमजी अस्पताल की इमरजेंसी में उल्टी-दस्त के 16 मरीज पहुंचे
- बुखार के मरीजों में 24 बच्चे शामिल
जागरण संवाददाता, गाजियाबाद। मंगलवार दोपहर को घर में सोने के तीन घंटे बाद जब युवक को उठाया गया तो वह नहीं उठा। शरीर में कोई हलचल न होने पर स्वजन युवक को तुरंत जिला एमएमजी अस्पताल की इमरजेंसी में लेकर पहुंचे।
सीएमएस डॉ. राकेश कुमार सिंह ने बताया कि जांच के बाद चिकित्सकों ने उक्त को मृत घोषित कर दिया। सीएमएस के अनुसार विजयनगर के रहने वाले भजनलाल का 38 वर्षीय पुत्र कपिल सोते समय कोमा में चला गया।
उधर गर्मी बढने के साथ ही मंगलवार को जिला एमएमजी अस्पताल की ओपीडी में बुखार के 285 और हीट स्ट्रोक के 31 मरीज पहुंचे। इनमें से 14 को भर्ती कराया गया है। इसके अलावा इमरजेंसी में पहुंचे 67 मरीजों में से उल्टी-दस्त के 17 मरीज पहुंचे। इनमें से 11 मरीजों को भर्ती किया गया।
बुखार के मरीजों में 24 बच्चे शामिल
जिला एमएमजी अस्पताल की ओपीडी में बुखार से तपते हुए 24 बच्चे पहुंचे। इनमें से चार को भर्ती किया गया है। सीएमएस डा.राकेश कुमार सिंह ने बताया कि ओपीडी में पहुंचे कुल 1703 में 797 महिला और 598 पुरुष मरीज शामिल हैं। 308 बीमार बच्चे पहुंचे।
आंखों में खुजली और जलन के 114 मरीज पहुंचे। भर्ती मरीजों की संख्या 116 है। पांच मरीजों को हायर सेंटर रेफर किया गया। संयुक्त अस्पताल की ओपीडी में पहुंचे 920 मरीजों में 412 महिला,319 पुरुष और 52 बीमार बच्चे शामिल हैं।
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सुबह 11 बजे से दोपहर के 4 बजे तक बाहर निकलने से बचें
वरिष्ठ फिजिशियन डॉ. संतराम वर्मा की सलाह है कि बाहर का खाना न खाएं। सुबह 11 बजे से दोपहर के चार बजे तक बाहर निकलने से बचें। जरूरी हो तो छाता लेकर निकलें। सिर पर कैप लगाएं। पानी का खूब सेवन करें। थकावट और बेहोश होने की स्थिति में चिकित्सक से संपर्क जरूर करें। ओआरएस का पैकेट घर में जरूर रखें। ताजे फल और सब्जियों का सेवन करें।
उधर नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. नरेन्द्र की सलाह है कि धूप में निकलने से पहले आंखों की सुरक्षा के लिए चश्मे जरूर लगाएं। धूल से बचाव जरूर करें। बिना चिकित्सक की सलाह के कोई आई ड्राप न डाले। बार बार पानी से धोएं।
वेंटिलेटर चलाने को दिया जाएगा प्रशिक्षण
शासन के निर्देश पर जल्द ही सरकारी अस्पतालों में तैनात चिकित्सक, स्टाफ नर्स और लैब टेक्नीशियन को वेंटिलेटर चलाने के लिए प्रशिक्षण दिया जाएगा। जिला एमएमजी अस्पताल में 15 और संयुक्त अस्पताल में 20 वेंटिलेटर हैं, लेकिन प्रशिक्षित स्टाफ न होने के चलते इनका उपयोग नहीं किया जा रहा है। सीएमएस राकेश कुमार सिंह ने बताया कि प्रशिक्षण के लिए चिकित्सक और स्टाफ नर्स के नाम शासन को भेज दिए गए हैं।